Bomb Threats: देशभर के कई संस्थानों को बम से उड़ाने की धमकी देने के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है. जांच एजेंसियों ने चेन्नई के रहने वाले सॉफ्टवेयर कर्मचारी शरद सुब्रमण्यम को हिरासत में लिया है. आरोप है कि उसने फर्जी ईमेल आईडी के जरिए देश के अलग-अलग हिस्सों में सैकड़ों धमकी भरे संदेश भेजे. इन ईमेल से कई संस्थानों में हड़कंप मच गया और सुरक्षा एजेंसियों को जांच करनी पड़ी. अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि आखिर एक सॉफ्टवेयर कर्मचारी ने इस तरह दहशत फैलाने का रास्ता क्यों चुना?
800 धमकी भरे ईमेल से मचा हड़कंप
पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने कथित तौर पर कई फर्जी ईमेल अकाउंट बनाए थे. इनका इस्तेमाल करके भारत के अलग-अलग शहरों और संस्थानों को बम धमकी वाले संदेश भेजे गए. जांच में ऐसे करीब 700 से 800 ईमेल भेजे जाने की बात सामने आई है. इनमें राजीव गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से जुड़ी धमकी भी शामिल है. हर धमकी के बाद सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सतर्कता बढ़ानी पड़ी.
दो साल से तलाश में जुटी थीं जांच एजेंसियां
इस मामले की जांच अचानक शुरू नहीं हुई थी. पुलिस के अनुसार, पिछले दो वर्षों से इस तरह की धमकियों से जुड़े मामले दर्ज हो रहे थे. साल 2025 में 25 मामले दर्ज किए गए. वहीं 2026 में अब तक 17 मामले सामने आए. इस तरह कुल 42 मामलों की जांच की जा रही थी. जांच एजेंसियां लंबे समय से इन संदेशों के पीछे मौजूद व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश कर रही थीं.
क्या है वजह?
पूछताछ के दौरान आरोपी ने कथित तौर पर व्यक्तिगत तनाव से गुजरने की बात कही. उसने तमिलनाडु की राजनीति और डीएमके सरकार को लेकर नाराजगी भी जाहिर की. हालांकि, पुलिस अभी इन दावों की जांच कर रही है. पुलिस के मुताबिक, आरोपी उच्च शिक्षा प्राप्त है और सॉफ्टवेयर क्षेत्र में काम कर चुका है. बताया जाता है कि उसने तीन से चार साल तक नौकरी की थी और गिरफ्तारी से पहले चेन्नई में रह रहा था. अब जांच एजेंसियां उसके कथित फर्जी ईमेल खातों, संदेशों और उनसे जुड़े डिजिटल सबूतों की पड़ताल कर रही हैं.
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