गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने शुक्रवार को पवन खेड़ा की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी. यह फैसला असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुयान सरमा द्वारा दर्ज मानहानि की एफआईआर के संबंध में है. जिसमें वरिष्ठ कांग्रेस नेता ने उन पर कई पासपोर्ट रखने और विदेशों में संपत्ति रखने का आरोप लगाया था.
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गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने रिनिकी भुयान शर्मा द्वारा दर्ज कराई गई एफआईआर के संबंध में कांग्रेस नेता पवन खेड़ा द्वारा दायर अग्रिम जमानत याचिका पर सुनवाई की. इस मामले में गुवाहाटी हाईकोर्ट में मंगलवार को सुनवाई हुई थी, लेकिन कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रखा था. पीटीआई के अनुसार वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से कांग्रेस नेता की ओर से पेश होते हुए वरिष्ठ अधिवक्ता अभिषेक मनु सिंहवी ने तर्क दिया कि कांग्रेस नेता के आरोपों के जवाब में मुख्यमंत्री द्वारा की गई टिप्पणियां राजनीतिक प्रतिशोध की ओर इशारा करती हैं. सिंघवी ने कहा कि याचिकाकर्ता के भागने का कोई खतरा नहीं है और उसकी गिरफ्तारी की कोई आवश्यकता नहीं थी.
यह पूरा मामला 4 अप्रैल को एक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान पवन खेड़ा द्वारा लगाए गए आरोपों से उपजा. उन्होंने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी के पास अलग-अलग देशों के तीन पासपोर्ट होने का आरोप लगाया था. इस मामले ने इसलिए भी तूल पकड़ी, क्योंकि भारत में दोहरी नागरिकता की अनुमति नहीं है. इसके बाद सीएम हिमंता बिस्वा सरमा ने पवन खेड़ा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई के संकेत दिए. और कांग्रेस नेता के खिलाफ गुवाहाटी क्राइम ब्रांच में 5 अप्रैल को एफआईआर दर्ज की गई. पुलिस जब पूछताछ के लिए उनके घर पहुंची तो वे मिले ही नहीं. इसके बाद 7 अप्रैल को दिल्ली स्थित पवन खेड़ा के आवास पर तलाशी ली गई. उसी दिन, खेरा ने तेलंगाना उच्च न्यायालय में अग्रिम जमानत की मांग करते हुए एक आपराधिक याचिका दायर की.