<
Categories: हेल्थ

क्या फलाहार पर रहना सही है? इससे 27 वर्षीय महिला की हुई मौत, वजह कुपोषण

Benefits of Fruitarian Diet : जल्दी से वजन घटाने या बॉडी डिटॉक्स करने के लिए लोग कई तरह के नुस्खे अपनाते हैं, लेकिन क्या आप जानते हैं कि वह कारगर है या नहीं. फलाहार रहना कितना फायदेमंद.

Benefits Of Fruitarian Diet: बाली के एक होटल में 27 वर्षीय महिला की मौत हो जाती है, जो सिर्फ फलाहार पर रहती थी। सिर्फ “फलाहारी डाइट” लेने की वजह से उसके शरीर में पोषण की कमी साफ नजर आ रही थी और उस महिला का वजन मात्र 22 किलो था। मणिपाल के डॉक्टरों नें चेतावनी देते हुए कहा है कि इस तरह के प्रतिबंधित आहार के सेवन से गंभीर कुपोषण की समस्या हो सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, महिला का नाम कारोलिना क्रजियाक है, जिसके चिकित्सा रिपोर्टों से पता चलता है कि वह ऑस्टियोपोरोसिस और एल्ब्यूमिन की कमी से पीड़ित थीऔर यह दोनों ही समस्या लंबे समय तक भूखे रहने और खराब पोषण की वजह से होती है।

महिला की सेहत पर पड़ा बुरा असर

कारोलिना इतनी कमजोर हो गई थी कि होटल स्टाफ ने उन्हें देक कर बहुत चिंता जताई, क्योंकि वह बहुत कमजोर दिख रही थीं, उनकी आंखे धंसी हुई थी और हड्डियां उभरी हुई थीं। एक बार कमरे में जाने के लिए भी नाइट क्लर्क ने उनकी सहायता की। कारोलिना के शरीर में गंभीर कुपोषण वाले लक्षण दिख रहे थे, उनके दांत सड़ रहे थे, नाखुन पिले पड़ गए थे और शरीर में पोषक तत्वों की कमी साफ दिखाई दे रही थी। होटल स्टाफ ने कई बार उन्हें डॉक्टर से मिलने की सलाह दी लेकिन वो नहीं मानी। आखिरी में,  होटल स्टाफ को उनकी एक दोस्त का कॉल आता है और वह कारोलिन के कमरे में देखा, तो वह बेहोश मिली और शरीर में कोई हलचल नहीं थी। अस्पताल ले जाने पर उन्हें कुपोषण से मृत घोषित कर दिया गया।

फलाहारी डाइट या फ्रूटेरियन डाइट क्या है?

फ्रूटेरियन डाइट एक शाकाहारी आहार है जो खासकर फलों के सेवन पर केंद्रित होता है। यह एक संपूर्ण सीमित वीगन डाइट की कैटेगरी में आता है। जिसमें किसी भी जानवरों से बने उत्पाद जैसे, दही, दूध, पनीर आदि शामिल नहीं होता है। इसमें मुख्य रूप से कच्चे फलों का सेवन किया जाता है। कभी-कभी साग-सब्जियां, सूखे मेवे और बीज का भी सीमीत मात्रा में सेवन किया जा सकता है। इसमें अनाज और दाल इत्यादि का सेवन न के बराबर किया जाता है या बिल्कुल भी नहीं खाया जाता है। इसमें पके हुए भोजन का सेवन भी नहीं किया जाता है। 

क्या फलाहारी या फ्रूटेरियन डाइट खराब है?

रिपोर्ट के माने तो, कारोलिना को अल्ब्युमिन की कमी और ऑस्टियोपोरोसिस की समस्या थी, जो ज्यादा लंबे समय तक कुपोषण का शिकार रहने की वजह से होती हैं। बचपन में उन्होंने एनोरेक्सिया का सामना किया। अपने स्टडी के दौरान उन्होंने योग और वीगनिज्म की तरफ ध्यान बढ़ाया, जो धीरे-धीरे उन्हें फलाहारी डाइट की तरफ ले गया। सोशल मिडिया पर उनके द्वारा किया गया पोस्ट उनके बिगड़ते स्वास्थ को दर्शा रहा था।

डिस्क्लेमर: यदि आप भी फलाहार डाइट के बारे में सोच रहे हैं तो आपको डॉक्टर की सलाह जरूर लेनी चाहिए। वो आपकी पोषण संबंधी जरूरतों को सही तरीके से पूरा करने में मदद कर सकते हैं।

Vipul Tiwary

Share
Published by
Vipul Tiwary

Recent Posts

भांग होली स्पेशल ड्रिंक या खतरा? क्या है इसके नुकसान? दिल्ली के डॉक्टर की चेतावनी

Bhang Holi Special Drink: होली पर भांग का सेवन करने से पहले इसके स्वास्थ्य पर…

Last Updated: March 4, 2026 08:28:50 IST

Holi 2026: होली का गुलाल बना सकता है आपकी किस्मत चमकदार! आज के दिन जरूर करें ये खास उपाय

Holi 2026 Upay: क्या आपने कभी सोचा है कि होली के रंग सिर्फ खेलने के…

Last Updated: March 4, 2026 08:24:15 IST

वकील बनकर कोर्ट पहुंची युवती, मुस्लिम युवक से शादी का इरादा, असली वकीलों ने खोला राज

Ahmedabad: गांधीनगर की रहने वाली हिंदू युवती और अहमदाबाद के मुस्लिम युवक 3 मार्च को…

Last Updated: March 4, 2026 07:47:18 IST

Lucknow News: रिवॉल्वर में एक गोली डालकर एक-दूसरे पर निशाना लगा रहे थे बच्चे, रशियन रूले गेम में उनैज की मौत

Lucknow News: उसने अपने पुराने दोस्त को बर्थडे पार्टी में बुलाया जिससे स्कूल में झगड़ा…

Last Updated: March 4, 2026 07:31:44 IST

Holi 2026: आज मनाया जा रहा है रंगों का महापर्व, जानिए किस शुभ मुहूर्त में खेलें रंग ताकि सालभर बनी रहे सुख-समृद्धि

Holi 2026: देशभर में आज होली का रंगीन उत्सव मनाया जा रहा है. अगर आप…

Last Updated: March 4, 2026 07:24:45 IST