Mosquito Coil Effects: क्या आप भी मच्छरों से परेशान होकर मच्छर वाली कॉइल जलाते हैं? तो हो जाएं सावधान, क्योंकि ये गलती आपको कर सकती है बेहद बीमार. जानिए क्या कहते हैं एक्सपर्ट.
मच्छर कॉइल के फायदे और नुकसान
मच्छर भगाने वाली कॉइल जलाने पर हानिकारक गैसेस निकलती हैं, जो सिर्फ मच्छरों को ही मारने का काम नहीं करते. बल्कि व्यक्तियों को भी बीमार कर सकते हैं. कुछ अनुमानों से पता चला है कि ये कई सिगरेटों के बराबर हानिकारक हो सकती हैं.
मच्छर भगाने वाली कॉइल कई भारतीय घरों में आम हैं. बहुत से लोग रात भर इसे जलाकर सोते हैं. हालांकि, यह सबसे स्वास्थ्यप्रद विकल्प नहीं हो सकता है. कुछ रिपोर्ट्स और एक्सपर्ट तो कहते हैं कि
मच्छर वाली कॉइल 100 सिगरेट पीने जितना हानिकारक हो सकता है. चेस्ट रिसर्च फाउंडेशन के निदेशक संदीप साल्वी ने कहा, ‘बहुत कम लोग इसके बारे में जानते हैं, लेकिन एक मच्छर भगाने वाली कॉइल से फेफड़ों को होने वाला नुकसान 100 सिगरेट से होने वाले नुकसान के बराबर है. यह मलेशिया में किए गए एक हालिया अध्ययन के अनुसार है.’
2003 में प्रकाशित एक अध्ययनजिसका शीर्षक था ‘मच्छर कॉइल उत्सर्जन और स्वास्थ्य पर प्रभाव’, में चीन के चार और मलेशिया के दो लोकप्रिय ब्रांडों के मच्छर कॉइल से निकलने वाले धुएं का विश्लेषण किया गया. इसमें पाया गया कि परीक्षण किए गए कॉइल के समान कॉइल के धुएं के संपर्क में आने से गंभीर और दीर्घकालिक स्वास्थ्य जोखिम हो सकते हैं.’ उदाहरण के लिए, एक मच्छर भगाने वाली कॉइल जलाने से उतनी ही मात्रा में पीएम (2.5) उत्सर्जित होता है जितना 75-137 सिगरेट जलाने से. एक कॉइल जलाने से निकलने वाले फॉर्मेल्डिहाइड की मात्रा 51 सिगरेट जलाने से निकलने वाली मात्रा जितनी हो सकती है.
यह तो सभी जानते हैं कि सीधे सिगरेट पीना फेफड़ों के लिए बहुत नुकसानदायक होता है और जान भी ले सकता है. लेकिन अक्सर इनडायरेक्ट धुएं को गंभीरता से नहीं लेते. यशोदा अस्पताल को डॉक्टर डॉ. अंकित सिन्हा, जो पल्मोनोलॉजिस्ट हैं. वो कहते हैं. सिगरेट पीने से सीओपीडी जैसी गंभीर फेफड़ों की बीमारी हो सकती है. वहीं, इनडायरेक्ट या दूसरी चीजों के धुएं में रहने से भी कैंसर, अस्थमा और कई दूसरी
गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है. इतना ही नहीं, सिगरेट के धुएं के कण जो कपड़ों, पर्दों और कमरे के माहौल में चिपक जाते हैं. वे भी शरीर को नुकसान पहुंचा सकते हैं और कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकते हैं. घरेलू वायु प्रदूषण स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डाल सकता है. विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, घर के अंदर होने वाले प्रदूषण के कारण 2020 में प्रति वर्ष लगभग 32 लाख मौतें हुईं, जिनमें पांच वर्ष से कम उम्र के 2 लाख से अधिक बच्चों की मौतें शामिल हैं.
Assam Election 2026 Prediction: असम विधानसभा चुनाव 2026 का परिणाम 4 मई यानी सोमवार को…
यह दोनों कारें लुक्स में भी काफी शानदार दिखाई देती हैं. चलिए जानते हैं इन…
दोनों में अंतर जानने के बाद ही आपको इन स्मार्टफोन्स को लेना चाहिए. चलिए दोनों…
Bengal Election Prediction: चुनाव नतीजों से पहले ज्योतिषीय गणनाओं और एग्जिट पोल के आंकड़ों ने…
India FDI Policy 2026: वित्त मंत्रालय ने प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के संबंध में एक…
यूपी पुलिस ने आईपीएल मैच में सट्टेबाजी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है, जहां…