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Jaipur Metro: जयपुर में शुरू हुई अंडरग्राउंड टनल की खुदाई, 2028 तक बदलेगी शहर की तस्वीर! देखें रूट

Jaipur Metro: जयपुर में रहने वालों के लिए अच्छी खबर है. अब पिंक सिटी में मेट्रो का दायरा बढ़ने वाला है. इसका काम भी शुरू कर दिया गया है. 1511 करोड़ रुपये में बनने वाले इस कॉरिडोर से लोगों को काफी राहत मिलेगी.

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Last Updated: October 12, 2026 16:21:45 IST

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Jaipur Metro: जयपुर में रहने वालों और रोजाना शहर की सड़कों पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है. पिंक सिटी में मेट्रो का दायरा बढ़ाने की तैयारी है. जयपुर मेट्रो के फेज-1C के तहत रविवार से भूमिगत सुरंग बनाने का काम शुरू कर दिया गया है. गलता गेट पर टनल बोरिंग मशीन (TBM) के जरिए निर्माण कार्य की शुरुआत हुई. लगभग 1,511 करोड़ रुपये की इस परियोजना से शहर के पुराने इलाकों से लेकर आगरा रोड और ट्रांसपोर्ट नगर तक मेट्रो कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है.

कितना लंबा होगा नया मेट्रो कॉरिडोर?

जानकारी के अनुसार, जयपुर मेट्रो का फेज-1C कुल 3.80 किलोमीटर लंबा होगा. इस रूट को मौजूदा मानसरोवर-बड़ी चौपड़ कॉरिडोर के आगे बढ़ाया जाएगा. परियोजना के तहत भूमिगत सुरंग के साथ करीब 800 मीटर का एलिवेटेड हिस्सा भी बनाया जाएगा. योजना के मुताबिक, मेट्रो रामगंज चौपड़ से आगे गलता गेट तक भूमिगत रास्ते से पहुंचेगी. इसके बाद ट्रैक जमीन के ऊपर आएगा और दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे के समानांतर एलिवेटेड रूट से होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर तक जाएगा. ट्रांसपोर्ट नगर इस नए कॉरिडोर का आखिरी स्टेशन होगा.

जयपुर के इन इलाकों को मिलेगा फायदा

इस विस्तार से शहर के उन इलाकों तक मेट्रो पहुंचाने की योजना है, जहां सड़क यातायात का दबाव यात्रियों के लिए परेशानी बनता है. रामगंज, गलता गेट और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे क्षेत्रों को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में यह अहम कदम माना जा रहा है. इसके अलावा आगरा रोड की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है. गलता जी मंदिर, मंकी टेंपल और सिसोदिया रानी बाग जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले लोगों को भी इस विस्तार से फायदा हो सकता है.

कब शुरू होगा नया कॉरिडोर?

जयपुर की पहचान उसके ऐतिहासिक परकोटे और विरासत वाली इमारतों से है. इसी इलाके के नीचे लगभग 15 से 17 मीटर की गहराई पर सुरंग बनाई जाएगी. भूमिगत निर्माण का उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक पहचान को ध्यान में रखते हुए मेट्रो का विस्तार करना है. जानकारी के अनुसार, परियोजना के तय कार्यक्रम के अनुसार अगर काम चलता है, तो जून-जुलाई 2027 तक मेट्रो को बड़ी चौपड़ से आगे बढ़ाने का लक्ष्य है. वहीं, पूरे फेज-1C को 2028 तक पूरा करने की तैयारी है.

ये भी पढ़ें: Delhi Metro: आज कितने मेट्रो स्टेशन रहेंगे बंद? DMRC ने जारी किया लिस्ट; घर से निकलने से पहले जान लें अपडेट

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Jaipur Metro: जयपुर में रहने वालों और रोजाना शहर की सड़कों पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खबर है. पिंक सिटी में मेट्रो का दायरा बढ़ाने की तैयारी है. जयपुर मेट्रो के फेज-1C के तहत रविवार से भूमिगत सुरंग बनाने का काम शुरू कर दिया गया है. गलता गेट पर टनल बोरिंग मशीन (TBM) के जरिए निर्माण कार्य की शुरुआत हुई. लगभग 1,511 करोड़ रुपये की इस परियोजना से शहर के पुराने इलाकों से लेकर आगरा रोड और ट्रांसपोर्ट नगर तक मेट्रो कनेक्टिविटी बेहतर होने की उम्मीद है.

कितना लंबा होगा नया मेट्रो कॉरिडोर?

जानकारी के अनुसार, जयपुर मेट्रो का फेज-1C कुल 3.80 किलोमीटर लंबा होगा. इस रूट को मौजूदा मानसरोवर-बड़ी चौपड़ कॉरिडोर के आगे बढ़ाया जाएगा. परियोजना के तहत भूमिगत सुरंग के साथ करीब 800 मीटर का एलिवेटेड हिस्सा भी बनाया जाएगा. योजना के मुताबिक, मेट्रो रामगंज चौपड़ से आगे गलता गेट तक भूमिगत रास्ते से पहुंचेगी. इसके बाद ट्रैक जमीन के ऊपर आएगा और दिल्ली-आगरा नेशनल हाईवे के समानांतर एलिवेटेड रूट से होते हुए ट्रांसपोर्ट नगर तक जाएगा. ट्रांसपोर्ट नगर इस नए कॉरिडोर का आखिरी स्टेशन होगा.

जयपुर के इन इलाकों को मिलेगा फायदा

इस विस्तार से शहर के उन इलाकों तक मेट्रो पहुंचाने की योजना है, जहां सड़क यातायात का दबाव यात्रियों के लिए परेशानी बनता है. रामगंज, गलता गेट और ट्रांसपोर्ट नगर जैसे क्षेत्रों को सीधे मेट्रो नेटवर्क से जोड़ने की दिशा में यह अहम कदम माना जा रहा है. इसके अलावा आगरा रोड की ओर आने-जाने वाले यात्रियों को भी बेहतर कनेक्टिविटी मिलने की उम्मीद है. गलता जी मंदिर, मंकी टेंपल और सिसोदिया रानी बाग जैसे पर्यटन स्थलों तक पहुंचने वाले लोगों को भी इस विस्तार से फायदा हो सकता है.

कब शुरू होगा नया कॉरिडोर?

जयपुर की पहचान उसके ऐतिहासिक परकोटे और विरासत वाली इमारतों से है. इसी इलाके के नीचे लगभग 15 से 17 मीटर की गहराई पर सुरंग बनाई जाएगी. भूमिगत निर्माण का उद्देश्य शहर की ऐतिहासिक पहचान को ध्यान में रखते हुए मेट्रो का विस्तार करना है. जानकारी के अनुसार, परियोजना के तय कार्यक्रम के अनुसार अगर काम चलता है, तो जून-जुलाई 2027 तक मेट्रो को बड़ी चौपड़ से आगे बढ़ाने का लक्ष्य है. वहीं, पूरे फेज-1C को 2028 तक पूरा करने की तैयारी है.

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