Himanta Biswa Sarma Profile: असम में विधानसभा चुनाव को लेकर 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे और चुनाव नतीजे 4 मई को आएंगे. ऐसे में असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के राजनीतिक सफर, नेटवर्थ, शिक्षा और परिवार के बारे में जानते हैं.
असम में पहली बार कब विधायक बने हिमंत बिस्वा सरमा, राजनीति में आने से पहले क्या करते थे?
Himanta Biswa Sarma Profile: असम में विधानसभा चुनाव को लेकर 9 अप्रैल को वोट डाले जाएंगे. ऐसे में चुनाव को लेकर सभी पार्टियां जी तोड़ मेहनत कर रही है. असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा एक बार फिर मुख्यमंत्री बनने के लिए जमकर मेहनत कर रहे हैं. जमीनी स्तर पर लहर को देखते हुए लग रहा है कि एक बार फिर असम में बीजेपी की सरकार बन सकती है और लगातार दूसरी बार हिमंत बिस्वा सरमा मुख्यमंत्री बन सकते हैं.
ऐसे में आज हम असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा की राजनीतिक सफर के बारे में जानते हैं. जो दूसरी बार मुख्यमंत्री बनने के लिए मेहनत कर रहे हैं.
हिमंत बिस्वा सरमा का जन्म 1 फरवरी 1969 को भारत के असम राज्य के जोरहाट स्थित मिशन अस्पताल में कैलाश नाथ सरमा और मृणालिनी देवी के यहां हुआ था. उन्होंने 1985 में गुवाहाटी के कामरूप अकादमी स्कूल से अपनी सीनियर सेकेंडरी परीक्षा उत्तीर्ण की. उन्होंने 1990 और 1992 में क्रमशः गुवाहाटी के कॉटन कॉलेज से राजनीति विज्ञान में स्नातक और स्नातकोत्तर की पढ़ाई पूरी की. अपनी स्नातकोत्तर की पढ़ाई के दौरान उन्होंने कॉटन कॉलेज छात्र संघ के महासचिव के रूप में कार्य किया.
उन्होंने गुवाहाटी के सरकारी लॉ कॉलेज से एलएलबी की डिग्री प्राप्त की और गुवाहाटी विश्वविद्यालय से पीएचडी की उपाधि हासिल की. राजनीति में कदम रखने से पहले सरमा ने 1996 से 2001 तक गुवाहाटी उच्च न्यायालय में वकालत की.
हिमंत बिस्वा सरमा 2001 में पहली बार असम गण परिषद के भृगु कुमार फुकन को हराकर जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र से असम विधानसभा के लिए चुने गए थे. वे इसी क्षेत्र से 2006 और 2011 में कांग्रेस के टिकट पर तथा 2016 और 2021 में भाजपा के टिकट पर दोबारा चुने गए. उन्होंने 2002 से 2014 तक कृषि, योजना एवं विकास, वित्त, स्वास्थ्य, शिक्षा और असम समझौते के कार्यान्वयन जैसे कई विभागों (राज्य और कैबिनेट दोनों स्तर पर) का कार्यभार संभाला.
पहले कांग्रेस से जुड़े रहे सरमा 23 अगस्त 2015 को नई दिल्ली में अमित शाह के घर पर भारतीय जनता पार्टी में शामिल हो गए. उस समय उन्हें 2016 के असम विधानसभा चुनाव के लिए BJP की चुनाव प्रबंधन समिति का संयोजक नियुक्त किया गया था. उन्होंने 2016 का असम विधानसभा चुनाव जालुकबारी विधानसभा क्षेत्र से लगातार चौथी बार जीता और पूर्वोत्तर भारत में पहली बीजेपी सरकार में कैबिनेट मंत्री के रूप में कार्य किया. यह ध्यान देने योग्य है कि पूर्व मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के साथ राजनीतिक मतभेदों के कारण सरमा ने 21 जुलाई 2014 को अपने सभी पदों से और 15 सितंबर 2015 को विधानसभा से इस्तीफा दे दिया था.
मई 2021 में हिमंत बिस्वा सरमा ने असम के 15वें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ ली. वे अब लगभग 5 वर्षों से (2026 तक) असम के मुख्यमंत्री के रूप में कार्य कर रहे हैं. उन्होंने सरकार को बेहतर बनाने के लिए बहुत कड़ी मेहनत की है. उन्होंने सड़कों और इमारतों में सुधार किया है और असम में पुलिस व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाया है. राजनीति के जानकारों का कहना है कि वे ऐसे नेता हैं जो अपनी टीम के साथ सीधे मिलकर काम करते हैं. सरमा त्वरित और दृढ़ निर्णय लेने के लिए जाने जाते हैं. असम के बाहर भी वे भारत में बीजेपी के लिए एक महत्वपूर्ण नेता हैं और अक्सर पार्टी की ओर से अपनी बात रखते हैं.
हिमंत बिस्वा सरमा के निजी जीवन की बात करें तो उन्होंने 7 जून 2001 को रिनिकी भुयान सरमा से शादी की. इन दोनों को एक बेटा और एक बेटी हैं. बेटे का नाम नंदिल बिस्वा सरमा बेटी का नाम सुकन्या सरमा है.
असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के 2026 के चुनावी हलफनामे के अनुसार, उनकी कुल निजी संपत्ति लगभग ₹2.36 करोड़ से अधिक है, पिछले 5 वर्षों में इनकी संपत्ति में 64 लाख रुपये की वृद्धि हुई है.
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