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अवैध बूचड़खानों के खिलाफ सूरत में निकला ‘अहिंसा मार्च’

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Last Updated: October 14, 2026 13:07:22 IST

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सूरत (गुजरात) [भारत], 14 अक्टूबर: गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को सूरत में अवैध बूचड़खानों को बंद कराने की मांग को लेकर ‘अहिंसा मार्च’ निकाला गया। विभिन्न साधु-संतों, सामाजिक संगठनों और जीवदया-अहिंसा प्रेमियों की ओर से आयोजित मार्च उमरा स्थित सरगम शॉपिंग सेंटर से शुरू होकर अठवालाइंस स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। यहां प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर गुजरात में संचालित अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें बंद कराने की मांग की गई।

  • साधु-संतों और विभिन्न समाजों के लोगों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग

आयोजकों के अनुसार आरटीआई से प्राप्त जानकारी में गुजरात में केवल आठ बूचड़खाने ही कानूनी रूप से संचालित होने की बात सामने आई है। इसके बावजूद राज्य में अन्य स्थानों पर अवैध रूप से बूचड़खाने संचालित होने का आरोप लगाया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।

मार्च के दौरान शामिल लोगों ने अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी। आयोजकों ने कहा कि यदि अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के संदर्भ में अवमानना की कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया जाएगा। मार्च के माध्यम से जीवदया, अहिंसा और अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया।

(The article has been published through a syndicated feed. Except for the headline, the content has been published verbatim. Liability lies with original publisher.)

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सूरत (गुजरात) [भारत], 14 अक्टूबर: गांधी जयंती के अवसर पर शुक्रवार को सूरत में अवैध बूचड़खानों को बंद कराने की मांग को लेकर ‘अहिंसा मार्च’ निकाला गया। विभिन्न साधु-संतों, सामाजिक संगठनों और जीवदया-अहिंसा प्रेमियों की ओर से आयोजित मार्च उमरा स्थित सरगम शॉपिंग सेंटर से शुरू होकर अठवालाइंस स्थित कलेक्टर कार्यालय पहुंचा। यहां प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर गुजरात में संचालित अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई कर उन्हें बंद कराने की मांग की गई।

  • साधु-संतों और विभिन्न समाजों के लोगों ने कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर सौंपा ज्ञापन, कार्रवाई की मांग

आयोजकों के अनुसार आरटीआई से प्राप्त जानकारी में गुजरात में केवल आठ बूचड़खाने ही कानूनी रूप से संचालित होने की बात सामने आई है। इसके बावजूद राज्य में अन्य स्थानों पर अवैध रूप से बूचड़खाने संचालित होने का आरोप लगाया गया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की जिम्मेदारी जिला प्रशासन की है, लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं हो रही है।

मार्च के दौरान शामिल लोगों ने अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रशासन के समक्ष अपनी बात रखी। आयोजकों ने कहा कि यदि अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की गई तो इस मामले में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के संदर्भ में अवमानना की कार्रवाई का मुद्दा भी उठाया जाएगा। मार्च के माध्यम से जीवदया, अहिंसा और अवैध बूचड़खानों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया गया।

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