शक्ति कपूर की फिल्म 'इंसानियत के दुश्मन' के दौरान उनके माता-पिता एक सीन देखकर दंग रह गए थे. पर्दे पर उन्हें लड़की का Dupatta Pulling करते देख उनके पिता इतने नाराज हुए कि वे बीच में ही Theatre Walkout कर गए. उन्हें लगा कि उनका बेटा असल जिंदगी में भी Negative Character जैसा ही है.
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Bollywood flashback: बॉलीवुड के सबसे चर्चित विलेन और कॉमेडी किंग शक्ति कपूर आज किसी पहचान के मोहताज नहीं है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि उनके करियर की एक ऐसी फिल्म भी थी, जिसे उनके माता-पिता पूरा देख भी नहीं पाए थे? फिल्म के शुरुआती दृश्य में शक्ति कपूर की हरकत देख उनके पिता इतने नाराज हुए कि उन्होंने अपनी पत्नी (शक्ति कपूर की मां) का हाथ पकड़ा और बीच फिल्म से ही उठकर बाहर चले गए.
फिल्म ‘इंसानियत के दुश्मन’ और वह विवादित सीन
शक्ति कपूर ने हाल ही में एक इंटरव्यू (AlphaNeon Studioz) में इस दिलचस्प लेकिन भावुक कर देने वाले किस्से का खुलासा किया. शक्ति ने बताया कि यह वाकया 1987 में आई फिल्म ‘इंसानियत के दुश्मन’ के दौरान का है. उन दिनों शक्ति कपूर की लोकप्रियता बढ़ रही थी और उन्होंने बड़े उत्साह के साथ अपने माता-पिता को अपनी यह फिल्म देखने के लिए सिनेमाघर भेजा. शक्ति कपूर ने बताया, जैसे ही फिल्म शुरू हुई, मेरा पहला ही सीन स्क्रीन पर आया. उस दृश्य में मैं एक लड़की का दुपट्टा खींच रहा था. वह एक नकारात्मक किरदार था और विलेन के रूप में मेरी एंट्री थी.
पिता का गुस्सा: ‘यह बाहर भी यही करता था’…
पर्दे पर अपने बेटे को एक महिला के साथ ऐसी बदतमीजी करते देख शक्ति कपूर के पिता सन्न रह गए. उनका गुस्सा इतना बढ़ गया कि उन्होंने फिल्म आगे देखने से इनकार कर दिया। शक्ति कपूर ने याद करते हुए कहा मेरे पिता तुरंत खड़े हो गए और मेरी मां से कहा—चलो यहां से! यह लड़का बाहर भी यही सब करता था और अब बड़े पर्दे पर भी यही कर रहा है. मुझे यह फिल्म नहीं देखनी. थिएटर से बाहर निकलने के बाद जब वे घर पहुंचे, तो उन्होंने शक्ति कपूर की जमकर क्लास लगाई. उनके पिता ने उनसे पूछा कि वह इस तरह के ‘गुंडा’ और ‘बलात्कारी’ वाले रोल क्यों कर रहे हैं? उन्होंने सलाह दी कि उन्हें हेमा मालिनी और जीनत अमान जैसी अभिनेत्रियों के साथ ‘शरीफ’ हीरो वाले रोल करने चाहिए.
शक्ति कपूर का जवाब: ‘आपने ही मुझे यह चेहरा दिया है’
जब माता-पिता ने उन्हें डांटा, तो शक्ति कपूर ने बड़े ही मजाकिया लेकिन व्यावहारिक अंदाज में जवाब दिया. उन्होंने अपने पिता से कहा, ‘आप मुझे डांट रहे है, लेकिन यह चेहरा भी तो आपने ही दिया है. इस चेहरे को देखकर कोई मुझे हीरो का रोल नहीं देता, सब विलेन ही बनाते है.
शक्ति कपूर ने बताया कि वर्षों के संघर्ष के बाद उन्हें काम मिलना शुरू हुआ था, इसलिए वह मिले हुए मौकों को छोड़ना नहीं चाहते थे. दिलचस्प बात यह है कि केवल उनके माता-पिता ही नहीं, बल्कि उनकी बेटी श्रद्धा कपूर भी बचपन में अपने पिता के विलेन वाले किरदारों से नफरत करती थी और उन पर चिल्लाती थी. बाद में उनकी मां शिवांगी कोल्हापुरे ने उन्हें समझाया कि यह सब केवल अभिनय है.
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