Live TV
Search
Home > India News > ‘मातृका का राजा’ में ‘वृंदावन’ थीम, बिना थर्मोकोल-पीओपी सजे पंडाल ने भक्तों का मन मोहा

‘मातृका का राजा’ में ‘वृंदावन’ थीम, बिना थर्मोकोल-पीओपी सजे पंडाल ने भक्तों का मन मोहा

Written By:
Last Updated: October 6, 2026 18:37:24 IST

Mobile Ads 1x1

सूरत (गुजरात) [भारत], 6 अक्टूबर: पाल क्षेत्र में मातृका फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से पहली बार आयोजित ‘मातृका का राजा’ गणेश महोत्सव पर्यावरण संरक्षण और सेवा गतिविधियों के संदेश के साथ संपन्न हुआ। सुकृत बंगलोज के सामने नायरा पेट्रोल पंप की गली में स्थित एसएमसी प्लॉट में करीब 3000 वर्गफीट क्षेत्र में ‘वृंदावन’ थीम पर पंडाल तैयार किया गया था। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पूरे आयोजन में थर्मोकोल और पीओपी का इस्तेमाल नहीं किया गया।

  • 10 दिन तक नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, रक्तदान शिविर समेत कई सेवा गतिविधियां का हुआ आयोजन, 5000 से अधिक पौधे लगाने का लिया गया संकल्प

पंडाल की सजावट में 500 से अधिक वास्तविक पौधों का इस्तेमाल किया गया। गणेश महोत्सव संपन्न होने के बाद इन पौधों का उपयोग पाल, अडाजण और इच्छापुर क्षेत्र में पौधारोपण के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण के लिए सूरत महानगरपालिका के साथ मिलकर 5000 से अधिक पौधे लगाने का संकल्प भी लिया गया है।

मातृका

10 दिन तक चला सेवायज्ञ

मातृका फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से गणेश महोत्सव के दौरान धार्मिक आयोजन के साथ विभिन्न सेवा गतिविधियां भी आयोजित की गईं। 10 दिनों तक प्रतिदिन नि:शुल्क रक्त जांच की गई। एक दिन रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। कैंसर विशेषज्ञ चिकित्सक ने लोगों को कैंसर से संबंधित जानकारी और मार्गदर्शन दिया। रविवार को आंखों और दांतों की नि:शुल्क जांच के लिए शिविर लगाया गया। जिसमें विशेषज्ञ सर्जन ने विभिन्न सर्जरी से संबंधित जांच और मार्गदर्शन किया। ट्रस्ट से जुड़े चिकित्सकों से जरूरतमंद मरीजों को आगे भी रियायती दरों पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए समन्वय किया गया है।

आंगनवाड़ी बच्चों के लिए पोषण किट

मातृका फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से वर्षभर आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए पोषण किट और स्टील के गिलास वितरित किए जाते हैं। इसके अलावा अनाथ बच्चों और बुजुर्गों की सेवा के साथ युवाओं में नशामुक्ति को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। ट्रस्ट के अनुसार, ‘मातृका का राजा’ के पहले वर्ष के आयोजन में गणेश भक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी को जोड़ने का प्रयास किया गया।

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

MORE NEWS

Home > India News > ‘मातृका का राजा’ में ‘वृंदावन’ थीम, बिना थर्मोकोल-पीओपी सजे पंडाल ने भक्तों का मन मोहा

Written By:
Last Updated: October 6, 2026 18:37:24 IST

Mobile Ads 1x1

सूरत (गुजरात) [भारत], 6 अक्टूबर: पाल क्षेत्र में मातृका फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से पहली बार आयोजित ‘मातृका का राजा’ गणेश महोत्सव पर्यावरण संरक्षण और सेवा गतिविधियों के संदेश के साथ संपन्न हुआ। सुकृत बंगलोज के सामने नायरा पेट्रोल पंप की गली में स्थित एसएमसी प्लॉट में करीब 3000 वर्गफीट क्षेत्र में ‘वृंदावन’ थीम पर पंडाल तैयार किया गया था। पर्यावरण संरक्षण को ध्यान में रखते हुए पूरे आयोजन में थर्मोकोल और पीओपी का इस्तेमाल नहीं किया गया।

  • 10 दिन तक नि:शुल्क स्वास्थ्य जांच, रक्तदान शिविर समेत कई सेवा गतिविधियां का हुआ आयोजन, 5000 से अधिक पौधे लगाने का लिया गया संकल्प

पंडाल की सजावट में 500 से अधिक वास्तविक पौधों का इस्तेमाल किया गया। गणेश महोत्सव संपन्न होने के बाद इन पौधों का उपयोग पाल, अडाजण और इच्छापुर क्षेत्र में पौधारोपण के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा पर्यावरण संरक्षण के लिए सूरत महानगरपालिका के साथ मिलकर 5000 से अधिक पौधे लगाने का संकल्प भी लिया गया है।

मातृका

10 दिन तक चला सेवायज्ञ

मातृका फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से गणेश महोत्सव के दौरान धार्मिक आयोजन के साथ विभिन्न सेवा गतिविधियां भी आयोजित की गईं। 10 दिनों तक प्रतिदिन नि:शुल्क रक्त जांच की गई। एक दिन रक्तदान शिविर आयोजित किया गया। कैंसर विशेषज्ञ चिकित्सक ने लोगों को कैंसर से संबंधित जानकारी और मार्गदर्शन दिया। रविवार को आंखों और दांतों की नि:शुल्क जांच के लिए शिविर लगाया गया। जिसमें विशेषज्ञ सर्जन ने विभिन्न सर्जरी से संबंधित जांच और मार्गदर्शन किया। ट्रस्ट से जुड़े चिकित्सकों से जरूरतमंद मरीजों को आगे भी रियायती दरों पर उपचार उपलब्ध कराने के लिए समन्वय किया गया है।

आंगनवाड़ी बच्चों के लिए पोषण किट

मातृका फाउंडेशन ट्रस्ट की ओर से वर्षभर आंगनवाड़ी के बच्चों के लिए पोषण किट और स्टील के गिलास वितरित किए जाते हैं। इसके अलावा अनाथ बच्चों और बुजुर्गों की सेवा के साथ युवाओं में नशामुक्ति को लेकर जागरूकता अभियान भी चलाया जाता है। ट्रस्ट के अनुसार, ‘मातृका का राजा’ के पहले वर्ष के आयोजन में गणेश भक्ति के साथ पर्यावरण संरक्षण, स्वास्थ्य सेवा और सामाजिक जिम्मेदारी को जोड़ने का प्रयास किया गया।

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

MORE NEWS