Nana Patekar son: दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के बेटे मल्हार पाटेकर भी फिल्म इंडस्ट्री से जुड़े हुए हैं, लेकिन उन्होंने अपने पिता की तरह लोकप्रियता और स्टारडम के बजाय सादगी भरी जिंदगी को प्राथमिकता दी. मल्हार बतौर अभिनेता काम कर चुके हैं और सहायक निर्देशक के तौर पर भी फिल्मी प्रोजेक्ट का हिस्सा रहे हैं. इसके अलावा उन्होंने अपने पिता को समर्पित ‘नाना साहेब प्रोडक्शंस’ नाम से प्रोडक्शन हाउस बनाया और सामाजिक कार्यों से भी जुड़े हुए हैं.
नाना की तरह बेटे ने भी चुनी सादगी
नाना पाटेकर का नाम भारतीय सिनेमा के उन कलाकारों में शामिल है, जिन्होंने अपनी अलग पहचान अभिनय के दम पर बनाई. उनके बेटे मल्हार पाटेकर भी फिल्मी परिवार से होने के बावजूद लगातार सुर्खियों में बने रहने से दूर रहते हैं. मल्हार की जिंदगी में फिल्म इंडस्ट्री की मौजूदगी जरूर है, लेकिन उनकी जीवनशैली काफी साधारण बताई जाती है. वह फिल्मी पार्टियों और मीडिया की चकाचौंध से दूरी बनाए रखना पसंद करते हैं.
बचपन में ही फिल्मों से जुड़ गया था नाता
मल्हार पाटेकर ने फिल्मी दुनिया में अपने सफर की शुरुआत बचपन में ही कर दी थी. उन्होंने ‘प्रहार: द फाइनल अटैक’ में बतौर अभिनेता काम किया था. इसके बाद वह ‘लिटिल गॉडफादर’ में भी नजर आए. यानी कैमरे के सामने आने का अनुभव उन्हें काफी कम उम्र में मिल गया था. हालांकि, आगे चलकर उन्होंने अभिनय के साथ फिल्म निर्माण के दूसरे पहलुओं में भी अपनी रुचि दिखाई.
सहायक निर्देशक के तौर पर भी किया काम
मल्हार ने सिर्फ अभिनय तक खुद को सीमित नहीं रखा. उन्होंने राम गोपाल वर्मा की फिल्म ‘द अटैक्स ऑफ 26/11’ में सहायक निर्देशक के तौर पर भी काम किया. इससे साफ है कि उनका जुड़ाव फिल्म इंडस्ट्री से केवल एक अभिनेता के रूप में नहीं रहा. उन्होंने कैमरे के पीछे की जिम्मेदारियों को भी समझने और फिल्म निर्माण के दूसरे पहलुओं में काम करने की कोशिश की.
पिता के नाम पर बनाया अपना प्रोडक्शन हाउस
मल्हार पाटेकर ने अपने पिता को समर्पित ‘नाना साहेब प्रोडक्शंस’ नाम से प्रोडक्शन हाउस भी बनाया है. यह उनके पिता के प्रति सम्मान और फिल्मी विरासत से उनके जुड़ाव को दिखाता है. फिल्मी परिवार से आने के बावजूद मल्हार ने अपनी पहचान को बहुत ज्यादा ग्लैमरस बनाने की कोशिश नहीं की. उनका फोकस पर्दे के पीछे के काम और अपने रुचि के क्षेत्रों पर भी रहा है.
किसानों की मदद से भी जुड़े हैं मल्हार
मल्हार पाटेकर सामाजिक कामों में भी सक्रिय रहे हैं. वह अपने पिता की तरह NAAM Foundation से जुड़े हुए हैं. इस संस्था के जरिए सूखे से प्रभावित किसानों की मदद से जुड़े कामों को संभालने और उनका समर्थन करने की बात सामने आती रही है. इस काम के जरिए मल्हार की दिलचस्पी सिर्फ सिनेमा तक सीमित नहीं दिखती. वह सामाजिक सरोकारों से जुड़े कामों में भी हिस्सा लेते हैं.
स्टार किड होने के बावजूद लाइमलाइट से दूरी
अक्सर फिल्मी सितारों के बच्चों की जिंदगी मीडिया और सोशल मीडिया के केंद्र में रहती है, लेकिन मल्हार पाटेकर का मामला इससे अलग है. वह सार्वजनिक चर्चाओं और फिल्मी पार्टियों की चमक-दमक से दूर रहना पसंद करते हैं. नाना पाटेकर के बेटे होने के बावजूद मल्हार ने अपनी पहचान को पिता की लोकप्रियता के सहारे आगे बढ़ाने के बजाय अपेक्षाकृत निजी रखा है. यही वजह है कि उनके बारे में बहुत ज्यादा जानकारी सार्वजनिक मंच पर नजर नहीं आती.
फिल्मों से लेकर समाजसेवा तक अलग राह
मल्हार पाटेकर की कहानी बताती है कि फिल्मी परिवार में जन्म लेना जरूरी नहीं कि व्यक्ति को लगातार कैमरे और लाइमलाइट के बीच ही रखे. अभिनय, निर्देशन और प्रोडक्शन से जुड़ने के साथ उन्होंनेसामाजिक कार्यों में भी अपनी जगह बनाई है. पिता नाना पाटेकर की तरह मल्हार भी सादगी और काम को प्राथमिकता देते नजर आते हैं. यही वजह है कि फिल्मी दुनिया से जुड़े होने के बावजूद उनकी जिंदगी आम स्टार किड्स की छवि से काफी अलग दिखाई देती है.