Noida Bouncer Murder Case: नोएडा सेक्टर 71 से 24 सितंबर की रात को संदिग्ध हालात में लापता हुए बाउंसर अजय चौधरी की बॉडी गुरुवार रात दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री हॉस्पिटल की मॉर्चरी से मिली. उनके शरीर पर चोट का निशान मिला. उनकी हत्या करके उनकी बॉडी गाज़ीपुर फूल मंडी के पास एक नाले में फेंक दी गई थी.कई दिनों तक लापता रहने के बाद, उनके परिवार ने 26 सितंबर को नोएडा फेज़ 3 पुलिस स्टेशन में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई. हालांकि, उससे पहले ही आनंद विहार पुलिस ने अजय की बॉडी बरामद कर ली थी. शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम हुआ, जिस दौरान परिवार ने विरोध किया. इसके बाद दिल्ली के मयूर विहार फेज़ 1 पुलिस स्टेशन ने हत्या का केस दर्ज किया.
पत्नी को WhatsApp की थी नंबर प्लेट की फोटो
ऑटो की नंबर प्लेट की फोटो उनकी पत्नी को WhatsApp पर भेजी गई. ईस्ट दिल्ली के चिल्ला में रहने वाले प्रवेश चौधरी ने बताया कि उनके चाचा का बेटा अजय चौधरी नोएडा सेक्टर 121 में एक बिजनेसमैन के यहां ड्राइवर और बाउंसर था. परिवार के मुताबिक, 24 सितंबर की रात वह सेक्टर 71 से आनंद विहार के लिए रैपिडो ऑटो में निकला था. माना जा रहा है कि रास्ते में उसका किसी से झगड़ा हुआ था. उसने अपने परिवार को ऑटो की नंबर प्लेट और एक दुकान की फोटो भेजी.
उसने आनंद विहार की एक दुकान से ₹150 का कुछ सामान खरीदा और उसका पेमेंट किया. उसने दुकानदार की फोटो भी अपने परिवार को भेजी. उसने यह भी कहा कि वह इसी ऑटो में सफर कर रहा है और उसके साथ कुछ अनहोनी हो सकती है. कुछ देर बाद उसका मोबाइल नंबर बंद हो गया. परिवार दिल्ली के मयूर फेज 1 थाने पहुंचा और तुरंत पुलिस को घटना की जानकारी दी. इस दौरान दिल्ली पुलिस ने नोएडा फेज 3 थाने से बात की, लेकिन युवक की कोई तलाश शुरू नहीं की गई.
परिवार ने दर्ज कराई थी गुमशुदगी की रिपोर्ट
दुकान से पानी की बोतल खरीदी और अपनी पत्नी को फोटो भेजी. पुलिस ने बताया कि परिवार ने 26 सितंबर को सुबह 11 बजे गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी. जांच में पता चला कि अयाज सेक्टर 71 से हैबतपुर रैपिडो बाइक से गया था. उसने वहां एक दोस्त के साथ एक घंटा बिताया. फिर वह दूसरी रैपिडो बाइक से घर के लिए निकला और छिजारसी के पास अजय की रैपिडो ड्राइवर से बहस हो गई. फिर उसने ऑटो लिया और आनंद विहार लौट आया. उसने वहां एक दुकान से पानी की बोतल खरीदी, ऑटो और दुकान की फोटो खींची और अपनी पत्नी को भेज दी.
डासना में मिली मोबाइल फोन की लोकेशन
परिवार वालों ने बताया कि अजय ने घटना वाली रात 8 बजे अपनी पत्नी को फोन किया और कहा कि वह रात 9 बजे तक घर आ जाएगा. फिर उसने रात 11:22 बजे ऑटो की फोटो भेजी, उसके बाद 11:30 बजे एक पान की दुकान की फोटो भेजी और फोन काट दिया. परिवार ने उसी दिन फोन को सर्विलांस पर लगाया और पाया कि फोन सुबह 2:35 बजे गाजियाबाद के डासना में चालू था. उसके बाद, जानकारी मिलना बंद हो गई. ऑटो के बारे में पता चला कि उसका ₹4,03,000 का चालान था. जब पुलिस मालिक के पास पहुंची, तो पता चला कि ऑटो तीन दिन पहले किराए पर लिया गया था और गायब था.
हत्या के बाद आरोपी शव को गाज़ीपुर फूल मंडी के नाले में फेंककर भाग गए.
गुरुवार रात 8 बजे आनंद विहार पुलिस ने पीड़ित के परिवार को बताया कि दिल्ली के लाल बहादुर शास्त्री हॉस्पिटल में एक शव मिला है. शव अजय चौधरी का था. हॉस्पिटल स्टाफ ने परिवार को बताया कि शव को दिल्ली पुलिस 26 सितंबर को यहां लाई थी. शव गाज़ीपुर फूल मंडी के एक नाले में मिला. दिल्ली पुलिस ने आस-पास के पुलिस थानों को इस बारे में बताया.