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Odisha: खराब सुविधाओं और बेकार खाने से तंग आकर 180 छात्रों ने छोड़ा हॉस्टल, पैदल ही निकल पड़े घर, हेडमिस्ट्रेस का तबादला

ओडिशा के नबरंगपुर जिले में एक सरकारी छात्रावास में रहने वाले 180 से ज्यादा छात्र कथित तौर पर खराब भोजन और बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान होकर हॉस्टल छोड़कर पैदल अपने गांवों की ओर निकल पड़े.

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Published: August 7, 2026 17:47:44 IST
Last Updated: August 7, 2026 17:47:44 IST

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ओडिशा के नबरंगपुर जिले से सरकारी छात्रावासों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. झरिगांव ब्लॉक के सनाटेमेरा हाई स्कूल हॉस्टल में रहने वाले 180 से ज्यादा छात्र कथित तौर पर खराब भोजन और बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान होकर हॉस्टल छोड़कर पैदल अपने गांवों की ओर निकल पड़े.

छात्रों ने करीब 12 किलोमीटर तक पैदल सफर किया. बड़ी संख्या में छात्रों के एक साथ हॉस्टल छोड़ने की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया. आइये जानते हैं कि पूरा मामला क्या है.

180 छात्रों ने छोड़ा हॉस्टल 

छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में लंबे समय से उन्हें खराब गुणवत्ता का भोजन दिया जा रहा था. इसके अलावा रहने और अन्य जरूरी सुविधाओं की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी. छात्रों के मुताबिक, हॉस्टल में कमरों की संख्या कम होने के कारण उन्हें भीड़भाड़ वाली जगहों पर रहने में परेशानी होती थी. बताया जा रहा है कि अपनी समस्याओं को लेकर छात्र पहले भी शिकायत कर चुके थे. लेकिन जब उन्हें अपेक्षित समाधान नहीं मिला तो बड़ी संख्या में छात्रों ने हॉस्टल छोड़ने का फैसला किया. इसके बाद 180 से अधिक छात्र अपने गांवों की ओर पैदल निकल पड़े. उनके गांव हॉस्टल से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर बताए जा रहे हैं.

स्थानीय लोगों ने किया समर्थन 

छात्रों के इस तरह सड़क पर पैदल निकलने की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों को इसकी जानकारी हुई. कई अभिभावक मौके पर पहुंचे और अपने बच्चों को अपने साथ घर ले गए. स्थानीय निवासी मधु माझी ने भी हॉस्टल की व्यवस्था को लेकर छात्रों की शिकायतों का समर्थन किया. उन्होंने आरोप लगाया कि हॉस्टल की चारदीवारी क्षतिग्रस्त है और छात्रों के लिए पर्याप्त एवं उचित शौचालय की व्यवस्था नहीं है. उन्होंने भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए. मधु माझी के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश के कारण हॉस्टल की स्थिति और खराब हो गई है. 

घटना की सूचना मिलते ही असिस्टेंट ब्लॉक ऑफिसर दशरथ गोंड मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि जब प्रशासन को जानकारी मिली तो टीम ने छात्रों को रास्ते में रोका और उन्हें दुकलपाड़ा स्कूल में रुकने की व्यवस्था की. दशरथ गोंड ने बताया कि बच्चों से बातचीत के बाद हेडमिस्ट्रेस का तबादला कर दिया गया और गणेशराम नायक को नया हेडमास्टर नियुक्त किया गया है. इसके बाद छात्रों को वापस स्कूल पहुंचाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई. उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और देखभाल विभाग की जिम्मेदारी है. अगर रास्ते में छात्रों के साथ कोई अनहोनी होती तो विभाग जवाबदेह होता. प्रशासनिक टीम के साथ कुछ शिक्षक भी छात्रों के साथ रहे और उन्हें समझाने की कोशिश करते रहे. स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे.
  

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Published: August 7, 2026 17:47:44 IST
Last Updated: August 7, 2026 17:47:44 IST

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ओडिशा के नबरंगपुर जिले से सरकारी छात्रावासों की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करने वाला मामला सामने आया है. झरिगांव ब्लॉक के सनाटेमेरा हाई स्कूल हॉस्टल में रहने वाले 180 से ज्यादा छात्र कथित तौर पर खराब भोजन और बुनियादी सुविधाओं की कमी से परेशान होकर हॉस्टल छोड़कर पैदल अपने गांवों की ओर निकल पड़े.

छात्रों ने करीब 12 किलोमीटर तक पैदल सफर किया. बड़ी संख्या में छात्रों के एक साथ हॉस्टल छोड़ने की सूचना मिलते ही प्रशासन में हड़कंप मच गया. आइये जानते हैं कि पूरा मामला क्या है.

180 छात्रों ने छोड़ा हॉस्टल 

छात्रों का आरोप है कि हॉस्टल में लंबे समय से उन्हें खराब गुणवत्ता का भोजन दिया जा रहा था. इसके अलावा रहने और अन्य जरूरी सुविधाओं की भी पर्याप्त व्यवस्था नहीं थी. छात्रों के मुताबिक, हॉस्टल में कमरों की संख्या कम होने के कारण उन्हें भीड़भाड़ वाली जगहों पर रहने में परेशानी होती थी. बताया जा रहा है कि अपनी समस्याओं को लेकर छात्र पहले भी शिकायत कर चुके थे. लेकिन जब उन्हें अपेक्षित समाधान नहीं मिला तो बड़ी संख्या में छात्रों ने हॉस्टल छोड़ने का फैसला किया. इसके बाद 180 से अधिक छात्र अपने गांवों की ओर पैदल निकल पड़े. उनके गांव हॉस्टल से करीब 12 किलोमीटर की दूरी पर बताए जा रहे हैं.

स्थानीय लोगों ने किया समर्थन 

छात्रों के इस तरह सड़क पर पैदल निकलने की जानकारी मिलने के बाद स्थानीय लोगों और अभिभावकों को इसकी जानकारी हुई. कई अभिभावक मौके पर पहुंचे और अपने बच्चों को अपने साथ घर ले गए. स्थानीय निवासी मधु माझी ने भी हॉस्टल की व्यवस्था को लेकर छात्रों की शिकायतों का समर्थन किया. उन्होंने आरोप लगाया कि हॉस्टल की चारदीवारी क्षतिग्रस्त है और छात्रों के लिए पर्याप्त एवं उचित शौचालय की व्यवस्था नहीं है. उन्होंने भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए. मधु माझी के मुताबिक, लगातार हो रही बारिश के कारण हॉस्टल की स्थिति और खराब हो गई है. 

घटना की सूचना मिलते ही असिस्टेंट ब्लॉक ऑफिसर दशरथ गोंड मौके पर पहुंचे. उन्होंने बताया कि जब प्रशासन को जानकारी मिली तो टीम ने छात्रों को रास्ते में रोका और उन्हें दुकलपाड़ा स्कूल में रुकने की व्यवस्था की. दशरथ गोंड ने बताया कि बच्चों से बातचीत के बाद हेडमिस्ट्रेस का तबादला कर दिया गया और गणेशराम नायक को नया हेडमास्टर नियुक्त किया गया है. इसके बाद छात्रों को वापस स्कूल पहुंचाने के लिए वाहनों की व्यवस्था की गई. उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा और देखभाल विभाग की जिम्मेदारी है. अगर रास्ते में छात्रों के साथ कोई अनहोनी होती तो विभाग जवाबदेह होता. प्रशासनिक टीम के साथ कुछ शिक्षक भी छात्रों के साथ रहे और उन्हें समझाने की कोशिश करते रहे. स्थानीय लोग भी मौके पर मौजूद रहे.
  

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