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BMC Election Results 2026: ‘अंधेरा छटेगा, कमल खिलेगा…’, आखिरकार सच हो गई पूर्व पीएम अटल बिहारी वाजपेयी की भविष्यवाणी

BJP alliance victory Maharashtra: महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में से बीजेपी गठबंधन ने 25 पर कमल का परचम लहराया है. ऐसे में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 46 साल पुरानी भविष्यवाणी सच हो गई.

BMC Election Results 2026: महाराष्ट्र में गुरुवार को नगर पालिका चुनाव होने के बाद शुक्रवार यानी की आज नतीजे सामने आए है, जिसमें बीजेपी गठबंधन को ऐतिहासिक जीत मिली है. महाराष्ट्र की 29 नगर निगमों में से बीजेपी गठबंधन ने 25 पर कमल का परचम लहराया है. ऐसे में पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की वो भविष्यवाणी सच हो गई जो उन्होंने 46 साल पहले कहा था कि ‘अंधेरा छटेगा, सूरज निकलेगा, कमल खिलेगा…’, केंद्र में मोदी सरकार का लगातार तीसरा कार्यकाल, 20 राज्यों में NDA सरकार और अब महाराष्ट्र में बीजेपी की ऐतिहासिक जीत ने इसे और मजबूत किया है.

मुंबई से नागपुर तक भगवा लहर

राज्य की 29 में से 25 नगर निगमों में बीजेपी गठबंधन की जीत होती दिख रही है. सबसे बड़ी जीत देश की सबसे अमीर नगर निकाय, बृहन्मुंबई नगर निगम (BMC) में मिली है. BMC, जिसे दशकों से ठाकरे परिवार का अभेद्य किला माना जाता था, में बीजेपी पहली बार सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और अब मुंबई में बीजेपी का मेयर बनना तय है. नागपुर से पुणे तक, नासिक से सोलापुर तक, बीजेपी गठबंधन ने जीत का झंडा फहराया है. मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इसे रिकॉर्ड तोड़ जनादेश बताया. उन्होंने कहा कि यह जीत प्रधानमंत्री मोदी पर लोगों के भरोसे की जीत है, जिन्होंने न सिर्फ महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश में विकास की एक नई भाषा गढ़ी है.

ढह गए ठाकरे और पवार परिवारों के गढ़

गांवों से लेकर शहरों तक बीजेपी अब महाराष्ट्र में स्थानीय चुनावों में केंद्रीय शक्ति बन गई है. दरअसल, यह साफ हो गया है कि बीजेपी महाराष्ट्र की लोकल पॉलिटिक्स में भी मज़बूत हो गई है, क्योंकि पार्टी ने एक साथ बड़ी राजनीतिक पार्टियों के गढ़ों को खत्म कर दिया है. पवार परिवार, जो कोऑपरेटिव से लेकर सरकारी संस्थानों तक सब कुछ कंट्रोल करने के फॉर्मूले पर काम करता है, एकजुट होने के बाद भी अपने गढ़ों को बचाने में नाकाम रहा. ठाकरे परिवार, जो मराठी गौरव और हिंदू आत्म-सम्मान के मंत्र पर काम करता है, वह भी एकजुट होने के बाद भी बीजेपी के सामने अपने गढ़ को बचाने में नाकाम रहा.

ठाकरे परिवार, जिसकी पहचान मुंबई और BMC (बृहन्मुंबई नगर निगम) से जुड़ी रही है, पहली बार इस गढ़ को बचाने में नाकाम रहा. दो दशकों के बाद उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे का एक साथ आना भी बीजेपी के सामने बेअसर साबित हुआ. इसी तरह, शरद पवार और अजीत पवार की एकता के बावजूद, पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ जैसे गढ़ों में बीजेपी गठबंधन को रोकना मुमकिन नहीं हो पाया. इस बीच, कांग्रेस पार्टी, कई सहयोगियों के साथ चुनाव लड़ने के बावजूद, अपने पिछले प्रदर्शन को दोहरा नहीं पाई. कांग्रेस पार्टी उन नगर निगमों में भी सिकुड़ती नज़र आई, जहां उसने पहले जीत हासिल की थी.

जोखिम भरी राजनीति और उसका जवाब

प्रधानमंत्री मोदी बार-बार जोखिम उठाने की बात करते हैं. ऐसे फैसले जिन्हें पिछली सरकारें चुनावी नुकसान के डर से लेने से बचती थीं. महाराष्ट्र में बीजेपी ने इस जोखिम भरी राजनीतिक रणनीति को जमीन पर उतारा. 2024 के लोकसभा चुनावों में, कांग्रेस-शरद पवार-उद्धव ठाकरे गठबंधन ने NDA को बड़ा झटका दिया था. लेकिन लोकसभा चुनावों में मिली हार के बाद, बीजेपी ने चुनौती स्वीकार की और नगर निगम चुनावों में निर्णायक जवाब दिया.

2024 के लोकसभा चुनावों के बाद, बीजेपी ने अपनी रणनीति बदली. हाइपर-लोकल मुद्दों पर ज़ोर दिया गया. 29-पॉइंट का घोषणापत्र जारी किया गया, जिसमें साफ-सफ़ाई, स्वास्थ्य, शिक्षा और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे प्रमुख थे. दूसरी ओर, ठाकरे परिवार ने मुंबई में मराठी पहचान को मुख्य मुद्दा बनाया, लेकिन इस बार यह रणनीति काम नहीं आई.

भविष्य की राजनीति पर असर

महाराष्ट्र में इस जीत का असर सिर्फ़ राज्य तक ही सीमित नहीं रहेगा. मुंबई से 1600 किलोमीटर दूर रांची में बीजेपी दफ़्तर के बाहर जश्न मनाया गया. सवाल यह है कि क्या इसका पश्चिम बंगाल और असम जैसे राज्यों में होने वाले चुनावों पर मनोवैज्ञानिक असर पड़ेगा? फिलहाल, यह साफ है कि महाराष्ट्र में बीजेपी ने यह मैसेज दिया है कि उसके खिलाफ कोई भी प्रयोग, चाहे वह गठबंधन के रूप में हो या वैचारिक समझौतों के रूप में, आसानी से सफल नहीं होगा. हिंदुत्व, विकास और मज़बूत नेतृत्व के त्रिकोण के साथ, बीजेपी ने महाराष्ट्र की शहरी राजनीति में एक नया अध्याय लिखा है.

Shristi S

Shristi S has been working in India News as Content Writer since August 2025, She's Working ITV Network Since 1 year first as internship and after completing 3 months intership Shristi Joined Inkhabar Haryana of ITV Group on November 2024. She Worked in Inkhabar Haryana 9 months there she cover full Haryana news. Currently In India News her speciality is hard news, lifestyle, entertainment, Business.

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