Neend Mein Dant Pisna: अक्सर आपने देखा होगा कि, कई लोग सोते वक्त दांत पीसने हैं. वो भी तेज आवाज के साथ. हालांकि, ज्यादातर लोग इसको नॉर्मल समझकर इग्नोर कर जाते हैं. यह आदत सिर्फ दांतों को नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि शरीर के अंदर चल रही कुछ समस्याओं का संकेत भी हो सकती है. अगर आपको भी यह बीमारी है तो यह लेख आपके लिए मददगार साबित हो सकता है.
जानिए, नींद में कुछ लोग दांत क्यों पीसते हैं? (Canva)
Neend Mein Dant Pisna: अक्सर आपने देखा होगा कि, कई लोग सोते वक्त दांत पीसने हैं. वो भी तेज आवाज के साथ. हालांकि, ज्यादातर लोग इसको नॉर्मल समझकर इग्नोर कर जाते हैं. यह ऐसी परेशानी है कि नींद में दांत पीसने वाले को पता ही नहीं चलता है. लेकिन सुबह उठने पर जबड़े में दर्द, सिर भारी लगना या दांतों में संवेदनशीलता महसूस होती है. यह आदत सिर्फ दांतों को नुकसान नहीं पहुंचाती, बल्कि शरीर के अंदर चल रही कुछ समस्याओं का संकेत भी हो सकती है. अगर आपको भी यह बीमारी है तो यह लेख आपके लिए मददगार साबित हो सकता है.
कैल्शियम की कमी होना: हेल्थलाइन की रिपोर्ट के मुताबिक, कैल्शियम की कमी का भी संकेत हो सकता है. इसलिए शरीर की नियमित जांच करवाएं और सोने से पहले मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल ना करें.
तनाव और चिंता: दांत पीसने की सबसे बड़ी वजह स्ट्रेस है. जब इंसान पूरे दिन की टेंशन को दबाकर रखते हैं तो शरीर रात में इसे इस तरह बाहर निकालता है जैसे- बेचैनी, नींद पूरी ना होना, चिड़चिड़ापन या दांत पीसना आदि.
नींद की खराब होना: अगर आपकी नींद बार-बार टूटती है या आप गहरी नींद में नहीं जा पाते तो Bruxism की समस्या बढ़ सकती है. ऐसा थकान, दिनभर नींद ना आने की वजह से भी हो सकता है.
दांतों की गलत बनावट होना: दांतों का सही तरीके से ना मिलना भी दांत पीसने की वजह बन सकता है. इससे जबड़े पर दबाव पड़ता है और आप नींद में दांत रगड़ते हैं.
पोषण की कमी: कई बार शरीर में हो रही पोषण की कमी की वजह से भी ऐसा होता है. अगर आपके शरीर में मैग्नीशियम या कैल्शियम की कमी है तो मांसपेशियों में खिंचाव होता है, जो दांत पीसने का कारण बन सकता है.
गंभीर रूप से दांत पीसने से दांत फ्रैक्चर या दांत ढीले भी पड़ सकते हैं. यह जबड़ों को प्रभावित करता है. इसलिए अक्सर कोई दांत पीस रहा है तो उसे तुरंत डेंटिस्ट से सलाह लेनी चाहिए. कुछ लोगों में एंटी-डिप्रेसेंट लेने के बाद अक्सर ब्रुक्सिज्म की शुरुआत हो सकती है.
एक धीमा, लगातार बना रहने वाला सिरदर्द, जबड़े में पीड़ा होना.
नींद से जागते हैं तो दांत पीसने की आवाज सुनाई देना.
गर्मी, ठंडक या ब्रश करने पर दांतों में झनझनाहट, मसूड़ों की सूजन.
मेडिटेशन और समय पर सोने से भी इस समस्या से निजात मिल जाती है.
अल्कोहल के इस्तेमाल से यह समस्या बढ़ सकती है. लिहाजा शराब पीने से बचें.
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