BBM Naxal Surrender List: सरेंडर करने वाले कुल 15 नक्सलियों की लिस्ट सामने आई है जिनमें 14 नक्सली छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे हैं जबकि एक एससीएम कैडर का विकास नक्सली तेलंगाना का रहने वाला है.
BBM जोनल नक्सल कमेटी ने की सरेंडर की पेशकश
BBM Naxal Surrender List: बीबीएम (बरगढ़–बलांगीर–महामुंद) नक्सल जोनल कमेटी ने हाल ही में गृह मंत्री को पत्र लिखकर सरेंडर करने की इच्छा जताई थी. इसके बाद सुरक्षा एजेंसियों को मौजूदा सक्रिय नक्सलियों की सूची भी मिली है. सरेंडर करने वाले कुल 15 नक्सलियों की लिस्ट सामने आई है जिनमें 14 नक्सली छत्तीसगढ़ के बताए जा रहे हैं जबकि एक एससीएम कैडर का विकास नक्सली तेलंगाना का रहने वाला है. इस घटनाक्रम के बाद सुरक्षा तंत्र अलर्ट मोड में है और आगे की प्रक्रिया पर मंथन जारी है.
होम मिनिस्टर विजय शर्मा को लिखे एक इमोशनल लेटर में BBM डिवीजन के कुल 15 एक्टिव कैडर ने मेनस्ट्रीम में लौटने और सिक्योरिटी फोर्स के सामने सरेंडर करने की इच्छा जताई है. नक्सलियों ने होम मिनिस्टर को लिखे लेटर में यह भी साफ किया कि वे हथियार छोड़कर भारतीय संविधान के दायरे में जनता की भलाई के लिए काम करना चाहते हैं.
नक्सली लीडर विकास ने होम मिनिस्टर विजय शर्मा को लिखे लेटर में माना कि देश और दुनिया में मौजूदा आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक हालात बदल गए हैं और अब लंबे समय तक चलने वाले सिविल वॉर और हथियारबंद संघर्ष का कोई मतलब नहीं है. लेटर में लिखा है कि पार्टी के अंदर इस बात पर चर्चा हुई कि अकेले सरेंडर करने के बजाय पूरी पार्टी को हथियारबंद संघर्ष छोड़ देना चाहिए.
रिपोर्ट्स के मुताबिक हथियारबंद माओवादियों ने होम मिनिस्टर से रेडियो अपील जारी कर सिक्योरिटी की गारंटी मांगी है. उनका कहना है कि वे सरकार से भरोसा मिलने के बाद ही सरेंडर करने के लिए सामने आएंगे. लेटर के मुताबिक नक्सली 2 या 3 मार्च तक सरेंडर कर सकते हैं. उन्होंने साफ किया कि वे महासमुंद जिले में सरेंडर करना चाहते हैं और पुराने माओवादी सागर के जरिए एक रिसेप्शन प्लान करने का सुझाव दिया.
होम मिनिस्टर को लिखे लेटर में सेक्रेटरी विकास ने अपील की कि उनके बाहर निकलने के प्रोसेस के दौरान ओडिशा के बलांगीर, बरगढ़ और महासमुंद जिलों में कॉम्बिंग और सर्च ऑपरेशन रोक दिए जाएं. उन्हें डर है कि अगर रास्ते में पुलिस की एक्टिविटी का पता चला तो उनके साथी तितर-बितर हो सकते हैं जिससे उनके सरेंडर प्लान फेल हो सकते हैं.
जिन 15 नक्सलियों ने सरेंडर करने की इच्छा जताई है उनमें संगठन में अलग-अलग पदों पर बैठे अधिकारी शामिल हैं जिनमें तीन DVC सदस्य, पांच AC सदस्य और सात पार्टी सदस्य (PM) शामिल हैं. खास बात यह है कि इनमें से 14 नक्सली छत्तीसगढ़ के बस्तर इलाके से हैं, जबकि सेक्रेटरी विकास तेलंगाना से हैं. उन्होंने ओडिशा के बजाय छत्तीसगढ़ में सरेंडर करने का फैसला किया क्योंकि उनके ज़्यादातर साथी छत्तीसगढ़ के रहने वाले हैं.
गौरतलब है कि गृह मंत्री को लिखे एक लेटर में नक्सलियों ने सरेंडर के लिए तीन सुझाव दिए हैं. उनकी मांग है कि सरकार की तीन घोषणाओं के बाद ही वे संघर्ष का रास्ता छोड़ सकते हैं. उनकी मांग है कि हथियारबंद संघर्ष छोड़ने पर माओवादी पार्टी को राजनीतिक पार्टी के तौर पर मान्यता दी जाए, माओवादियों के खिलाफ पुलिस केस रद्द किए जाएं, और जेल में बंद उनके साथियों को रिहा किया जाए और उन्हें संविधान के दायरे में काम करने दिया जाए.
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