मशहूर गेमर पायल धारे का 19 मिनट का फर्जी Deepfake वीडियो वायरल करने वाला आरोपी अभिषेक जाधव Arrested हो गया है. आरोपी ने AI का गलत इस्तेमाल कर अश्लील कंटेंट बनाया था, जिसके लिए उसने अब सार्वजनिक रूप से Apology मांगी है. साइबर पुलिस ने इस Controversy में सख्त कानूनी कार्रवाई की है.
viral video
Viral Video : गेमिंग की दुनिया की मशहूर हस्ती पायल धारे, जिन्हें उनके फैंस पायल गेमिंग के नाम से जानते है, पिछले कुछ हफ्तों से एक गंभीर विवाद का सामना कर रही थी. अब इस मामले में एक बड़ा अपडेट सामने आया है, पुलिस ने फर्जी वीडियो वायरल करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उसने सार्वजनिक रूप से माफी भी मांगी है.
दिसंबर 2025 के मध्य में सोशल मीडिया (विशेषकर टेलीग्राम और X) पर एक 19 मिनट का आपत्तिजनक वीडियो वायरल हुआ था. दावा किया जा रहा था कि इस वीडियो में दिख रही लड़की पायल गेमिंग है. वीडियो के वायरल होते ही इंटरनेट पर हंगामा मच गया और लोग 'पायल गेमिंग दुबई लीक' जैसे कीवर्ड्स सर्च करने लगे.
पायल ने खुद सामने आकर बताया सच इस घटना के बाद पायल धारे ने हिम्मत दिखाते हुए सोशल मीडिया पर एक बयान जारी किया. उन्होंने स्पष्ट किया कि वीडियो में दिख रही लड़की वह नहीं है. उन्होंने बताया कि यह वीडियो AI (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) की मदद से बनाया गया एक 'डीपफेक' है, जिसमें तकनीक का इस्तेमाल कर उनका चेहरा किसी और के शरीर पर लगाया गया था. पायल ने इसे अपनी छवि खराब करने की एक 'अमानवीय' कोशिश बताया.
पुलिस एक्शन और आरोपी की गिरफ्तारी पायल ने महाराष्ट्र साइबर सेल में इस मामले की शिकायत दर्ज कराई थी. जनवरी 2026 में पुलिस ने तकनीकी जांच और फॉरेंसिक टूल्स की मदद से वीडियो के डिजिटल फूटप्रिंट्स का पीछा किया. 11-12 जनवरी 2026 को महाराष्ट्र साइबर पुलिस ने इस मामले में पहली गिरफ्तारी की. आरोपी की पहचान अभिषेक जाधव के रूप में हुई है, जिसने 'dobiga' नाम की इंस्टाग्राम आईडी से इस कंटेंट को फैलाया था.
आरोपी की सार्वजनिक माफी गिरफ्तारी के बाद आरोपी अभिषेक जाधव ने अपनी गलती स्वीकार की है. पुलिस की मौजूदगी में उसने एक वीडियो जारी किया जिसमें वह हाथ जोड़कर पायल गेमिंग और उनके परिवार से माफी मांगता नजर आ रहा है. उसने स्वीकार किया कि उसने व्यूज और प्रसिद्धि के चक्कर में AI का गलत इस्तेमाल कर इस फर्जी वीडियो को बनाया और साझा किया था.
साइबर कानून और सजा पुलिस ने चेतावनी दी है कि ऐसे वीडियो बनाना और शेयर करना IT एक्ट की धारा 67 के तहत अपराध है. इसमें पहली बार पकड़े जाने पर 3 साल की जेल और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है. महाराष्ट्र साइबर सेल ने उन सभी लोगों पर नजर रखने की बात कही है जो अब भी इस लिंक को शेयर कर रहे है.
पायल गेमिंग ने पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई के लिए आभार व्यक्त किया है. उन्होंने अन्य लड़कियों को भी संदेश दिया कि वे ऐसे साइबर अपराधों के खिलाफ आवाज उठाएं और डरें नहीं .
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