Evergreen Song: हिंदी सिनेमा में कुछ गाने ऐसे होते हैं, जो सालों बाद भी लोगों के दिलों में अपनी जगह बनाए रखते हैं. उनकी धुन सुनते ही पुरानी यादें ताजा हो जाती हैं और लोग उन गीतों को फिर से गुनगुनाने लगते हैं. 90 के दशक का ऐसा ही एक रोमांटिक गाना है ‘तुम्हें अपना बनाने की कसम खाई है’. अनुराधा पौडवाल और कुमार सानू की आवाज में सजे इस गाने को आज भी खूब पसंद किया जाता है लेकिन क्या आप जानते हैं कि इस खूबसूरत गाने को रिकॉर्ड करते समय अनुराधा पौडवाल तेज बुखार से जूझ रही थीं?
102 डिग्री बुखार में स्टूडियो पहुंची थीं अनुराधा
साल 1991 में रिलीज हुई फिल्म ‘सड़क’ का यह गाना उस दौर के सबसे पसंदीदा रोमांटिक गीतों में शामिल रहा. इसकी मधुर धुन और दिल को छू लेने वाले बोल ने इसे प्रेमियों के बीच खास पहचान दिलाई. हालांकि, इस गाने के पीछे की कहानी भी उतनी ही दिलचस्प है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, अनुराधा पौडवाल ने एक इंटरव्यू में बताया था कि गाने की रिकॉर्डिंग के दिन उनकी तबीयत काफी खराब थी. उन्हें 102 डिग्री बुखार था और बिस्तर से उठना तक मुश्किल हो रहा था. इसके बावजूद उन्होंने स्टूडियो जाकर गाना रिकॉर्ड किया.
क्या थी जाने की वजह?
दरअसल, रिकॉर्डिंग के लिए स्टूडियो पहले से बुक था. ऐसे में दोबारा बुकिंग कराने से अतिरिक्त खर्च और नुकसान हो सकता था. इसी वजह से अनुराधा ने खराब सेहत के बावजूद अपनी जिम्मेदारी निभाने का फैसला किया. उनकी मेहनत का नतीजा यह हुआ कि गाना लोगों के दिलों में बस गया.
कुमार सानू की आवाज ने बनाया और खास
‘तुम्हें अपना बनाने की कसम खाई है’ में अनुराधा पौडवाल के साथ कुमार सानू की आवाज भी सुनाई देती है. दोनों गायकों की जुगलबंदी ने इस गीत के रोमांटिक एहसास को और खूबसूरत बना दिया. आज भी यह गाना सुनने वालों को 90 के दशक के संगीत की याद दिलाता है. महेश भट्ट के निर्देशन में बनी फिल्म ‘सड़क’ में संजय दत्त और पूजा भट्ट मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे. फिल्म के संगीत की जिम्मेदारी नदीम-श्रवण ने संभाली थी. इसके गीतों में समीर अनजान, सुरेंद्र सेठी और रानी मलिक का योगदान रहा.
भजनों के साथ बॉलीवुड में भी बनाई पहचान
अनुराधा पौडवाल का संगीत सफर पांच दशक से अधिक समय तक फैला रहा है. भक्ति गीतों के लिए मशहूर होने से पहले ही वह हिंदी फिल्मों में अपनी गायकी का जादू दिखा चुकी थीं. उन्होंने कई ऐसे रोमांटिक गीत गाए, जो आज भी संगीत प्रेमियों की पसंद बने हुए हैं.