तमिल सिनेमा के दिग्गज निर्देशक, निर्माता और स्क्रिप्ट राइटर भारतीराजा का बुधवार को उम्र से जुड़ी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण निधन हो गया. उन्होंने चेन्नई स्थित अपने घर पर अंतिम सांस ली. वह 84 वर्ष के थे. उन्होंने अपने करियर में कई राष्ट्रीय पुरस्कार भी जीते. उन्हें साल 1977 में रिलीज हुई अपनी पहली निर्देशित फिल्म ’16 वयथिनिले’ से बड़ी पहचान मिली थी, जिसने उन्हें तमिल सिनेमा के शीर्ष निर्देशकों में शामिल कर दिया.
बेटे के निधन के बाद से रह रहे थे बीमार
मार्च 2024 में 48 वर्ष की आयु में हार्ट अटैक से उनके बेटे, अभिनेता मनोज भारतीराजा के निधन के बाद से उनका स्वास्थ्य लगातार बिगड़ता जा रहा था. मनोज की मृत्यु और अंतिम संस्कार के दृश्यों में टूट चुके भारतीराजा को इस क्षति से उबरने के लिए संघर्ष करते हुए दिखाया गया था. पिछले साल दिसंबर में, भारतीराजा को कथित तौर पर सांस लेने में तकलीफ , जिसमें घरघराहट भी शामिल है, के बाद चेन्नई के टी नगर स्थित एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था.
कई फिल्मों का किया निर्देशन
साल 1977 में फिल्म ’16 वयाथिनिले’ के साथ भारतीराजा ने निर्देशन करियर में शुरुआत की. उन्होंने 40 से अधिक फिल्मों का निर्देशन किया और चार दशकों से अधिक समय तक उन्हें ‘इयाकुनार इम्मयम’ के नाम से जाना जाता रहा. एक निर्देशक के रूप में उनकी सबसे प्रसिद्ध फिल्मों में ‘किझाके पोगम रेल’ , ‘सिगप्पु रोजक्कल’ , ‘अलैगल ओइवाथिल्लई’ , ‘काधल ओवियाम’ और ‘मुधल मारियाथाई’ शामिल हैं.
कौन सी थी आखिरी फिल्म?
भारतीराज ने कई फिल्मों में भी काम किया है. उन्होंन आखिरी बार साउथ सुपरस्टार मोहनलाल की फिल्म ‘थूडरम’ में काम किया था. उनकी अप्रकाशित फिल्म ‘पुलावर’ एक अभिनेता के रूप में उनकी आखिरी फिल्म होगी. उनके अन्य अभिनय क्रेडिट में ‘अयुथा एझुथु’ , ‘पांडियानाडु’ , ‘ईश्वरन’ , ‘थिरुचित्रमबलम’ और ‘महाराजा’ शामिल है.
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