<

चिलचिलाती धूप, दूर तक पसरा नमक… पीरियड के बाद ही नहा पातीं महिलाएं, नमक के रेगिस्तान की दर्दभरी कहानी

Farmer struggle story: काल्पनिक कहानियों का अपना एक अलग ही संसार है, जहां तर्क (logic) की जगह कल्पना और भावनाएं लेती हैं. लेकिन, आज हम आपको कहानी नहीं, एक जिंदगी से जद्दोहन करती जीवन दास्तां के बारे में बताएंगे. जिसे सुनकर एक बार तो शायद यकीन कर पाना मुश्किल हो जाए. इनकी दिनचर्या जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे.

Farmer struggle story: कहानियां तो आपने खूब सुनी होंगी, वो भी जिनका सच्चाई से दूर-दूर तक कोई लेना देना नहीं है. दरअसल, काल्पनिक कहानियों का अपना एक अलग ही संसार है, जहां तर्क (logic) की जगह कल्पना और भावनाएं लेती हैं. हकीकत तो यह है कि, ऐशो आराम की जिंदगी जीते हुए हम सच्चाई से खुद ही दूर हो गए हैं. यही वजह है कि हम काल्पनिक कहानियों में ही सच्चाई खोजते हैं. लेकिन, आज हम आपको कहानी नहीं, एक जिंदगी से जद्दोहन करती जीवन दास्तां के बारे में बताएंगे. जिसे सुनकर एक बार तो शायद यकीन कर पाना मुश्किल हो जाए. इनकी दिनचर्या जानेंगे तो हैरान रह जाएंगे. जी हां, ये सच्ची कहानी है उन लोगों की है, जो हमारे खाने का स्वाद बढ़ाने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं. ये लोग नहाना तो दूर पानी के पीने तक के लिए मजबूर हो जाते हैं. इसमें महिलाओं को स्थिति और भी दयनीय है. आइए जानते हैं इनके काम और दैनिक जीवन के बारे में-    

नमक का रेगिस्तान

गुजरात में अरब सागर से करीब सौ किलोमीटर दूर ‘कच्छ का रण’ है, जो पूरी दुनिया में ‘नमक का रेगिस्तान’ के रूप में मशहूर है. कछुए के आकार का यह क्षेत्र, बड़ा रण और छोटा रण- दो हिस्सों में बंटा है. बता दें कि, कच्छ का रण दुनिया के सबसे बड़े रेगिस्तानों में से एक है. यहां सदियों से ‘अगरिया समुदाय’ के लोग रहते हैं. ये लोग चिलचिलाती धूप में अपना पसीना बहाकर, देश में करीब 75 फीसदी नमक की आपूर्ति करते हैं. 

झकझोर देगी महिलाओं की पीड़ा

नमक के रेगिस्तान में काम करने वाली महिलाओं की पीड़ा बहुत ही दुखद है. यहां काम करने वाली महिलाएं कहती हैं कि, ‘दिन में हम शौच नहीं जाते… लोग देख लेंगे. इसलिए खाना भी कम खाते हैं… ताकि बार-बार जाना न पड़े. सरकारी पानी का टैंकर महीने में सिर्फ एक बार आता है. उसमें भी खारा पानी होता है. जब पीने के लिए पानी नहीं, तो नहाने के लिए कहां से मिलेगा. महीने में एक बार नहा पाती हूं और वो भी पीरियड के बाद. 

नमकीन दलदल में गुजारते हैं साल के 8 महीने

यहां के लोग ‘साल के 12 में से 8 महीने हमें इसी नमकीन दलदले रण के बीच रहते हैं. अगस्त-सितंबर आते-आते पूरा गांव तंबू लेकर यहीं आ जाता है. यहीं तंबू गाड़कर रहना पड़ता है. नमक की खेती शुरू होने से पहले ही आंधी-तूफान, चिलचिलाती धूप और फिर शून्य डिग्री तापमान… हर मौसम की मार झेलनी पड़ती है. यहां काम करने वालों के पैरों की चमड़ी खराब हो जाती है. ये घाव सालों-साल नहीं सूखते. हमेशा खुजली और जलन बनी रहती है.

600-700 वर्षों से हो रही नमक की खेती

चिलचिलाती धूप, दूर-दूर तक फैला नमक का मैदान फिर उससे उठती चमक. लगता है मानों शरीर जल जाएगा. इसके बावजूद वहां लोगों की हिम्मत नहीं डिगती है. एक रिपोर्ट कहती है कि, यहां 600-700 वर्षों से नमक की खेती हो रही है. हालांकि, पुराने समय में बैल और चमड़े की कोस की मदद से नमक निकाला जाता था और पकाया जाता था. लेकिन, जलस्तर नीचे जाने के बाद, किसानों को काफी कठिनाई होने लगी.

विपरीत मौसम में खाना तक नहीं होता नसीब

यहां रहे लोगों का मौसम भी साथ नहीं देता है. गर्मी में धूप परेशान करती है तो बरसात में बारिश. बता दें कि, बरसात में चूल्हे की लकड़ी भीग जाती है, तो भूखे रहना पड़ता है. या फिर आटा घोलकर पीना होता है. छप्पर से पानी टपकता है, तो रातभर जागकर गुजारनी पड़ती है. हालांकि, अब सरकार ने सोलर लगवा दिए हैं. लेकिन सोलर सिस्टम खराब हो जाए, तो मोमबत्ती भी यहां नहीं टिकती है. इस समय छोटे बच्चों को बीमारी से बचाए रखना मुश्किल हो जाता है.

किसानों को कितना मुनाफा होता है?

एक रिपोर्ट के मुताबिक, यहां काम करने वालों को एक किलो नमक के करीब 30 पैसे मिलते हैं. जब पूरे महीने खूब काम करते हैं तो मुश्किल से 50 हजार रुपये तक बच पाते हैं.

Lalit Kumar

9 साल से ज्यादा के लंबे करियर में ललित कुमार ने दैनिक जागरण, दैनिक भाष्कर, हिन्दुस्तान और नेटवर्क 18 जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में अपनी सेवाएं दी हैं। समसामयिक विषयों के विभिन्न मुद्दों, समाज, कला व संस्कृति के अलावा जटिल स्वास्थ्य विषयों और जीवनशैली से जुड़ी समस्याओं का विश्लेषण उनकी विशेषता है। खबरों का डीप एनालिसिस उनकी पहचान है। हर खबर को आसान भाषा में पाठक तक पहुंचाना सबसे बड़ी जिम्मेदारी है। वर्तमान में वे देश के सबसे बड़े मीडिया संस्थानों में एक इंडिया न्यूज (डिजिटल) में लाइफस्टाइल, हेल्थ, धर्म और एस्ट्रो टीम का हिस्सा हैं।

Recent Posts

टेस्टी और क्रंची कोरियन cucumber किमची, गर्मी से देगी राहत, स्वाद और सेहत का बेस्ट कॉम्बिनेशन

Cucumber Kimchi: किमची का नाम सुनते ही जहन में सिर्फ पत्तागोभी और मूली से बनी…

Last Updated: May 23, 2026 19:44:43 IST

SSC GD Exam Reschedule: एसएससी जीडी परीक्षा की बदली तारीख, 28 मई की परीक्षा अब होगी इस दिन

SSC GD Constable भर्ती परीक्षा की डेट में अहम बदलाव किया गया है. अब 28…

Last Updated: May 23, 2026 19:17:26 IST

Funny Jokes: तुम्हें मेरी सुंदरता अच्छी लगती है या संस्कार! पत्नी के पूछने पर पति ने जो कहा, सुनकर…

Joke of the day: अगर आप सुबह-शाम हंसने की आदत डाल लें तो कोई भी…

Last Updated: May 23, 2026 18:41:23 IST

Silver Price Today 23 May 2026: चांदी का दाम रविवार को कैसा रहेगा, यहां नोट करें शहरों के रेट्स

Silver Price Today 23 May 2026: सोने के साथ-साथ चांदी के दामों में भी गिरावट…

Last Updated: May 23, 2026 18:38:31 IST

Gold Price Today 23 May 2026: रविवार को सोने के दाम कैसे रहेंगे? नोट करें शहरों में कीमत

Gold Price Today 23 May 2026: शनिवार और रविवार को बाजार बंद है, इसलिए दोनों…

Last Updated: May 23, 2026 18:12:23 IST