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World Longest Tunnel: दुनिया के 8 सबसे बड़े टनल जिनसे गुजरती हैं ट्रेनें, पहला है सबसे लंबा!

World Longest Tunnel: दुनिया के सबसे लंबे रेलवे टनल जैसे गॉथार्ड, सेइकान और चैनल टनल ने रेल यात्रा को तेज, सेफ और सुविधाजनक बनाया, पहाड़ और समुद्र के नीचे से यातायात आसान हुआ.

World Longest Tunnel: रेलवे नेटवर्क को तेज, सेफ और शानदार बनाने के लिए दुनिया भर में लंबे-लंबे टनल बनाए गए हैं. ये टनल न केवल यात्री और माल यातायात में आसानी लाते हैं, बल्कि कठिन भौगोलिक परिस्थितियों को पार करने में भी मदद करते हैं. आइए जानते हैं दुनिया के सबसे लंबे रेलवे टनलों के बारे में.

गॉथार्ड बेस टनल, स्विट्जरलैंड – 57.1 किमी

गॉथार्ड बेस टनल दुनिया का सबसे लंबा रेलवे टनल है. इसकी लंबाई 57.1 किलोमीटर है और ये स्विस आल्प्स के नीचे से गुजरता है. 2016 में खोला गया यह टनल उत्तर और दक्षिण यूरोप को जोड़ता है. इस टनल की मदद से यात्री और माल यातायात में काफी तेजी आई है.

सेइकान टनल, जापान – 53.85 किमी

जापान का सेइकान टनल होन्शु और होक्काइडो द्वीपों को जोड़ता है. इसकी कुल लंबाई 53.85 किलोमीटर है, जिसमें 23.3 किलोमीटर समुद्र के नीचे से गुजरता है. 1988 में खोला गया ये दुनिया का सबसे लंबा अंडरसी रेलवे टनल है और इसमें हाई-स्पीड और रीजनल दोनों तरह की ट्रेनें चलती हैं.

चैनल टनल, यूके-फ्रांस – 50.45 किमी

चैनल टनल इंग्लिश चैनल के नीचे 50.45 किलोमीटर लंबा है. 1994 में खोला गया यह टनल यूके के फोक्सटोन को फ्रांस के कोक्वेल्स से जोड़ता है. ये यूरोप के व्यस्ततम यातायात मार्गों में से एक है और यात्री व माल दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है.

युल्ह्योन टनल, दक्षिण कोरिया – 50.3 किमी

सियोल मेट्रोपॉलिटन सबवे में स्थित युल्ह्योन टनल दोहरी लाइन वाला है और इसकी लंबाई 50.3 किलोमीटर है. यह एशिया का सबसे लंबा शहरी भूमिगत रेलवे टनल माना जाता है और भारी यात्री ट्रैफिक को संभालता है.

लोच्सबर्ग बेस टनल, स्विट्जरलैंड – 34.6 किमी

लोच्सबर्ग बेस टनल 2007 से सेवा में है. इसकी लंबाई 34.6 किलोमीटर है और यह माल और यात्री दोनों के लिए अहम मार्ग है. ये टनल स्विस आल्प्स में यातायात को आसान बनाने में मदद करता है.

न्यू गुआंजियाओ टनल, चीन – 32.7 किमी

न्यू गुआंजियाओ टनल 2014 में खोला गया. इसकी लंबाई 32.7 किलोमीटर है और यह तिब्बत को चीन के रेलवे नेटवर्क से जोड़ता है. उच्च पहाड़ी इलाकों से गुजरने के कारण यह टनल इंजीनियरिंग का बड़ा उदाहरण है.

सोंगशान लेक टनल, चीन – 38.82 किमी

सोंगशान लेक टनल 2017 में शुरू हुआ और इसकी लंबाई 38.82 किलोमीटर है. इसमें कुल छह भूमिगत स्टेशन हैं और यह ग्वांगझोउ-शेनझेन रेलवे का हिस्सा है.

पाजारेस बेस टनल, स्पेन – 24.67 किमी

पाजारेस बेस टनल 2023 में खोला गया. इसकी लंबाई 24.67 किलोमीटर है और यह उत्तर स्पेन में हाई-स्पीड रेलवे कनेक्टिविटी को बेहतर बनाता है.

इन टनलों ने दुनिया में रेल यात्रा को और तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक बनाया है. चाहे ऊंचे पहाड़ हों या समुद्र के नीचे का मार्ग, आधुनिक इंजीनियरिंग ने इन कठिन चुनौतियों को संभव कर दिखाया है.

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