10,000 Steps Myth: बहुत से लोगों को लगता है कि दिन के 10,000 स्टेप पूरा करते ही वो पूरा तरह फिट हो जाएंगे. स्मार्टवॉच और फिटनेस ऐप्स भी आपको 10,000 स्टेप पूरा करने की बधाईयां देते हैं. इसी प्रेशर में लोग और भी ज्यादा ट्रेंड को फॉलो कर रहे हैं. लेकिन क्या कभी आपने प्रैक्टिकली सोचा है कि 10,000 का काउंट ही क्यों? इस ट्रेंड को लेकर एक्सपर्ट बिल्कुल अलग विचार रखते हैं, जिसे जानकर आप भी हैरान रह जाएंगे और तुरंत 10,000 स्टेप के ट्रेंड को छोड़ देंगे.
क्या 10,000 कदम चलना वाकई सेफ है या स्मार्टवॉच-एप्स का मार्केटिंग गेम है? सच जानकर हैरान रह जाएंगे
10,000 Steps Myth: रोजाना की बिजी लाइफस्टाइल, ऑफिस वर्क और फिर आराम, इस बीच फिजीकल एक्टीविजीज ना हो तो हेल्थ पर नेगेटिव असर होने लगता है. इसी चुनौती को दूर करने के लिए सोशल मीडिया पर 10,000 स्टेप ट्रेंड काफी वायरल है. जी हां, 10,000 स्टेप, ये मजाक नहीं है. लोग रोजाना इस टार्गेट को अचीव कर रहे हैं. लेकिन अच्छी हेल्थ और फिटनेस के लिए 10,000 कदम चलना, न तो सब के लिए मुमकिन है और न ही जरूरी है. हेल्थ एक्सपर्ट इस ट्रेंड को सिरे से खारिज करते हैं, क्योंकि इसका प्रेशर हेल्थ के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है, जबकि रोजाना मिनिमल स्टेप चलके भी आप अपने वजन को कंट्रोल कर सकते हैं. ऐसा हमारा नहीं एक्सपर्ट का कहना है.
आपको जानकर हैरानी होगी कि कोई भी रिसर्च यह दावा नहीं करती कि 10,000 स्टेप चलके आप पूरी तरह स्वस्थ हो जाएंगे. हालांकि सोशल मीडिया पर बढ़ते ट्रेंड के चलते स्मार्ट वॉच के एडवरटाइजमेंट, फिटनेस एप और हेल्थ इंश्योरेंस में 10,000 स्टेप्स ने अपनी जगह बना ली है. दरअसल, इस की कड़ी 1960 के दशक से जोड़ी जाती हैं, जब जापान की एक कंपनी ने टोक्यो ओलंपिक खेलों के दौरान आम जनता को प्रोत्साहित करने के लिए ‘मानपो-केई’ नामक एक डिवाइस बनाया था.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिन के 10,000 कदम यानी 7 से 8 किलोमीटर चलना. हेल्थ एक्सपर्ट इस टार्गेट से इत्तेफाक रखते हैं. उनका मानना है कि रोजाना नियमित तौर पर 2,500 कदम चलके भी विजिबल रिजल्ट देखे जा सकते हैं.
इस मामले में लॉड्ज़ विश्वविद्यालय और जॉन्स हॉपकिन्स की एक कंबाइन रिसर्च ने साबित किया है कि रोजाना कम से कम 4,000 कदम चलने से असमय मृत्यु का जोखिम कम किया जा सकता है.
विश्व स्वास्थ्य संगठन भी हर सप्ताह 150 मिनट की फिजिकल एक्टीविटीज जैसे एक्सरसाइज या वॉक करने की सलाह देता है, जिस हिसाब से रोजाना 20 से 30 मिनट वॉकिंग भी फायदेमंद है.
आमतौर पर हेल्थ एक्सपर्ट की सलाह 10,000 स्टेप के टार्गेट से कहीं ज्यादा आसान रहेगी. हेल्थ और फिटनेस की सिफारिश करने वाले एक्सपर्ट डॉक्टर वॉकिंग के अलावा साइकिल चलाने, योग, गार्डनिंग, स्विमिंग और डांस जैसी एक्टीविटीज में इनवॉल्व रहने की सलाह देते है.
अच्छी बात है कि लोग फिटनेस को लेकर सजग है और 10,000 स्टेप्स पूरे कर रहे हैं, लेकिन डॉक्टर्स का कहना है कि हार्ट हेल्थ के लिए सही तरीके से वॉक करने मे ही फायदा है. वॉक ऐसी जिसमें आपकी बॉडी में हीट जनरेट होने लगे, हार्ट बीट कुछ तेज हो और सांस हल्की फूलने लगे. ऐसा रेगुलर करने से ब्लड वेसल्स की फ्लेक्सिबिलिटी बेहतर होती है. ब्लड प्रैशर और कोलेस्ट्रॉल कंट्रोल होता है और इंसुलिन सेंसिटीविटी भी बेहतर होने लगती है.
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