Asha Bhosle Most Controversial Song: विवाद के बावजूद आशा भोसले की अनोखी आवाज़ और गाने की पॉपुलैरिटी ने कमाल कर दिया. इस गाने के लिए आशा भोसले को बेस्ट प्लेबैक सिंगर (फीमेल) का फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड मिला. यह उनके करियर का एक बड़ा माइलस्टोन था. गाने की धुन आज भी इतनी पॉपुलर है कि यंग जेनरेशन इसे सुनती और गुनगुनाती है.
आशा भोसले का सबसे विवादित गाना
Asha Bhosle Most Controversial Song: ‘सुरों की आशा’ कही जाने वाली आशा भोसले की आवाज अब खामोश हो गई है, लेकिन उनके गीत हमेशा गूंजते रहेंगे. हिंदी सिनेमा को अनगिनत सुपरहिट और यादगार नगमे देने वाली आशा भोसले ने अपनी सुरीली आवाज से हर दौर के संगीत को खास बना दिया. उनका जाना न सिर्फ फिल्म इंडस्ट्री बल्कि पूरी म्यूजिक दुनिया के लिए एक अपूरणीय क्षति हैएक ऐसा खालीपन, जिसे भर पाना मुश्किल है. लेकिन क्या आप जानते हैं आशा भोसले का एक गाना बेहद विवादित रहा. जिसकी वजह से उनके गाने को रेडियो पर बैन कर दिया गया और दूरदर्शन ने हटा दिया.
1971 में रिलीज हुआ “दम मारो दम” सबसे विवादित और पॉपुलर गाना बना हुआ है. इस गाने को रेडियो पर बैन कर दिया गया और दूरदर्शन ने हटा दिया. फिर भी आशा भोसले को इस गाने के लिए बेस्ट प्लेबैक सिंगर (फीमेल) का फिल्मफेयर अवॉर्ड मिला.
ज़ीनत अमान को हिप्पी स्टाइल में चिलम पीते हुए दिखाया गया था. देव आनंद ज़ीनत अमान और मुमताज़ स्टारर फ़िल्म “हरे रामा हरे कृष्णा” का यह आइकॉनिक गाना आर.डी. बर्मन ने कंपोज किया था और आनंद बख्शी ने लिखा था. जीनत अमान को हिप्पी स्टाइल में चिलम पीते हुए दिखाया गया था. गाने की कैची धुन, लिरिक्स और बोल्ड विज़ुअल्स ने इसे तुरंत पॉपुलर बना दिया, लेकिन यह कॉन्ट्रोवर्सी में भी फंस गया.
ध्यान दें कि फ़िल्म रिलीज़ के समय देश में हिप्पी कल्चर और ड्रग्स की लत तेजी से फैल रही थी. फ़िल्म का मेन मकसद हिप्पी लाइफस्टाइल और ड्रग्स की लत के बुरे असर पर मज़ाक उड़ाना था. देव आनंद का कैरेक्टर अपनी बहन (ज़ीनत अमान) की तलाश में काठमांडू जाता है, जो ड्रग्स की दुनिया में पूरी तरह खो जाती है. फ़िल्म इस प्रॉब्लम को हाईलाइट करती है, लेकिन “दम मारो दम” गाने की क्रिटिक्स ने बुराई की, जिन्होंने ड्रग्स के गलत इस्तेमाल को ग्लैमराइज़ करने के लिए इसकी बुराई की.
इसे इंडियन कल्चर के खिलाफ बताया गया. कई ऑर्गनाइज़ेशन और पेरेंट्स ने इसे इंडियन कल्चर के खिलाफ बताकर बुराई की. विवाद इतना बढ़ गया कि ऑल इंडिया रेडियो ने गाने पर पूरी तरह बैन लगा दिया. जब फ़िल्म दूरदर्शन पर आई, तो “दम मारो दम” गाना पूरी तरह से काट दिया गया. टीवी ब्रॉडकास्ट के दौरान गाने को हटा दिया गया.
विवाद के बावजूद आशा भोसले की अनोखी आवाज़ और गाने की पॉपुलैरिटी ने कमाल कर दिया. इस गाने के लिए आशा भोसले को बेस्ट प्लेबैक सिंगर (फीमेल) का फ़िल्मफ़ेयर अवॉर्ड मिला. यह उनके करियर का एक बड़ा माइलस्टोन था. गाने की धुन आज भी इतनी पॉपुलर है कि यंग जेनरेशन इसे सुनती और गुनगुनाती है. देव आनंद ने फ़िल्म में इस गाने को एंटी-ड्रग मैसेज के तौर पर इस्तेमाल किया, लेकिन गाने की कैची मेलोडी और ज़ीनत अमान के बोल्ड विज़ुअल्स ने इसे एक अलग पहचान दी. आशा भोसले ने अपनी जादुई आवाज़ से इस गाने को अमर कर दिया.
Hariyali Teej remedies: हरियाली तीज का व्रत सुहागिन महिलाओं के साथ कुंवारी कन्याएं भी रखती…
UP Crime: बागपत में गणेश मंदिर में अंकित और इसरार नाम के दो मुस्लिम युवकों…
IND vs SL 1st Test: बुमराह-सुंदर बाहर, शुभमन गिल के कंधों पर कमान! जानें भारत-श्रीलंका…
Hariyali teej aur hartalika teej me antar: हरियाली तीज और हरतालिका तीज दोनों ही भगवान…
17 वर्षीय अर्जुन अरविंद पर मैसाचुसेट्स के एक्टन में अपनी मां और छोटे भाई की…
बिहार के कैमूर जिले में एक 65 वर्षीय महिला को दिनदहाड़े अगवा कर लिया गया.…