Delhi News: दिल्ली के स्कूलों में नवंबर से दिसंबर तक फिजिकल एक्टिविटी बंद रहेंगी. इसे लेकर एडवाइजरी जारी की गई है. इस एडवाइजरी में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकार से कहा गया है कि वे नवंबर और दिसंबर के दौरान स्कूलों में कोई भी फिजिकल स्पोर्ट्स एक्टिविटी या स्पोर्ट्स कॉम्पिटिशन न कराएं.
दिल्ली के छात्रों के लिए CAQM एडवाइजरी जारी
Delhi News: दिल्ली-एनसीआर के स्कूलों के लिए CAQM (The Commission for Air Quality Management) ने एडवाइजरी जारी की गई है. इस एडवाइजरी में दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान और उत्तर प्रदेश सरकार से कहा गया है कि वे नवंबर और दिसंबर के दौरान स्कूलों में कोई भी फिजिकल स्पोर्ट्स एक्टिविटी या स्पोर्ट्स कॉम्पिटिशन न कराएं क्योंकि दिल्ली-एनसीआर में हर साल इस समय सीमा में एयर क्वालिटी सबसे खराब होती है.
साथ ही ये भी कहा गया है कि अगर कोई खेल प्रतियोगिता पहले से तय की गई है, तो उसे भी न कराया जाए बल्कि उन्हें आगे के लिए शेड्यूल कर दिया जाए. CAQM का कहना है कि दिसंबर और जनवरी के दौरान दिल्ली-एनसीआर की एयर क्वालिटी अपने सबसे खराब दौर में होती है. ऐसे में अगर कोई फिजिकल एक्टिविटी या स्पोर्ट्स एक्टिविटी कराई जाती है, तो इसका असर बच्चों और बड़ों पर भी पड़ सकता है.
CAQM ने ‘MC मेहता बनाम भारत सरकार’ मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों का भी ज़िक्र किया है. इस मामले में, पिछले साल सुप्रीम कोर्ट ने खराब हवा की गुणवत्ता का बच्चों पर पड़ने वाले असर को लेकर चिंता जताई थी. खासकर उन बच्चों पर जो फिजिकल स्पोर्ट्स प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेते हैं. कोर्ट ने CAQM से कहा था कि वह दिल्ली-NCR के स्कूलों को नवंबर और दिसंबर में होने वाली स्पोर्ट्स और गेम्स प्रतियोगिताओं को टालने के लिए ज़रूरी निर्देश जारी करें.
इसी के तहत, पिछले साल 11 नवंबर, 2025 को एक पत्र के ज़रिए CAQM ने राज्य सरकारों से कहा था कि वे स्कूलों में ऐसी फिजिकल स्पोर्ट्स और गतिविधियों को टालने के लिए तुरंत और ज़रूरी कदम उठाएं.CAQM ने 15 सितंबर को एडवाइजरी जारी की, जिसमें कहा गया है कि 19 नवंबर, 2025 के पत्र में बताई गई बातों को इस साल भी दोहराना ज़रूरी है. इसको देखते हुए पिछली बार की तरह इस बार भी नवंबर-दिसंबर के दौरान कोई भी फिजिकल स्पोर्ट्स एक्टिविटी या प्रतियोगिता नहीं होनी चाहिए.
CAQM के मेंबर सेक्रेटरी तरुण कुमार पिथोड़े की जारी की गई एडवाइज़री में आगे कहा गया है, अगर कोई प्रतियोगिता पहले से तय है, तो उसे री-शेड्यूल किया जा सकता है. साथ ही, यह भी पक्का किया जाए कि री-शेड्यूलिंग की वजह से जो छात्र हिस्सा नहीं ले पा रहे हैं, उन्हें बेवजह कोई नुकसान न हो. एडवाइज़री में यह भी कहा गया है कि अगर कोई छात्र किसी कारण रीशेड्यूल में शामिल न हो पाए, तो ऐसी स्थिति में राज्य सरकारों को इवेंट्स को री-शेड्यूल करने के तरीके खोजने चाहिए या छात्रों को सही समय पर ऐसी ही एक्टिविटीज़ में शामिल होने के दूसरे मौके देने चाहिए, ताकि उनकी सेहत या पढ़ाई पर कोई बुरा असर न पड़े.
Karan Wahi Uditi Singh breakup: टीवी एक्टर करण वाही ने सिद्धार्थ कन्नन के शो में…
Hyderabad egg throwing incident: तेलंगाना के हैदराबाद के पुराने शहर के संतोशनगर में दुर्गा माता…
India vs Zimbabwe Women ODI: वडोदरा में खेले जा रहे दूसरे वनडे में भारतीय महिला…
Govinda Extra Marital Affair: बॉलीवुड अभिनेता गोविंदा ने पत्नी सुनीता आहूजा के साथ अपने रिश्ते…
Murder of elderly woman in Mathura: उत्तर प्रदेश के मथुरा में बंगाली घाट क्षेत्र की…
Ramayanam mangal rang song released: रणबीर कपूर और साई पल्लवी की फिल्म ‘रामायणम्’ का दूसरा…