Personality Rights: एआई द्वारा बनाए गए फर्जी और अनुचित वीडियो सेलिब्रिटीज के नाम और छवि को नुकसान पहुंचाते हैं. इसके साथ ही आवाज़ का दुरुपयोग करके उनकी प्रतिष्ठा तथा आर्थिक हितों को भी नुकसान पहुंचाया जाता है.
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Personality Rights: पर्सनैलिटी राइट्स (व्यक्तित्व अधिकार) का चलन बढ़ता जा रहा है. फिलहाल बॉलीवुड, ग्लैमर और स्पोर्ट्स से जुड़े सेलिब्रेटीज पर्सनैलिटी राइट्स के लिए कोर्ट का रुख कर रहे हैं. इसकी शुरुआत सदी के महानायक अमिताभ बच्चन ने की थी. वर्ष 20222 में अमिताभ बच्चन ने दिल्ली हाई कोर्ट का रुख किया था. यह मामला अमिताभ बच्चन बनाम राजत नागी (2022) से चर्चित है. सुनवाई या कहें फैसला देते समय कोर्ट ने साफतौर पर कहा था कि किसी सेलिब्रिटी पहचान का व्यावसायिक इस्तेमाल कहीं से भी सही नहीं है.
अमिताभ बच्चन के बाद बॉलीवुड से जुड़े दिग्गज एक्टर अनिल कपूर, सलमान खान, ऐश्वर्या राय, अक्षय कुमार जैसे कई सितारों ने अपने पर्सनैलिटी राइट्स की सुरक्षा के लिए कोर्ट का रुख किया. इन सभी को कोर्ट से राहत मिली और कंपनियों समेत लोगों को भी निर्देश दिया गया कि यह गलत है और इस पर रोक लगे. अब इस कड़ी में सलमान खान और पूर्व क्रिकेटर और नामी कॉमेंट्रेटर सुनील गावस्कर का भी नाम जुड़ गया है. सुनील गावस्कर ने भी कोर्ट का रुख कर पर्सनैलिटी राइट्स के लिए आदेश देने के लिए गुजारिश की है.
सभी कलाकारों और स्पोर्ट्स पर्सनैलिटी ने दुरुपयोग की आशंका जाहिर करते हुए पर्सनैलिटी राइट्स के लिए कोर्ट का रुख किया है. सेलिब्रिटीज ऐसा क्यों कर रहे हैं? इसके बारे में भी जानना जरूरी है. दरअसल, व्यक्तित्व अधिकार (Celebrity Personality Rights) एक कानूनी अधिकार है. इसके तहत फेमस सेलिब्रिटी को नाम, तस्वीर, आवाज़, हस्ताक्षर और हाव-भाव जैसी विशिष्ट पहचान के अनधिकृत व्यावसायिक उपयोग से खतरा होता है. पर्सनैलिटी राइट्स से सेलिब्रिटी नकली विज्ञापन, डीपफेक, या माल से भी बचता है.
कई बार लोग सेलिब्रिटी की फोटो लगाकर कारोबार शुरू कर देते हैं या फिर अपनी दुकान और शोरूम के बाहर ऐसी तस्वीरें लगा देते हैं, जिनसे लोगों को भावनात्मक रूप से ललचाया जा सके. इससे ना केवल सेलिब्रिटीज की छवि को नुकसान पहुंचता है, बल्कि इससे व्यावसायिक रूप से नुकसान होता है. कानूनी नजरिये से समझे तो भारतीय संविधान (अनुच्छेद 21) और कॉपीराइट, ट्रेडमार्क जैसे कानून मदद करते हैं.
पर्सनैलिटी राइट्स पर कोर्ट के आदेश के बाद कोई व्यक्ति या कंपनी बिना सेलिब्रिटी की इजाजत के उसकी पहचान का इस्तेमाल नहीं कर सकेगी. नकली विज्ञापन, सामान बेचने, या सोशल मीडिया प्रोफाइल भी नहीं बना सकेगी. आर्थिक नुकसान से बचाव होगा, क्योंकि नकली विज्ञापनों से होने वाले आर्थिक नुकसान को रोकना बहुत आसान हो जाएगा. कुछ लोग गलत जानकारी या अश्लील सामग्री से बनी डीपफेक से छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करते हैं. ऐसे में पर्सनैलिटी राइट्स एक तरह से कानूनी सुरक्षा कवच की तरह काम करेगा.
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