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Gandhi Talks: बिना डायलॉग और भावनाओं से बनी साइलेंट फिल्म गांधी टॉक्स की रिलीज डेट आई सामने, खामोशी ने हिला डाली इंडस्ट्री!

Gandhi Talks: साल की शुरुआती महीने में आपके लिए एक बेहतरीन मूवी देखने को मिलने वाली है. जी हां, हम बात कर रहे हैं गांधी टॉक्स की. इस फिल्म में कोई डायलॉग नहीं है बल्कि यह एक मूक फिल्म है.

Gandhi Talks: दर्शकों के लिए अब इंतजार की घड़ी खत्म हो चुकी है और ‘गांधी टॉक्स’ की रिलीज डेट सामने आ गई है. जी स्टूडियोज ने अपनी महत्वाकांक्षी और अनोखी फिल्म ‘गांधी टॉक्स’ को लेकर जानकारी साझा करते हुए बताया कि फिल्म इसी साल रिलीज होगी. इस फिल्म में एक्टर विजय सेतुपति की दमदार एक्टिंग देखने को मिलेगी. फिल्म ‘गांधी टॉक्स’ 30 जनवरी को सिनेमाघरों में आएगी. यह मूवी आपके लिए मूक फिल्म का टच देगी. मतलब ‘गांधी टॉक्स’ एक साइलेंट फिल्म है, जिसमें कोई डायलॉग नहीं होगा. इस मूवी को हाव-भाव और भावनाओं के जरिए प्रस्तुत किया जाएगा.

बिना डायलॉग की है फिल्म

दर्शकों में यह उत्सुकता बनी हुई है कि आखिर बिना कुछ डायलॉग के फिल्म कैसी होगी. फिल्म में विजय सेतुपति के साथ मुख्य भूमिकाओं में अरविंद स्वामी, अदिति राव हैदरी के साथ सिद्धार्थ जाधव भी नजर आने वाले हैं. ये सभी एक्टर्स बिना कुछ बोले अपने किरदारों को जीवंत करेंगे. विजय सेतुपति और अरविंद स्वामी साइलेंट एक्टिंग से दर्शकों का दिल जीतने की कोशिश करेंगे. फिल्म की संगीत को ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने तैयार किया है. डायलॉग न होने की वजह से रहमान के संगीत की अहम भूमिका मानी जा रही है. यह संगीत भावनाओं को व्यक्त कर दर्शकों को कहानी से जोड़े रखेगा.

क्या है गांधी टॉक्स की कहानी?

गांधी टॉक्स एक साइलेंट ब्लैक कॉमेडी है,. व्यक्ति की आर्थिक जरूरतों और उसके आसपास के लोगों पर पड़ने वाले प्रभाव को दर्शाया गया है. कहानी महादेव नाम के एक युवा, बेरोजगार ग्रेजुएट की है, जो किसी भी तरह नौकरी पाने के लिए बेताब है. कहानी में, खामोशी शब्दों से कहीं ज्यादा असरदार है. साइलेंट फिल्‍म होने के कारण फिल्‍म में संगीत और हावभाव से ही पूरी कहानी कही जानी है. टीजर के साथ लिखा है, “उनकी खामोशी ने एक साम्राज्य को हिला दिया. उनकी पुण्यतिथि पर यह मूक फिल्म खामोशी से हमें बापू के विचारों की याद दिलाती है. टीजर के साथ ही फिल्म की रिलीज डेट भी घोषित कर दी गई.

शुरुआत में नायक नोटों पर छपी गांधी की छवि पर प्रतिक्रिया करता है, लेकिन बाद में वह अपने हृदय में बसे गांधी (गांधी के आदर्शों) पर प्रतिक्रिया करने लगता है. यही वह विरोधाभास है जिसे फिल्म दर्शाती है.” सेतुपति के फैंस इस मूवी का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं. उनके अंजर मूवी को लेकर एक्साइटमेंट बना हुआ है. देखना होगा कि फिल्म कितना असर छोड़ती है.

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