एक राज्य ताजे फलों की बहुतायत और विविधता के लिए खास तौर पर मशहूर है. हिमालय की तलहटी में स्थित यह पहाड़ी राज्य अपनी घाटियों में फैले हुए बागानों के लिए जाना जाता है और इसे 'फ्रूट बाउल ऑफ इंडिया' के नाम से भी जाना जाता है.
हिमाचल प्रदेश है देश का 'फ्रूट बाउल ऑफ इंडिया'
Fruit Bowl Of India: भारत की विविध जलवायु विभिन्न प्रकार के फलों की खेती को संभव बनाती है. कहीं उष्णकटिबंधीय फल जैसे आम व केले का उत्पादन होता है तो कहीं शीतोष्ण फल सेब व चेरी. लेकिन इन सभी राज्यों में से एक राज्य ताजे फलों की बहुतायत और विविधता के लिए खास तौर पर मशहूर है.
हिमालय की तलहटी में स्थित यह पहाड़ी राज्य अपनी घाटियों में फैले हुए बागानों के लिए जाना जाता है, जहां रसीले सेब, स्वादिष्ट चेरी, खुबानी व अन्य फल उगाए जाते हैं. यहां की शीतल जलवायु, उर्वर मिट्टी और मौसमी चक्र बेहतरीन फलों की पैदावार के लिए परफेक्ट माहौल तैयार करते हैं. लंबे समय से यह इलाका बागवानी और ताजे फलों की देशव्यापी आपूर्ति के लिए विख्यात रहा है. हम बात कर रहे हैं हिमाचल प्रदेश की.
हिमाचल प्रदेश को भारत का ‘फ्रूट बाउल’ कहा जाता है, क्योंकि यहां की पहाड़ियां सेब, चेरी और खुबानी जैसे फलों की पैदावार के लिए मशहूर हैं. हिमालय की गोद में बसे इस राज्य के बागान देशभर में ताजे फल पहुंचाते हैं. दरअसल, हिमाचल प्रदेश का ठंडा मौसम, ऊंचाई और उपजाऊ मिट्टी फल उत्पादन के लिए आदर्श हैं. यहां के घाटियों में फैले बागान राज्य की अर्थव्यवस्था का आधार हैं. शिमला, किन्नौर और कुल्लू जैसे जिले सेब उत्पादन में अग्रणी हैं. यह राज्य भारत का प्रमुख सेब उत्पादक है.
हिमाचल में सेब सबसे प्रमुख फल है, जो साल भर बाजारों में उपलब्ध रहता है. इसके अलावा गर्मियों में मीठी और रसीली चेरी का उत्पादन होता है, साथ ही किन्नौर की खुबानी भी विश्व प्रसिद्ध है. प्लम, आड़ू जैसे फल भी इस राज्य में प्रचुर मात्रा में उगते हैं. ये फल यहां से पूरे देश में बेचे जाते हैं तथा विदेशों में निर्यात होते हैं.
फलों की खेती या यूं कहें कि पोमोकल्चर ने हिमाचल के किसानों को समृद्ध बनाया है. हालांकि जम्मू-कश्मीर में भी फल बहुतायत में होते हैं, लेकिन हिमाचल की संगठित बागवानी और निरंतर उत्पादन इसे फल-उत्पादन में महत्वपूर्ण स्थान प्रदान करते हैं. पर्यटन के साथ फल उद्योग राज्य की आय का बड़ा स्रोत है. बता दें कि फल यहां सिर्फ बेचे नहीं जाते, बल्कि इनसे जैम, जैली, चटनी और सूखे फल भी बनाए जाते हैं. सेब से जूस और साइडर भी तैयार होते हैं. सर्दियों में सूखे फल परिवारों का पोषण करते हैं.
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