26 अगस्त को यश की मच अवेटेड फिल्म टॉक्सिक: फेरीटेल्स फॉर ग्रोन-अप्स रिलीज हो रही है. लेकिन कई दर्शकों के मन में ये सवाल है कि फिल्म शुक्रवार की जगह बुधवार को क्यों रिलीज हो रही है. आइये जानते हैं:
टॉक्सिक का रिव्यू
Why Toxic Is Releasing On Wednesday: 26 अगस्त को रॉकिंग स्टार यश की भव्य कृति ‘टॉक्सिक: ए फेयरी टेल फॉर ग्रोन-अप्स’ दुनिया भर में 12,000 से अधिक सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है. यह फिल्म, जो पहले मार्च में धुरंधर 2 के साथ रिलीज होने वाली थी, विभिन्न कारणों से जून और अंत में अगस्त तक टाल दी गई थी.
दिलचस्प बात यह है कि 26 अगस्त सप्ताह के मध्य में है, जिससे यह सवाल उठता है कि निर्माताओं ने इसे सामान्य शुक्रवार की बजाय बुधवार को रिलीज करने का फैसला क्यों किया.
हाल के वर्षों में भारतीय सिनेमा, विशेषकर दक्षिण भारतीय सिनेमा में, फिल्मों की रिलीज तिथि में उल्लेखनीय बदलाव आया है. पहले शुक्रवार को फिल्म रिलीज होना दर्शकों के लिए बेहद प्रतीक्षित और धूमधाम से मनाया जाने वाला दिन होता था, लेकिन अब दक्षिण भारतीय फिल्मों की रिलीज धीरे-धीरे गुरुवार और यहां तक कि बुधवार को भी होने लगी है. पहले निर्माता तीन दिन के वीकेंड (शुक्रवार, शनिवार, रविवार) का फायदा उठाकर अपनी लागत वसूल लेते थे, लेकिन अब कई कारणों से उन्होंने अपनी रिलीज रणनीति में बदलाव किया है.
सबसे अहम कारण यह है कि निर्माता इन बड़ी फिल्मों को किसी त्योहार या छुट्टी के दिन रिलीज़ करना चाहते हैं ताकि उन्हें लंबे समय तक चलने वाला ओपनिंग वीकेंड मिल सके. लंबे ओपनिंग वीकेंड का मतलब है ज़्यादा शो, ज़्यादा दर्शक और सबसे महत्वपूर्ण बात, पहले दिन/वीकेंड में ज़्यादा कमाई, जिससे फिल्म के कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में काफ़ी बढ़ोतरी हो सकती है. उदाहरण के लिए, बड़ी तमिल और तेलुगु फिल्में हमेशा संक्रांति/पोंगल के मौके पर रिलीज होना पसंद करती थीं, क्योंकि यह छुट्टियों का समय होता था और इससे टिकटों की बिक्री और बॉक्स ऑफिस कलेक्शन में बढ़ोतरी होती थी. अजित कुमार की आठ फिल्में पोंगल पर रिलीज हुई हैं, जबकि विजय की दो. दरअसल, उनकी फिल्में ‘ थुनिवु’ और ‘वरिसु’ जनवरी में शुक्रवार के बजाय बुधवार को रिलीज हुईं, ताकि वे लंबी छुट्टियों का फायदा उठा सकें.
यश की फिल्म ‘टॉक्सिक’ की बात करें तो, यह फिल्म मिलाद-उन-नबी/ईद-ए-मिलाद (सरकारी अवकाश) और तिरुवोनम (ओणम का मुख्य दिन) दोनों ही बुधवार को रिलीज हो रही है. सप्ताह के मध्य में रिलीज होने का यह कारण ऐसा है कि इस दिन कई शिक्षण संस्थान और कार्यालय बंद रहते हैं, जिससे सिनेमाघरों में दर्शकों की संख्या बढ़ने की संभावना है. भारत में सिनेमाघरों में जाने वाले दर्शकों में युवाओं का अहम योगदान है और कई स्टार प्रशंसक भी 18 से 35 वर्ष की आयु वर्ग में आते हैं. इसलिए, निर्माता स्टार-प्रेरित प्रशंसक संस्कृति का लाभ उठाकर अपनी फिल्मों को पहले ही सप्ताहांत में ज़बरदस्त सफलता दिलाने की कोशिश करते हैं और फिल्म को त्योहारों या छुट्टियों के दौरान रिलीज़ करते हैं.
यश की फिल्म ‘ टॉक्सिक’ 26 अगस्त को सरकारी अवकाश के दिन रिलीज हो रही है, इसलिए निर्माता जाहिर तौर पर पांच दिनों के ओपनिंग पीरियड का फायदा उठाना चाहते हैं, जिससे बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है. आज के बेहद प्रतिस्पर्धी सिनेमा बाजार में, जहां बॉक्स ऑफिस कलेक्शन ही सब कुछ है, हर अतिरिक्त दिन फिल्म की सफलता तय करता है.
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