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FAQ Explainer: जहाज का इंजन किन वजहों से फेल हो सकता है? क्या एक इंजन पर विमान उड़ सकता है, पढ़िए रोचक फैक्ट्स

FAQ Explainer: हाल ही में हुए प्लेन क्रैस हादसे ने सबको चौंका दिया. इस हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार समेत 5 लोगों की जान चली गई. यही नहीं, कई बार देखा गया है कि, हवा में उड़ते हुए कमर्शियल विमानों का एक इंजन फेल हो गए. ऐसे मामलों को देखते हुए लोगों में हवाई यात्रा को लेकर खौफ तो है ही, साथ ही कई सवाल भी होते हैं. तो चलिए जानते हैं विमान से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां-

हाल ही में हुए प्लेन क्रैस हादसे ने सबको चौंका दिया. इस हादसे में महाराष्ट्र के डिप्टी सीएम अजित पवार के साथ उनके एक सुरक्षाकर्मी, दो पायलट और एक महिला क्रू मेंबर सहित कुल 5 लोगों की जान चली गई. यही नहीं, कई बार देखा गया है कि, हवा में उड़ते हुए कमर्शियल विमानों का एक इंजन फेल हो गए. ऐसा ही मामला एक मामला एयर इंडिया के विमान के साथ 22 दिसंबर 2025 को हुआ था. उस दिन मुंबई जाने वाले एयर इंडिया विमान का एक इंजन हवा में फेल हो गया था. फिर विमान को वापस दिल्ली लौटना पड़ा था. एविएशन में ऐसा हो सकता है और इसीलिए जहाज को इसी तरह बनाया जाता है कि कोई फर्क नहीं पड़े. पायलट भी इन स्थितियों के लिए पर्याप्त तरीके से तैयार रहता है. लिहाजा ऐसी स्थितियां आमतौर पर कभी हादसे में नहीं बदलतीं. हालांकि, ऐसे मामलों को देखते हुए लोगों में हवाई यात्रा को लेकर खौफ तो है ही, साथ ही कई सवाल भी होते हैं. अगर आप भी विमान के बारे में कुछ जानना चाहते हैं तो आप सही जगह पर हैं. तो आइए जानते हैं विमान से जुड़ी कुछ रोचक जानकारियां-

हर दिन 5 से 10 इंजन बंद हो जाते हैं

एक आंकड़े के मुताबिक, दुनियाभर में रोजाना औसतन 5 से 10 विमान ऐसे होते हैं, जिनमें उड़ान के दौरान कम से कम एक इंजन बंद हो जाता है. इनमें से 90 फीसदी से ज्यादा मामले यात्रियों को पता भी नहीं चलते हैं. हालांकि, 99% मामलों में विमान सुरक्षित लैंड कर जाता है. दुनियाभर में रोजाना करीब 1 लाख से 1.1 लाख कमर्शियल फ्लाइट्स हवा में होती हैं. हवा में उड़ने वाले ज्यादातर विमान दो इंजन वाले होते हैं.

सवाल: क्या उड़ान के दौरान इंजन फेल होना आम बात है?

– आम तो नहीं है लेकिन जैसा आपने ऊपर पढ़ा होगा कि दुनिया में रोजाना ऐसे औसतन 5-6 मामले होते हैं. लिहाजा ये कम होता है लेकिन होता है. आधुनिक एविएशन में इंजन फेल्योर को स्वाभाविक रिस्क यानी ऐसा हो सकता है. अहम बात ये है कि इंजन फेल होने का मतलब विमान का गिरना नहीं होता. आज के कमर्शियल विमान इस स्थिति को ध्यान में रखकर ही बनाए जाते हैं.

सवाल: इंजन फेल होने की सबसे आम वजह क्या होती है?

– सबसे आम वजह है बर्ड स्ट्राइक यानी उड़ते समय किसी पक्षी का इंजन में घुस जाना. टेकऑफ और लैंडिंग के समय यह खतरा ज्यादा रहता है, क्योंकि तब विमान कम ऊंचाई पर होता है. इंजन के अंदर घूमने वाले टरबाइन ब्लेड बेहद तेज गति से चलते हैं. अगर बड़ा पक्षी टकरा जाए, तो इंजन के सेंसर तुरंत खतरे को पहचान लेते हैं और ऑटोमैटिक सिस्टम इंजन को बंद कर देता है. यह फेल्योर नहीं, बल्कि एक सेफ्टी ऐक्शन होता है.

सवाल: क्या फ्यूल खत्म होने से भी इंजन बंद हो सकता?

– ऐसा हो सकता है लेकिन उड़ान के दौरान ऐसा होना इसलिए असंभव है क्योंकि विमान की उड़ान से पहले फ्यूल की मात्रा की जांच कई स्तरों पर की जाती है – पायलट, ग्राउंड इंजीनियर और सिस्टम तीनों द्वारा. फिर भी इतिहास में कुछ घटनाएं हुई हैं, जैसे 1983 का “गिमली ग्लाइडर” मामला, जब यूनिट कन्वर्ज़न की गलती से विमान हवा में ही फ्यूल से खाली हो गया था और विमान हादसे का शिकार हो गया लेकिन आज के डिजिटल सेंसर और क्रॉस-चेक सिस्टम ने इस खतरे को करीब खत्म कर दिया है.

सवाल: इंजन के मैकेनिकल पार्ट्स अचानक खराब हो सकते?

– हां, लेकिन यह भी बहुत कम होता है। इंजन के अंदर हजारों पुर्जे होते हैं – टरबाइन ब्लेड, बियरिंग, शाफ्ट, गियर बॉक्स. इनमें से किसी एक में भी मेटल फटीग आ जाए, तो समस्या पैदा हो सकती है. इसीलिए हर पार्ट की तय लाइफ लिमिट होती है. तय समय या उड़ान घंटों के बाद उसे बदला ही जाता है. इसके बावजूद जीरो परसेंट जोखिम कभी नहीं हो सकता.

सवाल: क्या इंजन बिना खराब हुए भी बंद हो सकता है?

– हां, ऐसा हो सकता है. कई बार इंजन खुद को बचाने के लिए बंद हो जाता है. इसे ऑटो प्रोटेक्टिव शटडाउन कहा जाता है. अगर सेंसर यह महसूस करें कि, तापमान बहुत ज्यादा हो गया है, वाइब्रेशन असामान्य है या ऑयल प्रेशर गिर रहा है. तो सिस्टम इंजन को बंद कर देता है ताकि बड़ा नुकसान न हो. तकनीकी भाषा में इसे फेल्योर नहीं, बल्कि सेफ्टी फीचर माना जाता है.

सवाल: क्या मेंटेनेंस की गलती से भी इंजन फेल हो सकता?

– हां, इसकी भी गुंजाइश रहती है. हालांकि आजकल कंप्युटराइज जमाने में ऐसा होना दुर्लभ है लेकिन कभी-कभी हो सकता है. इनकी वजहें ये हो सकती हैं – गलत इंस्टॉलेशन, मेंटेनेंस में चूक और मैन्युफैक्चरिंग डिफेक्ट. ऐसी घटनाओं के बाद पूरी दुनिया में उस मॉडल के इंजनों की जांच होती है. जरूरत पड़े तो विमान ग्राउंड कर दिए जाते हैं.

सवाल: क्या विमान एक इंजन पर उड़ सकता है?

– हां, यही आधुनिक एविएशन की सबसे बड़ी ताकत है. लगभग सभी कमर्शियल जेट एक इंजन पर सुरक्षित उड़ान और लैंडिंग में सक्षम होते हैं. लेकिन ऐसा जब भी होता है तब लंबी उड़ानों में एविएशन के नियम होते हैं, जो यह सुनिश्चित करते हैं कि विमान तय समय के भीतर किसी भी हालत में नजदीकी एयरपोर्ट तक पहुंच सके.

सवाल: दोनों इंजन एक साथ फेल होने की आशंका कितनी?

– ना के बराबर या कहें बहुत दुर्लभ. यह तभी हो सकता है जब पक्षियों का बड़ा झुंड दोनों इंजनों में घुस जाए. विमान ज्वालामुखी राख में चला जाए या फ्यूल बुरी तरह दूषित हो जाए. 2009 में हडसन नदी में सुरक्षित लैंडिंग इसी श्रेणी का उदाहरण है. इसी वजह से पायलटों को दोनों इंजन फेल्योर की भी ट्रेनिंग दी जाती है.

सवाल: क्या यात्रियों को इंजन फेल होने का पता चल जाता?

– अधिकतर मामलों में यात्रियों को इंजन फेल होने की जानकारी नहीं होती है. कई बार इंजन बंद हो जाता है, लेकिन विमान सामान्य तरीके से उड़ता रहता है. यात्री इसे महसूस भी नहीं कर पाते. अक्सर यात्रियों को तब पता चलता है जब विमान वैकल्पिक एयरपोर्ट पर उतरता है.

सवाल: आखिर हवाई यात्रा इतनी सुरक्षित कैसे है?

– क्योंकि पूरी एविएशन इंडस्ट्री एक ही सिद्धांत पर बनी है – अगर कुछ गलत हो जाए तो क्या. इसी वजह से हर सिस्टम का बैकअप होता है.हर स्थिति की लिखित चेकलिस्ट होती है. पायलटों की नियमित सिम्युलेटर ट्रेनिंग होती है ताकि एक गलती से पूरा सिस्टम फेल न हो. इसी वजह से इंजन फेल होना खबर बनता है, हादसा नहीं.

Lalit Kumar

9 साल से ज्यादा के लंबे करियर में ललित कुमार ने दैनिक जागरण, दैनिक भाष्कर, हिन्दुस्तान और नेटवर्क 18 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, समाज, कला व संस्कृति के अलावा जटिल स्वास्थ्य विषयों और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं का विश्लेषण उनकी विशेषता है। खबरों का डीप एनालिसिस उनकी पहचान है। हर खबर को आसान भाषा में पाठक तक पहुंचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। वर्तमान में वे देश के सबसे बड़े मीडिया संस्थानों में एक इंडिया न्यूज (डिजिटल) में लाइफस्टाइल, हेल्थ, धर्म और एस्ट्रो टीम का हिस्सा हैं।

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