<
Categories: देश

लोकसभा की सीटें 543 से बढ़कर होंगी 815, महिलाओं को 33% आरक्षण, 2011 की जनगणना के आधार पर परिसीमन

Census Based Delimitation: केंद्र सरकार ने संसद सदस्यों को तीन अहम बिलों के ड्राफ़्ट भेजे हैं; इन बिलों से देश के लोकतांत्रिक ढांचे में बड़े बदलाव आने की उम्मीद है. केंद्र सरकार संविधान (131वां संशोधन) बिल, परिसीमन बिल, और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 को जल्द से जल्द पास करवाने की तैयारी में है

Delimitation Bill 2026: केंद्र सरकार ने संसद सदस्यों को तीन अहम बिलों के ड्राफ़्ट भेजे हैं; इन बिलों से देश के लोकतांत्रिक ढांचे में बड़े बदलाव आने की उम्मीद है. केंद्र सरकार संविधान (131वां संशोधन) बिल, परिसीमन बिल, और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2026 को जल्द से जल्द पास करवाने की तैयारी में है.
ये बिल आने वाली जनगणना के आधार पर लोकसभा सीटों की संख्या बढ़ाकर ज़्यादा से ज़्यादा 815 करने, चुनाव क्षेत्रों की सीमाएं फिर से तय करने (परिसीमन), और महिलाओं के लिए आरक्षण को असरदार तरीके से लागू करने का कानूनी रास्ता खोलते हैं. सरकार के इस कदम से, सीटों के लंबे समय से रुके हुए पुनर्गठन और भाषाई और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व की एक नई व्यवस्था को औपचारिक रूप से मंज़ूरी देने की प्रक्रिया आधिकारिक तौर पर शुरू हो गई है.

महिला आरक्षण बिल16 और 17 अप्रैल को पेश करेंगे पीएम मोदी

मोदी सरकार इस विधेयक को जो लोकसभा और सभी राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण का प्रावधान करता है. 16 अप्रैल को लोकसभा में और 17 अप्रैल को राज्यसभा में पेश करेगी.

महिला आरक्षण की मुख्य बातें

  • लागू होने की शर्त: यह आरक्षण तभी लागू होगा, जब विशेष रूप से इसी उद्देश्य के लिए की जाने वाली परिसीमन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.
  • अवधि: यह आरक्षण 15 वर्षों की अवधि तक लागू रहेगा, जब तक कि संसद द्वारा इसे आगे न बढ़ाया जाए.
  • सीटों का आवंटन: आरक्षित सीटों का आवंटन रोटेशन (बारी-बारी) के आधार पर किया जाएगा.

परिसीमन और जनगणना से संबंधित संशोधन

  • संसद और राज्य विधानसभाओं में सीटों की संख्या को 1971 की जनगणना के आधार पर स्थिर (freeze) करने के लिए संशोधन पेश किए गए थे; ये प्रावधान 2026 के बाद होने वाली जनगणना के पूरा होने तक लागू रहेंगे.
  • अनुच्छेद 82 और 170 में हर जनगणना के बाद निर्वाचन क्षेत्रों के पुनर्समायोजन का प्रावधान है.
  • एक अन्य संशोधन में अनुसूचित जातियों (SC) और अनुसूचित जनजातियों (ST) के लिए सीटों के आरक्षण का प्रावधान किया गया था बिना सीटों की कुल संख्या बढ़ाए जो 2001 की जनगणना पर आधारित था.

106वां संशोधन

106वां संशोधन यह निर्धारित करता है कि महिलाओं के लिए आरक्षित सीटों की संख्या तब बढ़ाई जाएगी, जब यह बिल कानून बन जाएगा, उसके बाद अगली जनगणना पूरी हो जाएगी, और तत्पश्चात् परिसीमन प्रक्रिया पूरी हो जाएगी.

देरी की समस्या

हालांकि, अगली जनगणना और उसके बाद होने वाली परिसीमन प्रक्रिया में काफी समय लगने की उम्मीद है, जिससे लोकतांत्रिक ढांचे के भीतर महिलाओं की प्रभावी और समर्पित भागीदारी में देरी होगी.

प्रस्तावित बिल का उद्देश्य

  • प्रस्तावित बिल का उद्देश्य लोकसभा, राज्य विधानसभाओं, राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र दिल्ली की विधानसभा, और केंद्र शासित प्रदेशों की विधानसभाओं में महिलाओं के लिए एक-तिहाई आरक्षण लागू करना है. यह आरक्षण अनुसूचित जातियों और अनुसूचित जनजातियों से संबंधित महिलाओं पर भी लागू होगा.
  • यह आरक्षण नवीनतम प्रकाशित जनगणना आंकड़ों के आधार पर की जाने वाली परिसीमन प्रक्रिया के माध्यम से लागू किया जाएगा.
  • इस प्रकार, महिलाओं के लिए सीटों के आरक्षण का कार्यान्वयन, लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में सीटों के आवंटन के पुनर्समायोजन से संबंधित संवैधानिक व्यवस्था के साथ-साथ, परिसीमन आयोग द्वारा क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों की सीमाओं के पुनर्निर्धारण से जुड़ा हुआ है.

बिल के फ़ायदे

  • प्रस्तावित बिल क्षेत्रीय निर्वाचन क्षेत्रों के परिसीमन को आसान बनाएगा.
  • इससे महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिलेगा और महिलाओं को राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में भाग लेने के अवसर मिलेंगे.
  • इसके अलावा, फ़ैसले लेने की प्रक्रियाओं में महिलाओं का बढ़ा हुआ प्रतिनिधित्व समावेशिता को बढ़ावा देगा और ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्यों को हासिल करने में योगदान देगा.

‘परिसीमन अधिनियम, 2026’ की मुख्य बातें

  • इस अधिनियम के तहत, लोकसभा और सभी राज्य विधान सभाएँ एक ‘परिसीमन आयोग’ का गठन करेंगी.
  • एक परिसीमन आयोग का गठन किया जाएगा, जिसमें एक अध्यक्ष और सदस्य शामिल होंगे.
  • किसी विवाद की स्थिति में, निर्णय बहुमत के आधार पर लिए जाएंगे.
  • राज्य विधान सभाएँ एक महीने के भीतर परिसीमन आयोग का गठन करेंगी, और लोकसभा दो महीने के भीतर ऐसा करेगी.
  • लोकसभा और राज्य विधान सभाएं अपनी-अपनी सीटों में एक-तिहाई की वृद्धि करते हुए परिसीमन का कार्य करेंगी.
  • परिसीमन प्रक्रिया में अनुसूचित जातियों, अनुसूचित जनजातियों और महिलाओं के लिए आरक्षण का प्रावधान होगा.
  • परिसीमन से संबंधित जानकारी राजपत्र (Gazette) अधिसूचना के माध्यम से प्रसारित की जाएगी; इसके अतिरिक्त, आम जनता को समाचार पत्रों, टेलीविज़न चैनलों और रेडियो के माध्यम से सूचित किया जाएगा.
  • इसके साथ ही, ‘परिसीमन अधिनियम, 2002’ निरस्त माना जाएगा.
Shristi S

Shristi S has been working in India News as Content Writer since August 2025, She's Working ITV Network Since 1 year first as internship and after completing 3 months intership Shristi Joined Inkhabar Haryana of ITV Group on November 2024. She Worked in Inkhabar Haryana 9 months there she cover full Haryana news. Currently In India News her speciality is hard news, lifestyle, entertainment, Business.

Recent Posts

IPS Mother Death: मुंह में तौलिया, खून और चोट… IPS की मां की मौत का खुला राज, बंद दरवाजे के पीछे खौफनाक कांड

IPS Mother Death: उत्तर प्रदेश के लखनऊ के आईपीएस अधिकारी की मां की मौत के…

Last Updated: August 17, 2026 14:00:37 IST

पति की अर्थी को कंधा देकर सिर्फ 50 मीटर चली पत्नी, फिर खुद भी तोड़ दिया दम…एक साथ उठीं दो अर्थियां

Ballia Husband Wife Death: बलिया में पति की मौत के बाद उनकी अंतिम यात्रा के…

Last Updated: August 17, 2026 13:50:15 IST

UP News: कानपुर में 16 रुपये में कपड़ों का ऑफर देना पड़ा भारी, दुकानदार को उठा ले गई पुलिस

UP Kanpur News: उत्तर प्रदेश के कानपुर में एक दुकानदार ने ऑफर निकाला कि रात…

Last Updated: August 17, 2026 13:27:31 IST

शिव पूजा के लिए सोमवार ही क्यों माना जाता है सर्वश्रेष्ठ? जानें जलाभिषेक से लेकर मंत्र जाप तक के खास उपाय

Sawan Somwar 2026: सावन सोमवार भगवान शिव की आराधना के लिए विशेष माना जाता है.…

Last Updated: August 17, 2026 13:24:30 IST