Delhi Dehradun Expressway: दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कल यानी (14 अप्रैल, 2026) को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी उद्घाटन करेंगे. एक्सप्रेस पर ऑटो, बाइक और ट्रैक्टर के आवागमन पर पाबंदी रहेगी.
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर ऑटो, बाइक और ट्रैक्टर पर रहेगा बैन
Delhi Dehradun Expressway: दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन कल प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के द्वारा किया जाना है. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर एक्सप्रेसवे दिल्ली के अक्षरधाम से शुरू होकर देहरादून तक जाता है. इस एक्सप्रेसवे का 26.5 किलोमीटर लंबा हिस्सा पूरी तरह से एलिवेटेड बनाया गया है. यह दिल्ली के सबसे ज्यादा भीड़भाड़ वाले इलाकों जैसे गीता कॉलोनी और खजूरी चौक के ठीक ऊपर से गुजरता है.
दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर एक्सप्रेसवे का उद्घाटन होने के बाद सफर का समय काफी कम हो जाएगा. एक्सप्रेसवे लंबी दूरियों के सफर को आसान बनाती है.
वहीं, एक्सप्रेसवे पर सफर के दौरान गाड़ियां 100 से 120 किलोमीटर प्रति घंटे की औसत रफ्तार से चलती हैं. धीमी गति वाले वाहन जैसे बाइक, ऑटो या ट्रैक्टर की आवाजाही दुर्घटना की संभावना को बढ़ाती है. जिसकी वजह से NHAI ने ट्रैवलर्स की सुरक्षा को तवज्जो देते हुए इस पर बैन लगाया है.
स्थानीय लोगों को आवाजाही में परेशानी का न सामना करना पड़े इसके लिए NHAI ने इस कॉरिडोर के नीचे और किनारों पर बेहतरीन सर्विस रोड और वैकल्पिक मार्गों का इंतजाम किया गया है. एक्सप्रेसवे के इन मुख्य हिस्सों के नीचे बनी सड़कों का इस्तेमाल करके स्थानीय लोग बिना किसी कानूनी पाबंदी के अपनी बाइक या ऑटो से आवाजाही कर सकते हैं.
पूरे कॉरिडोर की सुरक्षा और निगरानी के लिए जगह-जगह चप्पे-चप्पे पर हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं. जिससे एक्सप्रेसवे की पल-पल की हरकतों पर नजर रखी जाएगी. वहीं, नियमों का उल्लघंन करने वाले वाहनों के नंबर प्लेट की पहचान करके पुलिस विभाग सीधे उनके पते पर ई-नोटिस और भारी जुर्माने का चालान भेजेगी.
आपकी जानकारी के लिए बता दें कि दिल्ली के गीता कॉलोनी से शुरू होकर शास्त्री पार्क, न्यू उस्मानपुर, खजूरी चौक, लोनी बॉर्डर और मंडोला होते हुए ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे (EPE) के जंक्शन तक लागू रहेगा. इन क्षेत्रों के लोगों को अब लंबी दूरी के सफर के लिए मुख्य एलिवेटेड रास्ते की जगह नीचे वाली सड़क से जाना होगा.
दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे पर भी दोपहिया और तिपहिया वाहनों के प्रवेश पर पहले से ही बहुत सख्त पाबंदी लगीे हुई है. नियम तोड़ने वाले चालकों पर 20,000 रुपये तक का भारी जुर्माना लगाने का प्रावधान है. सेम रुल बेंगलुरु-मैसूर, बेंगलुरु-चेन्नई और ईस्टर्न पेरिफेरल एक्सप्रेसवे पर भी लागू की जा चुकी है. इन रास्तों पर हुए बड़े सड़क हादसों के बाद प्रशासन ने यह फैसला लिया कि धीमी गति वाले वाहनों को मुख्य कैरिजवे से दूर रखा जाए.
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