Reservation Case: क्या आपने कभी सोचा है कि अगर कोई उच्च जाति वाला व्यक्ति अल्पसंख्यक बनकर आरक्षण की मांग करें? जी हां, एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जिसे लेकर सुप्रीम कोर्ट ने टिप्पणी की है. पढ़िए पूरी खबर.
supreme court
SC on Reservation Case: हाल ही में उच्च जाति के एक हिंदू ने बौद्ध धर्म अपना लिया. इसके बाद उसने अल्पसंख्यक आरक्षण की मांग की. इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कड़ी आपत्ति जताई है. सीजेआई सूर्यकांत ने इसे एक नए प्रकार की धोखाधड़ी बताया है. इस मामले से लोगों के मन में कई तरह के सवाल उठ रहे हैं. आखिर क्या है ये पूरा मामला जानिए इस खबर में.
निखिल कुमार पुनिया नाम के एक व्यक्ति द्वारा एक याचिक सुप्रीम कोर्ट में दायर की गई. आपको बताते चलें कि याचिकाकर्ता पहले हिंदू धर्म में उच्च जाति का व्यक्ति था. अब उसने बौद्ध धर्म अपना लिया है और अल्पसंख्यक आरक्षण की मांग कर रहा है. इसी पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई की है.
भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची की पीठ ने इस मामले की सुनवाई की. सीजेआई ने याचिकाकर्ता के वकील से पूछा, ‘आप पुनिया हैं? आप किस अल्पसंख्यक समुदाय से हैं? मैं आपसे सीधे-सीधे पूछता हूं कि आप किस प्रकार के पुनिया हैं?’ इस पर याचिकाकर्ता के वकील ने जवाब दिया, ‘जाट पुनिया’. इस पर कोर्ट ने फिर सवाल किया कि तो फिर अल्पसंख्यक कैसे? वकील ने जवाब में कहा, ‘मैंने बौद्ध धर्म अपना लिया है. यह मेरा अधिकार है.’ यह सुनते ही सीजेआई ने कहा, ‘वाह! यह तो धोखाधड़ी का एक नया प्रकार है.’
सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने के लिए दिशानिर्देशों के बारे में सूचित करने को कहा है. साथ ही यह बताने का निर्देश दिया कि क्या उच्च जाति के सामान्य श्रेणी के उम्मीदवार बौद्ध धर्म में परिवर्तित होने का दावा करके अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र प्राप्त कर सकते हैं.
आदेश में सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा के मुख्य सचिव से स्पष्ट जवाब मांगा है. कोर्ट ने कहा कि यह बताया जाए कि अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र जारी करने के लिए सरकार के नियम और दिशा-निर्देश क्या हैं. साथ ही अदालत ने यह भी सवाल उठाया कि क्या कोई उच्च जाति का सामान्य वर्ग का व्यक्ति, जो आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग में भी नहीं आता, अल्पसंख्यक प्रमाण पत्र हासिल कर सकता है, खासकर तब जब उसने पहले अपने आवेदन में खुद को सामान्य श्रेणी का बताया हो और बाद में बौद्ध अल्पसंख्यक होने का दावा किया हो. अदालत ने इन बिंदुओं पर स्थिति साफ करने को कहा है, ताकि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता बनी रहे. अब देखना होगा कि हरियाणा सरकार इस पर क्या जवाब देती है.
Ganesh Festival 2026: सूरत के वेसू इलाके में इस बार गणेशोत्सव का आयोजन बेहद भव्य…
India vs Afghanistan T20: BRICS समिट के दौरान दिल्ली में होने वाले भारत-अफगानिस्तान पहले T20…
Nayi Naveli Teaser Out: यामी गौतम की अपकमिंग फिल्म नई नवेली का टीडर आउट हो…
Delhi MCD jewellery shops: दिल्ली के चांदनी चौक स्थित कूचा महाजनी में MCD ने गुरुवार…
GST Registration: इंटरनेट के जमाने में फ्रॉड के तरीके भी बढ़ गए हैं. लोग फर्जी…
Raghav Chadha Punjab Politics: राघव चड्ढा ने पंजाब में ड्रग्स और संगरूर में गुलजार सिंह…