पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने महमूद गजनी और लोदी वंश के शासकों को लेकर एक विवादित बयान दिया है. इस बयान के बाद से राजनीतिक पार्टियों में आरोप प्रत्यारोप तेज हो गए हैं. विश्लेषकों का मानना है कि उनकी इस टिप्पणी का असर आगामी चुनावों पर पड़ सकता है.
hamid ansari
पूर्व उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी ने एक वीडियो इंटरव्यू में ऐसा बयान दिया है, जिसने पूरे राजनीतिक हलकों में भूचाल ला दिया. उन्होंने महमूद गजनवी और लोदी वंश को लेकर एक ऐसी टिप्पणी की है, जिसने पूरे मुद्दे को बहस का विषय बना दिया है.
दरअसल, एक इंटरव्यू में अंसारी ने महमूद गजनवी और लोदी वंश के शासकों को ‘विदेशी आक्रमणकारी’ न कहकर ‘हिंदुस्तानी लुटेरा’ करार दिया है. अंसारी का कहना था कि इतिहास की किताबों में इन्हें विदेशी बताना राजनीतिक नजरिया मात्र है. इसके बाद से भाजपा ने उन पर तीखा हमला बोला है. भारतीय जनता पार्टी का कहना है कि पूर्व उपराष्ट्रपति के बयान न केवल ऐतिहासिक तथ्यों के खिलाफ है बल्कि विदेशी लुटेरों का महिमामंडन करने जैसा है.
इंटरव्यू में अंसारी ने भारत-ईरान रिश्तों पर चर्चा करते हुए कहा, “हिंदुस्तान की सल्तनत आधे अफगानिस्तान तक फैली थी. लोदी, गजनी व अन्य, जिन्हें हम विदेशी लुटेरे कहते रहे, वे हिंदुस्तानी लुटेरे थे. बाहर से नहीं आए थे.” उनका तर्क था कि कंधार पर भारत का आधिपत्य होने से ये ‘भारतीय’ थे. ये बयान सोशल मीडिया पर वायरल होते ही आग की तरह फैल गया.
बीजेपी ने अंसारी के बयान पर करारा हमला बोला. प्रवक्ता सीआर केसवन ने राहुल गांधी से सवाल किया, “क्या कांग्रेस आला-कमान इससे सहमत हैं?” पार्टी ने इसे ‘विदेशी लुटेरों का महिमामंडन’ और ‘हिंदू-विरोधी मानसिकता’ बताया. वहीं शहजाद पूनावाला ने कहा, “गजनी ने सोमनाथ मंदिर तोड़ा, जिसे अब हिंदुस्तानी कह रहे हो?” अनिल राजभर बोले, “लुटेरों की तारीफ करने वालों की सोच साफ हो गई.”
महमूद गजनी अफगानिस्तान के गजनी से भारत आया था और 17 बार भारत को लूटा, उसने सोमनाथ मंदिर लूटा, कई मंदिर तोड़े और लूट का माल वापस ले गया. वो स्थाई रूप से भारत में नहीं बसा. इसके अलावा लोदी वंश अफगान मूल का जो मध्य एशिया से आया था. बहलोल लोदी ने भारत में लोदी वंश की स्थापना की थी. लोदी वंश के अंतिम शासक इब्राहिम लोदी को बाबर ने हराया था. अंसारी का ‘हिंदुस्तानी’ तर्क ऐतिहासिक तथ्यों के खिलाफ माना जा रहा है. कई इतिहासकारों का मानना है कि गजनी और लोदी वंश की भौगोलिक-सांस्कृतिक जड़ें भारत से बाहर थीं.
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (पहले ट्विटर) पर #HamidAnsari ट्रेंड करने लगा. कई यूजर्स ने इस पोस्ट को रीट्वीट किया और कमेंट किये. यूजर्स बोले, “सोमनाथ तोड़ने वाला हिंदुस्तानी? इतिहास बदलने की साजिश!” कई न्यूज चैनलों पर इस मुद्दे को लेकर लोगों के बीच डिबेट छिड़ गई. BJP ने इसे कांग्रेस की पुरानी ‘इतिहास तोड़-मरोड़ नीति’ बताया.
अंसारी के इस बयान का आगामी चुनाव पर असर पड़ने की संभावना है. उनका ये बयान राजनीतिक पार्टियों के वोट बैंक को प्रभावित कर सकता है. उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं. पूर्व उपराष्ट्रपति की इस टिप्पणी का असर उत्तर प्रदेश की राजनीति पर पड़ सकता है.
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