हाल ही में वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस 2026 जारी किया गया. इस रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के 10 देशों में सबसे ज्यादा मोटे बच्चे पाए जाते हैं. रिपोर्ट में सबसे अधिक चौंकाने वाला खुलासा भारत के बारे में किया गया है.
भारत के बच्चों में तेजी से बढ़ रहा मोटापा: वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस 2026
बीते दिनों वर्ल्ड ओबेसिटी डे के अवसर पर वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस 2026 जारी किया गया. इस रिपोर्ट के अनुसार दुनिया के 10 देशों में सबसे ज्यादा मोटे बच्चे पाए जाते हैं. इसमें 5-19 साल के बच्चों में हाई बीएमआई या मोटापे की स्थिति बताई गई.
रिपोर्ट में सबसे अधिक चौंकाने वाला खुलासा भारत के बारे में किया गया है. इसके अनुसार भारत के बच्चों में मोटापा तेजी से बढ़ रहा है और अब यह ओबेसिटी के मामले में अमेरिका से आगे निकल गया है.
वर्ल्ड ऑबेसिटी फेडरेशन ने वर्ल्ड ऑबेसिटी डे (4 मार्च) पर यह एटलस जारी किया है. इस रिपोर्ट में 5-19 साल के बच्चों में हाई बीएमआई या मोटापे की स्थिति बताई गई है. एटलस के आंकड़ों के अनुसार 2025 तक 10 देशों में 20 करोड़ से ज्यादा स्कूल जाने वाले बच्चे मोटापे और हाई BMI से प्रभावित हैं. वैश्विक स्तर पर 20.7% बच्चे अधिक वजन के या मोटे हैं. एटलस के अनुसार 2040 तक यह आंकड़ा बढ़कर 50.7 करोड़ हो सकता है. बच्चों में अधिक मोटापे वाले क्रमशः शीर्ष 10 देश हैं: चीन, भारत, संयुक्त राज्य अमेरिका (USA), इंडोनेशिया, ब्राजील, पाकिस्तान, नाइजीरिया, बांग्लादेश, रूस और मैक्सिको. इस सर्वेक्षण के अनुसार, विश्व भर में 5 से 19 वर्ष की आयु के पांच में से एक से अधिक बच्चे (20.7 प्रतिशत) अब अधिक वजन वाले या मोटापे से ग्रस्त हैं. यह आंकड़ा 2010 के 14.6 प्रतिशत से काफी अधिक है.
वर्ल्ड ओबेसिटी एटलस के अनुसार भारत में 2025 में 4.1 करोड़ बच्चे हाई बीएमआई से जूझ रहे हैं. 2025 में, भारत में 5-9 वर्ष की आयु के लगभग 14.921 मिलियन बच्चे या तो अधिक वजन वाले या मोटे थे. वहीं 10-19 वर्ष की आयु के बच्चों में यह संख्या और भी अधिक, 26.402 मिलियन थी. कुल मिलाकर, भारत में 5-19 वर्ष की आयु के 41 मिलियन बच्चे उच्च बीएमआई के साथ जी रहे हैं, जिनमें से 14 मिलियन बच्चों को मोटापे से ग्रस्त के रूप में वर्गीकृत किया गया हैं. बच्चों में बढ़ती ओबेसिटी का कारण जंक फूड, शुगर ड्रिंक्स, डिजिटल मार्केटिंग, कम शारीरिक गतिविधि को माना जा रहा है.
मोटापा बच्चों की ग्रोथ को रोक देता है. बच्चों में बढ़ती ओबेसिटी को रोकने के लिए जरूरी है कि उनकी दिनचर्या और खान-पान पर ध्यान दिया जाये. बच्चों को फोन और वीडियो गेम की बजाय आउटडोर खेल खेलने प्रोत्साहित करें और उनमें नियमित व्यायाम की आदत डालें. इसके अतिरिक्त बच्चों को जंक फ़ूड, कोल्ड ड्रिंक्स और अधिक तले-भुने खाने से दूर रखें. उनके खाने में हरी सब्जियां, फल जैसे स्वास्थ्यवर्धक भोज्य पदार्थ शामिल करें.
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