'बंगाल में राष्ट्रपति मुर्मू के साथ जो हुआ, उससे PM मोदी बेहद गुस्से में हैं! TMC सरकार पर 'हदें पार' करने का आरोप क्यों लगा? जानें इस बड़े सियासी बवाल की पूरी सच्चाई...'
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बंगाल में प्रेसिडेंशियल प्रोटोकॉल के मुद्दे पर अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की है. उन्होंने कहा कि TMC सरकार ने इस बार सारी हदें पार कर दी हैं. राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार (7 मार्च) को पश्चिम बंगाल सरकार को एक अनोखी फटकार लगाई, और सबके सामने अपनी नाराज़गी ज़ाहिर की। यह फटकार उन आरोपों के बाद आई है कि राज्य ने नॉर्थ बंगाल में एक इंटरनेशनल ट्राइबल कॉन्क्लेव को इजाज़त नहीं दी, यह एक ऐसा इवेंट था जिसमें राष्ट्रपति को चीफ गेस्ट के तौर पर शामिल होना था.
PM मोदी ने एक लंबी पोस्ट में लिखा, ‘यह शर्मनाक है और पहले कभी नहीं हुआ. हर कोई जो डेमोक्रेसी और आदिवासी समुदायों के एम्पावरमेंट में विश्वास करता है, निराश है. प्रेसिडेंट, जो खुद एक आदिवासी समुदाय से हैं, ने जो दर्द और तकलीफ बताई है, उससे भारत के लोग बहुत दुखी हैं. पश्चिम बंगाल में TMC सरकार ने सच में सारी हदें पार कर दी हैं. प्रेसिडेंट के इस अपमान के लिए उनका एडमिनिस्ट्रेशन ज़िम्मेदार है. यह भी उतना ही दुर्भाग्यपूर्ण है कि पश्चिम बंगाल सरकार संथाल कल्चर जैसे ज़रूरी विषय के साथ इतनी लापरवाही से पेश आती है. प्रेसिडेंट का ऑफिस पॉलिटिक्स से ऊपर है और इसकी पवित्रता का हमेशा सम्मान किया जाना चाहिए. उम्मीद है, पश्चिम बंगाल सरकार और TMC को होश आएगा.’
इंटरनेशनल संथाली कॉन्क्लेव असल में बिधाननगर में प्लान किया गया था, लेकिन प्रेसिडेंट मुर्मू ने दावा किया कि पश्चिम बंगाल के अधिकारियों ने भीड़ का हवाला देते हुए इसे बागडोगरा एयरपोर्ट के पास गोसाईपुर में ज़्यादा पाबंदी वाली जगह पर शिफ्ट कर दिया. आखिरी समय में जगह बदलने के अलावा, ऑर्गनाइज़र ने स्टेज सेटअप के ठीक से न होने और बेसिक सैनिटरी सुविधाओं की कमी पर भी निराशा जताई.
बाद में मुर्मू ने फांसीदेवा इलाके के बिधाननगर का दौरा किया, जो ज़्यादातर आदिवासी इलाका है, जहाँ उन्होंने लोकल लोगों से बातचीत की. सिलीगुड़ी में लोकल लोगों से बात करते हुए मुर्मू ने कहा, ‘मैं यहाँ बहुत आसानी से आ गई, लेकिन एडमिनिस्ट्रेशन ने साफ़-साफ़ कहा था कि बहुत भीड़ होगी. हालाँकि, मैं देख सकती हूँ कि यहाँ 500,000 तक लोग आ सकते हैं.’
मुर्मू ने बंगाल सरकार के प्रोटोकॉल में चूक की ओर इशारा करते हुए कहा कि सिर्फ़ सिलीगुड़ी के मेयर गौतम देब ही प्रेसिडेंट का स्वागत करने एयरपोर्ट आए थे. लॉजिस्टिक फेलियर की पब्लिक में बुराई के बावजूद, प्रेसिडेंट ने साफ़ किया कि उन्हें चीफ मिनिस्टर ममता बनर्जी से कोई पर्सनल दुश्मनी नहीं है.
राज्य के साथ अपने पर्सनल कनेक्शन का ज़िक्र करते हुए, प्रेसिडेंट ने कहा कि वह खुद बंगाल की बेटी हैं, फिर भी उन्हें राज्य में आने में मुश्किलें आती हैं. उन्होंने आगे कहा, ‘ममता दीदी उनकी छोटी बहन जैसी हैं; शायद वह मुझसे नाराज़ हैं, लेकिन मुझे कोई शिकायत नहीं है. मैं सिर्फ़ उनके और आपके लिए अच्छा चाहती हूँ.’
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