Commission Grant Allocation: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया. आयोग की कौन सी सिफारिशों पर सरकार ने ध्यान दिया और उनकी बात मान ली है?
राज्यों के लिए वित्त आयोग का फंड मंजूर
Commission Grant Allocation: केंद्रीय वित्त एवं कॉरपोरेट कार्य मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया. इसमें कृषि, कॉमर्स और एआई सहित अन्य सेक्टर्स पर जोर दिया गया. सरकार ने एक्सपोर्ट से जुड़े रूल्स में भी परिवर्तन किया है. बजट में अमेरिकी टैरिफ से बचने के लिए उदारता देखने को मिली. तमिलनाडु की तरह अन्य स्टेट्स की कॉमर्शियल फसलों के लिए भी फाइनेंस मिनिस्टर निर्मला सीतारमण ने कई स्कीम्स की घोषणा की है. साथ ही देश की विकास दर पर भी अंदेशा जताते हुए कहा कि विकास दर 7 फीसदी तक रहेगी. इसके अलावा राज्यों को क्या मिला आइए जानते हैं?
प्रदेशों को वित्त आयोग के सुझावों के अनुसार, वर्ष 2026-27 (FY 27 यानी अप्रैल 2026 से मार्च 2027 तक) के लिए वित्त मंत्री ने 1.4 लाख करोड़ रुपये देने का प्रावधान किया है. बता दें कि यह धनराशि वित्त आयोग ग्रांट्स के नाम से प्रदान की जाती है. यह केंद्र की ओर से राज्यों को मिलने वाली अतिरिक्त सहायता के तौर पर प्राप्त होती है. यह रकम राज्यों को ग्रामीण निकायों, शहरी स्थानीय निकायों और आपदा प्रबंधन के लिए जारी की गई है. सरकार की ओर से गांव पंचायतों, नगर निगम, नगर पालिका और बाढ़, सूखा और भूकंप जैसी समस्याओं से निपटने के लिए प्रदेशों को फाइनेंशियल हेल्प दी गई है.
फाइनेंस मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया है कि 17 नवंबर 2025 को, 16वें वित्त आयोग ने अपनी रिपोर्ट राष्ट्रपति को सौंपी थी. आयोग की सिफारिशों पर सरकार ने ध्यान दिया और उनकी बात मान ली है. सीतारमण ने घोषणा की है कि सरकार ने राज्यों को दिए जाने वाले हिस्से को 41 फीसदी पर ही रखने की बात मान ली है.

सरकार ने केंद्रीय बजट में कर्ज को कम रखने का प्रयास किया है. जिससे कि इंटरेस्ट यानी ब्याज पर कम पैसे खर्च हो और विकास के कामों पर अधिक पैसा लगाया जा सके. केंद्र सरकार का टारगेट 2030-31 तक कर्ज को GDP का 50 फीसदी करने पर है. साल 2025-26 में संशोधित अनुमान के अनुसार, कर्ज GDP का 56.1% प्रतिशत है. इस वित्तीय वर्ष में बजट में यह संभावना जताई जा रही है कि कर्ज GDP का 55.6 प्रतिशत तक हो सकता है. यानी आंकड़ा थोड़ा कम होता दिखाई दे रहा है.
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बताया कि सरकार के वादे के मुताबिक, 2025-26 तक फिस्कल डेफिसिट GDP के 4.5 फीसदी से नीचे आ गया है. वर्ष 2025-26 में यह 4.4 फीसदी पर है. अब 2026-27 में इसे 4.3 पर्सेंट लाकर और भी कम करने का टारगेट है. मतलब वित्त मंत्री की बातों से यह स्पष्ट है कि सरकार उधार कम ले रही है, जिससे कर्जे से निपटा जा सके. अनुमान के मुताबिक, बिना कोई उधार लिए सरकार की कमाई तकरीबन 34 लाख करोड़ रुपये है. वहीं, कुल खर्च की बात करें तो यह लगभग 49.6 लाख करोड़ रुपये है. इसमें कई तरह के निवेश को शामिल किया जाएगा.
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