फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. सर्वोच्च न्यायालय ने विक्रम भट्ट की पत्नी श्वेतांबरी को अंतरिम जमानत दे दी है. राजस्थान पुलिस ने दंपति को 30 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था.
श्वेतांबरी भट्ट को सुप्रीम कोर्ट से मिली बड़ी राहत
फिल्ममेकर विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी श्वेतांबरी भट्ट को 30 करोड़ रुपये की कथित धोखाधड़ी के मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बड़ी राहत दी है. सर्वोच्च न्यायालय ने विक्रम भट्ट की पत्नी श्वेतांबरी को अंतरिम जमानत दे दी है, हालांकि अभी विक्रम भट्ट पर सुनवाई होना बाकी है. मामले की सुनवाई के दौरान वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि जांच एजेंसी हर संबंधित व्यक्ति को जेल में नहीं डाल सकती.
राजस्थान पुलिस ने दंपति को 30 करोड़ की धोखाधड़ी के मामले में गिरफ्तार किया था, लेकिन कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए उनकी पत्नी को अंतरिम जमानत देने का आदेश दिया. यह फैसला CJI सूर्य कांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की बेंच ने सुनाया है.
यह विवाद राजस्थान के उदयपुर निवासी डॉक्टर अजय गर्ग से जुड़ा है, जो इंदिरा आईवीएफ और इंदिरा एंटरटेनमेंट LLP के मालिक हैं. आरोप है कि विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी ने फिल्म निर्माण के नाम पर डॉक्टर से करीब 30-42 करोड़ रुपये ऐंठ लिए थे. इसकी शुरुआत 31 मई 2024 को हुई जब डॉक्टर ने 2.5 करोड़ रुपये दिए. बाद में चार फिल्मों ‘महाराणा-रण’, ‘विश्व विराट’ आदि के वादे पर पैसे ट्रांसफर होते रहे.
डॉक्टर का दावा है कि इनमें से दो फिल्में पूरी हुईं, एक आधी बनी और चौथी की शूटिंग ही शुरू नहीं हुई. जांच में फर्जी बिल और पैसे के निजी खातों में ट्रांसफर का खुलासा हुआ. 17 नवंबर 2025 को भूपालपुरा थाने में FIR दर्ज हुई, जिसमें विक्रम, श्वेतांबरी समेत 8 लोगों पर आरोप दर्ज है.
7 दिसंबर 2025 को उदयपुर पुलिस ने मुंबई से दंपति को गिरफ्तार किया. विक्रम भट्ट के वकीलों ने आरोप लगाया कि यह गिरफ्तारी मनमानी थी. 9 दिसंबर को ट्रांजिट रिमांड मिली, फिर 16 दिसंबर को उदयपुर कोर्ट ने 7 दिन की पुलिस रिमांड दी. बाद में विक्रम भट्ट और उनकी पत्नी को न्यायिक हिरासत में सेंट्रल जेल भेजा गया. इसके बाद वकीलों ने मेडिकल आधार पर अंतरिम जमानत प्ऱप्त करने की कोशिश की लेकिन याचिकाएं खारिज कर दी गयीं. दंपति ने बॉम्बे हाईकोर्ट और राजस्थान हाईकोर्ट में भी अपील की, लेकिन राहत नहीं मिली. आखिरकार वो सुप्रीम कोर्ट पहुंचे, जहां विक्रम भट्ट की पत्नी को अंतरिम जमानत मिल गयी है.
12 फरवरी 2026 को इस मामले की सुनवाई हुई. वरिष्ठ वकील मुकुल रोहतगी ने दलील दी कि जांच एजेंसी हर व्यक्ति को जेल नहीं ठूंस सकती. विपक्ष के वकील ने कहा कि मामला गंभीर है, 30 करोड़ की ठगी कोई छोटा आरोप नहीं है. कोर्ट ने टिप्पणी की, “आपराधिक मामलों का इस्तेमाल पैसे वसूलने के लिए नहीं हो सकता.” जमानत बांड पर तत्काल अंतरिम जमानत दी गई. कोर्ट ने इंदिरा एंटरटेनमेंट के मालिक को पक्षकार बनाने का आदेश दिया. अगली सुनवाई गुरुवार को निर्धारित है.
विक्रम भट्ट हिंदी सिनेमा के प्रसिद्ध डायरेक्टर हैं, जिन्होंने ‘राज’, ‘फिर भी दिल है हिंदुस्तानी’, ‘1920’ हॉरर सीरीज जैसी कई फिल्में बनाईं हैं. वे सुपरहिट्स फिल्म के लिए जाने जाते हैं. यह केस उनके करियर को प्रभावित कर सकता है. विक्रम भट्ट को जमानत मिलती है या नहीं ये सुप्रीम कोर्ट के आने वाले फैसले पर निर्भर करता है.
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