<
Categories: मनोरंजन

संघर्ष से सुपरस्टार तक: गोविंदा की शुरुआती जिंदगी, रिजेक्शन और मेहनत की वो कहानी जो बहुत कम लोग जानते हैं

Govinda Unknown Facts: बॉलीवुड के चहेते एक्टर और सबसे अच्छे डांसर में से एक गोविंदा का जन्म 21 दिसंबर 1963 को हुआ था. गोविंदा आज अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं. आइए जानते हैं गोविंदा के बारे में कुछ अनकही बातें.

Govinda Struggle Story: बॉलीवुड के चहेते एक्टर और सबसे अच्छे डांसर में से एक गोविंदा का जन्म 21 दिसंबर 1963 को हुआ था. गोविंदा आज अपना 62वां जन्मदिन मना रहे हैं. 80 और 90 के दशक में हिंदी सिनेमा पर राज करने वाले गोविंदा ने अपनी कॉमेडी टाइमिंग, शानदार डांस मूव्स और दमदार एक्टिंग से दर्शकों के दिलों में खास जगह बनाई. हालांकि वह एक फिल्मी परिवार से थे, लेकिन उनका सफर आसान नहीं था. गरीबी, संघर्ष और कड़ी मेहनत का सामना करने के बाद गोविंदा सुपरस्टार बने.

गोविंदा के पिता, अरुण कुमार आहूजा, अपने समय के जाने-माने एक्टर थे और उन्होंने कई फिल्मों में काम किया था. उनकी मां, निर्मला देवी, एक क्लासिकल सिंगर थीं और फिल्मों के लिए गाने गाती थीं. फिल्मी माहौल में बड़े होने के बावजूद, गोविंदा के लिए इंडस्ट्री में अपनी जगह बनाना आसान नहीं था. परिवार की आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थी, और उन्होंने अपने बचपन में कई मुश्किलों का सामना किया.

सबसे अच्छे डांसर में शुमार

बॉलीवुड एक्टर गोविंदा को इंडस्ट्री के सबसे अच्छे डांसर में से एक माना जाता है. उनके चेहरे के हाव-भाव और डांस मूव्स कमाल के हैं. लेकिन क्या आप जानते हैं कि जब गोविंदा स्ट्रगल कर रहे थे, तो मशहूर बॉलीवुड कोरियोग्राफर सरोज खान ने उनसे बिना कोई फीस लिए उन्हें डांस सिखाया था?

सरोज खान ने बताया इंटरव्यू में दी जानकारी

सरोज खान ने एक इंटरव्यू में बताया कि जब गोविंदा उनके पास आए, तो उन्होंने कहा,  मेरे पास आपकी फीस देने के लिए पैसे नहीं हैं. तब सरोज खान ने जवाब दिया, क्या मैंने तुमसे कोई फीस मांगी है? इसके बाद गोविंदा ने उनसे डांस सीखा.

गोविंदा ने दी गुरु दक्षिणा

सरोज खान ने बताया कि एक दिन एक 10 साल का लड़का उनके पास आया और उन्हें एक लिफाफा दिया. वह स्टूडियो के बाहर बैठी थीं. लड़के ने उनसे पूछा, “क्या आप सरोज खान हैं? और जब उन्होंने हाँ कहा, तो उसने उन्हें लिफाफा देते हुए कहा, यह चि चि भैया (गोविंदा) की तरफ से है. लिफाफे पर गुरु दक्षिणा लिखा था और उसमें 24,000 रुपये थे, साथ ही एक नोट भी था जिस पर लिखा था, अब मैं दे सकता हूं, गुरु दक्षिणा. गोविंदा ने उस समय सरोज खान को अपनी डांस एकेडमी खोलने में मदद की थी.

सरोज खान के इलाज के लिए चार लाख रुपये

फिल्म देवदास की शूटिंग के दौरान, जब सरोज खान “डोला रे डोला” गाने की कोरियोग्राफी कर रही थीं, तो वह बहुत बीमार पड़ गईं. डॉक्टरों ने तो यहां तक कह दिया था कि शायद वह बच न पाएं. उस समय, गोविंदा ने सरोज खान की सबसे बड़ी बेटी को एक लिफाफा दिया और उससे कहा कि सरोज जी से कहना कि उनका बेटा आया है. उस लिफाफे में सरोज खान के इलाज के लिए चार लाख रुपये थे, जिससे उनकी जान बचाने में मदद मिली. गुरु दक्षिणा के तौर पर, गोविंदा ने सरोज खान की डांस एकेडमी और उनके मेडिकल इलाज के लिए पैसे दिए. सरोज खान बॉलीवुड की एक शानदार कोरियोग्राफर थीं, और उनका जुलाई 2020 में निधन हो गया.

इस फिल्म ने उन्हें रातों-रात स्टार बना दिया

गोविंदा ने 1986 में फिल्म ‘लव 86’ से एक्टिंग की दुनिया में कदम रखा. यह फिल्म सुपरहिट साबित हुई और गोविंदा रातों-रात स्टार बन गए. इसके बाद उन्हें फिल्मों के ऑफर मिलने लगे. कम उम्र में ही उन्होंने एक साथ 70 से ज्यादा फिल्में साइन कर लीं. गोविंदा ने खुद बताया कि एक समय ऐसा था जब वह लगातार 16 दिनों तक ठीक से सो नहीं पाए थे. ज़्यादा काम के बोझ की वजह से उनकी सेहत खराब हो गई और उन्हें हॉस्पिटल में भी भर्ती होना पड़ा.

गोविंदा और सुनीता आहूजा

गोविंदा और उनकी पत्नी सुनीता आहूजा अपने रिश्ते की वजह से अक्सर खबरों में रहते हैं. ऐसी कई रिपोर्ट्स आई हैं जिनमें कहा गया है कि यह कपल तलाक ले सकता है, हालांकि उन्होंने हर बार इन अफवाहों को गलत बताया है. अब, सुनीता आहूजा ने खुलासा किया है कि वह अपने पति गोविंदा के साथ नहीं रहती हैं.

राजनीति ने उनके फिल्मी करियर को डुबो दिया

जब भी बॉलीवुड में डांस और कॉमेडी की बात होती है, तो सबसे पहला नाम गोविंदा का आता है. 80 और 90 के दशक में गोविंदा का चार्म इतना जबरदस्त था कि बड़े-बड़े सुपरस्टार भी उनके सामने फीके पड़ जाते थे. लेकिन 2004 में, एक्टर ने राजनीति में कदम रखा. उन्होंने कांग्रेस पार्टी से नॉर्थ मुंबई का चुनाव जीता, जिसके बाद उनका फिल्मी करियर धीरे-धीरे खत्म होने लगा. गोविंदा ने खुद माना कि राजनीति में आने की वजह से वह फिल्मों से दूर हो गए.

Shivashakti narayan singh

मूल रूप से चन्दौली जनपद के निवासी शिवशक्ति नारायण सिंह ने इलाहाबाद विश्वविद्यालय से मास कम्युनिकेशन की पढ़ाई की है. वर्तमान में वे इंडिया न्यूज़ के साथ कार्यरत हैं. एस्ट्रो (ज्योतिष) और लाइफ़स्टाइल विषयों पर लेखन में उन्हें विशेष रुचि और अनुभव है. इसके अलावा हेल्थ और पॉलिटिकल कवरेज से जुड़े मुद्दों पर भी वे नियमित रूप से लेखन करते हैं.तथ्यपरक, सरल और पाठकों को जागरूक करने वाला कंटेंट तैयार करना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है.डिजिटल मीडिया में विश्वसनीय और प्रभावी पत्रकारिता को लेकर वे निरंतर अभ्यासरत हैं.

Recent Posts

राजा रघुवंशी के जिगरी दोस्त ने मौत को गले लगाया, साले के घर में संदिग्ध हालात में मिला शव, उठ रहे कई सवाल

Raja Raghuvanshi friend death: इंदौर में राजा रघुवंशी के करीबी दोस्त अर्पित चौहान की अचानक…

Last Updated: October 3, 2026 23:28:58 IST

यूपी चुनाव से पहले BJP की नई मीडिया टीम का ऐलान, 60 पदों पर नियुक्तियां, किसे मिली कौन सी जिम्मेदारी?

UP BJP New Media Team: उत्तर प्रदेश में 2027 विधानसभा चुनाव से पहले बीजेपी ने…

Last Updated: October 3, 2026 23:09:37 IST

8th-pay-commission: 8वां वेतन आयोग में देरी हुई तो Level-7 कर्मचारियों को कितना नुकसान? समझें पूरा गणित

8th-pay-commission: 8वें वेतन आयोग की रिपोर्ट के लिए आयोग को 18 महीने का समय दिया…

Last Updated: October 3, 2026 22:45:42 IST

अमृतसर में सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर मैड संधू की हत्या, बाइक सवार हमलावरों ने बरसाईं गोलियां, पुलिस को मिले सुराग

Amritsar Mad Sandhu murder: अमृतसर के लोहारका रोड पर सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर और मेकअप आर्टिस्ट…

Last Updated: October 3, 2026 21:30:08 IST

Hockey Gold Medal: मलेशिया की टीम हुई चारों खाने चित, भारत ने 5-1 से जीता GOLD, 2028 ओलंपिक का टिकट भी पक्का

Hockey Gold Medal: भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने एशियन गेम्स 2026 के फाइनल में मलेशिया…

Last Updated: October 3, 2026 20:52:37 IST