Dharmendra Pradhan: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान जब पहली बार संसद पहुंचे तो बीजेपी और एनडीए सांसदों ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया.
धर्मेंद्र प्रधान का हुआ जोरदार स्वागत
Dharmendra Pradhan Welcome: केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा देने के बाद धर्मेंद्र प्रधान पहली बार जब संसद पहुंचे तो उनका जोरदार स्वागत किया है. बीजेपी सांसदों ने धर्मेंद्र प्रधान का गर्मजोशी से स्वागत किया और ‘धर्मेंद्र प्रधान जिंदाबाद’ के नारे लगाए. सत्ताधारी गठबंधन के इस एकजुटता प्रदर्शन की विपक्ष ने कड़ी आलोचना की. कांग्रेस ने बीजेपी पर आरोप लगाया कि वे ऐसे नेता का महिमामंडन कर रहे हैं जिन्होंने एक बड़े परीक्षा संकट के बीच इस्तीफा दिया था.
बीजेपी और एनडीए के सांसद धर्मेंद्र प्रधान के स्वागत के लिए मकर द्वार पर इकट्ठा हुए थे. इतनी गर्मजोशी से स्वागत होता हुआ देख उन्होंने मुस्कुराते हुए हाथ जोड़कर नमस्ते किया और सहयोगी उन्हें संसद परिसर के अंदर ले गए.
कई सांसदों ने समर्थन के प्रतीक के तौर पर पारंपरिक टोपी और शॉल भेंटकर उनका सम्मान किया. यह स्वागत ऐसे समय में हुआ जब प्रधान ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दिया था; उन पर CJP के नेतृत्व में हो रहे देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों का भारी दबाव था, जिनकी मुख्य मांगों में नीट पेपर लीक के लिए जवाबदेही और उनका इस्तीफा शामिल था. रविवार को केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कर्तव्य भवन में शिक्षा मंत्रालय का कार्यभार आधिकारिक रूप से संभाला.
#WATCH | Delhi: Former Union Education Minister and BJP MP Dharmendra Pradhan arrives at the Parliament.
BJP-NDA MPs sloganeer “Dharmendra Pradhan zindabad” as they receive him here. pic.twitter.com/7DHXIzMkvI
— ANI (@ANI) July 27, 2026
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वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा के नेतृत्व में विपक्षी सांसदों ने देशव्यापी प्रदर्शनों के दौरान छात्रों के खिलाफ कथित बल प्रयोग को लेकर संसद परिसर को अंदर विरोध प्रदर्शन किया. शिक्षा चोरी के नारे लगाते हुए विपक्षी नेताओं ने गृह मंत्री अमित शाह से शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई के लिए माफी मांगने की भी मांग की.
यह राजनीतिक टकराव ऐसे समय में हुआ जब संसद ‘पब्लिक एग्ज़ामिनेशन्स (प्रिवेंशन ऑफ़ अनफेयर मीन्स) अमेंडमेंट बिल, 2026’ पर चर्चा करने की तैयारी कर रही थी; इस बिल का मकसद परीक्षा विवाद के बाद देश के पेपर लीक-रोधी तंत्र को और मजबूत करना है. प्रधान के लिए बीजेपी द्वारा किए गए स्वागत पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस की राज्यसभा सांसद रेणुका चौधरी ने सत्ताधारी पार्टी पर तीखा हमला बोला. बिलकिस बानो केस का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह हरकत हैरान करने वाली नहीं है और इससे सरकार की राजनीतिक संस्कृति का पता चलता है.
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि हां, क्यों नहीं? क्या यह वही सरकार नहीं है जो बिलकिस बानो के हत्यारों और बलात्कारियों का स्वागत करती है? यह वही स्वामी जी हैं जो लड़कियों के साथ बलात्कार करने वालों को माला पहनाते थे, भगवान के नाम पर उनका अपमान करते थे और उन्हें जमानत दिलाते थे.
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