Nana Patekar: नाना पाटेकर के जाने की खबर ने उनके चाहने वालों को भीतर तक झकझोर दिया है. पर्दे पर अपनी दमदार आवाज और बेबाक अंदाज से लोगों के दिलों में जगह बनाने वाले नाना अब सिर्फ यादों में हैं. उनके निधन के बाद उनसे जुड़ी पुरानी यादें भी सामने आ रही हैं, जो बताती हैं कि कैमरे के सामने बेहद रौबदार नजर आने वाले नाना असल जिंदगी में कितने दरियादिल और जमीन से जुड़े इंसान थे.
सेलिब्रिटी फोटोग्राफर अतुल कासबेकर ने नाना पाटेकर के निधन के बाद सोशल मीडिया पर एक लंबी और भावुक पोस्ट लिखी. इस पोस्ट में उन्होंने नाना को सिर्फ एक शानदार एक्टर नहीं बल्कि ऐसा इंसान बताया, जिसकी मौजूदगी किसी भी जगह को खास बना देती थी. अतुल ने बताया कि नाना से उनकी मुलाकातें भले ही बहुत ज्यादा नहीं होती थीं लेकिन हर मुलाकात में ऐसा अपनापन महसूस होता था जैसे दोनों कल ही मिले हों.
फोटोशूट करने गए थे अतुल
अतुल के लिए नाना की सबसे खास यादों में से एक वह वक्त है, जब उन्होंने अपनी प्रदर्शनी ‘ऑनेस्ट: पोर्ट्रेट्स ऑफ कैरेक्टर’ के लिए नाना का फोटोशूट किया था. नाना ने खुद अतुल को पुणे के पास अपने फार्म पर बुलाया था. वहां पहुंचने पर भी नाना का अंदाज बिल्कुल अलग था. उन्होंने सबसे पहले यह पूछा कि कितने लोग आए हैं. वजह सुनकर अतुल भी हैरान रह गए. नाना इस बात की चिंता कर रहे थे कि लंच में सभी के लिए पर्याप्त खाना हो.
हाथों से परोसा खाना
फिर जो हुआ, वह नाना के व्यक्तित्व की एक अलग तस्वीर पेश करता है. असिस्टेंट से लेकर स्पॉट बॉय और ड्राइवर तक सभी को उन्होंने अपने साथ बैठाकर खाना खिलाया. इतना ही नहीं, नाना खुद घूम-घूमकर लोगों को रोटियां और अपना मशहूर मटन परोस रहे थे. अतुल ने इसे नाना की असाधारण दरियादिली बताया.
दिखाया अंतिम संस्कार का सामान
इसी मुलाकात के दौरान एक किस्सा ऐसा भी हुआ, जिसे अतुल शायद जिंदगी भर नहीं भूल पाएंगे. नाना ने उन्हें अपनी प्रॉपर्टी दिखाई और जिम में बिना किसी तैयारी के ट्राइसेप डिप्स करके अपना अलग ही अंदाज दिखाया. इसके बाद उन्होंने अतुल को लकड़ियों का एक ढेर दिखाया और बताया कि इसे उन्होंने अपने अंतिम संस्कार के लिए तैयार करके रखा है.
बताया कारण
नाना ने मजाकिया अंदाज में इसकी वजह भी बताई. उनका कहना था कि लकड़ियां सूखी होनी चाहिए क्योंकि गीली लकड़ियों से धुआं निकलता है. वह नहीं चाहते थे कि उनके अंतिम संस्कार में लोग धुएं की वजह से आंखों में आंसू आने को उनके जाने का गम समझें.
अपनी मौत की बात को बनाया कॉमेडी
अतुल ने अपनी पोस्ट में लिखा कि शायद नाना पाटेकर ही ऐसे इंसान थे, जो अपने अंतिम संस्कार जैसी गंभीर बात को भी कॉमेडी में बदल सकते थे. उन्होंने नाना को एक जबरदस्त एक्टर, एक पीढ़ी की आवाज और प्रभावशाली व्यक्तित्व वाला इंसान बताया. पोस्ट की सबसे भावुक बात आखिर में सामने आती है. अतुल ने कहा कि उन्हें नाना के पोर्ट्रेट बनाने पर गर्व है लेकिन उससे कहीं ज्यादा खुशी उन बातचीत, हंसी-मजाक और साथ बिताए पलों की है. नाना की विदाई ने उन यादों को और भी कीमती बना दिया है.