Sanjay Leela Bhansali Family: बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर संजय लीला भंसाली ने अपने नाम में मां का नाम शामिल किया. इसको लेकर एक इंटरव्यू में संजय लीला भंसाली ने बताया था कि पिता शराबी थे, जिसकी वजह से उनके पिता से लगातार उनका तनाव रहता था. मां के द्वारा किए गए कामों की वजह से उन्होंने अपने नाम में अपनी मां का नाम जोड़ा.
संजय लीला भंसाली ने क्यों अपनाया मां का नाम?
Sanjay Leela Bhansali Birthday: बॉलीवुड के मशहूर डायरेक्टर संजय लीला भंसाली का आज जन्मदिन है. संजय लीला भंसाली का जन्म मुंबई में 24 फरवरी, 1963 को हुआ था. अगर आप उनके नाम पर गौर करेंगे तो देखेंगे कि उनके नाम में उनकी मां का नाम लगा हुआ है. इसको लेकर उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि मेरा पक्का यकीन है कि आप वो जिंदगी चुनते हैं. जहां आप पैदा होना चाहते हैं, क्योंकि कुछ बनने के लिए आपको उससे गुजरना पड़ता है, इसलिए मैंने वो जिंदगी चुनी है जहां मैं पैदा होना चाहता था और फिर वो सब झेला जो मुझे अपने माता-पिता के साथ सहना पड़ा ताकि मुझे आखिरकार एहसास हो कि मैं इन सबका इस्तेमाल किसी न किसी तरह से अपने काम में कर रहा हूं.
भंसाली ने कहा कि मैं इसे जाहिर कर रहा हूं, इसलिए मेरे लिए मेरा काम एक तरह से सुकून देने वाला है. यह उन सभी चीजों से खुद को साफ कर रहा है जो मैंने देखी हैं और जिनसे गुजरा हूं और भगवान का शुक्र है कि मैं एक फिल्ममेकर हूं. क्योंकि मैं उन अलग-अलग भावनाओं को जाहिर कर पाता हूं और उनमें से एक है पिता-बेटे का रिश्ता या सभी पिता-पुत्रों की तरह रिश्ते हमेशा तनावपूर्ण होते हैं. वे दोस्ताना भी होते हैं, लेकिन हमेशा राय में अंतर होता है और यही किरदारों को बनाता है.
जानकारी के अनुसार, भंसाली के पिता शराबी थे और लिवर सिरोसिस के कारण उनकी मौत हो गई थी और इसलिए बड़े होते हुए भंसाली और उनके पिता के बीच तनाव था. इतना कि भंसाली ने पिता का नाम लेने के बजाय अपनी मां का मिडिल नेम भी अपना लिया. ऐसा करने के लिए पीछे के कारणों के बारे में भंसाली ने पहले एक इंटरव्यू में बताया था कि यह उनका आभार दिखाने और अपनी मां को उनके लिए किए गए सभी कामों के लिए धन्यवाद देने का उनका तरीका था. और इसलिए यह उनकी मां के लिए एक छोटी सी कोशिश करने का उनका तरीका था.
संजय लीला भंसाली का जन्म 24 फरवरी, 1963 को साउथ मुंबई के भुलेश्वर की एक चॉल में नवीन भंसाली और लीला भंसाली के घर हुआ था. संजय ने एक बार एक इंटरव्यू में कहा था कि मैं खुद को खुशकिस्मत मानता हूं कि मैं ऐसे घर में पैदा हुआ जहां कोई सुख-सुविधाएं नहीं थीं. मैं 300 स्क्वायर फुट की चॉल में पैदा हुआ था. दीवारें भी खाली थीं, और हम 4-5 लोग एक छोटी सी जगह में रहते थे.
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