<
Categories: देश

आधी कीमत में मिलती हैं दवाइयां! क्या है प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और कितनी भरोसेमंद हैं इसकी मेडिसिन? जानिए सबकुछ

PM Jan Aushadhi Kendra: प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र सस्ती दवाओं के लिए जाना जाता है. जो दवाएं मरीजों को सामान्य मेडिकल शॉप्स पर महंगी मिलती हैं. वो यहां उन्हें सस्ती मिल जाती हैं. जानिए इसके बारे में सबकुछ.

Pradhan Mantri Bhartiya Janaushadhi Pariyojana: प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र में आने वाले मरीजों और उनके परिवारों का कहना है कि यहां मिलने वाली जेनेरिक दवाएं बाजार में मिलने वाली ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती हैं. लेकिन ऐसा क्यों होता है. यह सब जानने के लिए ये खबर पढ़ें. 

क्या होता है प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र?

प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि परियोजना एक सरकारी योजना है, जिसे लोगों को कम कीमत पर अच्छी गुणवत्ता की दवाएं उपलब्ध कराने के लिए शुरू किया गया है. यह अभियान फार्मास्युटिकल विभाग और सरकारी दवा कंपनियों के सहयोग से चलाया जाता है. इस योजना के तहत देशभर में प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्र खोले गए हैं. इन केंद्रों पर लोगों को जेनेरिक दवाएं बहुत कम कीमत पर मिलती हैं. खास बात यह है कि इन दवाओं की गुणवत्ता और असर बाजार में मिलने वाली महंगी ब्रांडेड दवाओं के बराबर ही माना जाता है, लेकिन इनकी कीमत काफी कम होती है.

जेनेरिक दवाएं क्या होती हैं?

जेनेरिक दवाएं वे दवाएं होती हैं जो किसी खास ब्रांड के नाम से नहीं, बल्कि उनके सामान्य या वैज्ञानिक नाम से बेची जाती हैं. इन दवाओं का असर ब्रांडेड दवाओं जितना ही होता है, लेकिन इनकी कीमत काफी कम होती है.

कैसी दवाएं उपलब्ध रहती हैं?

भारतीय औषधि एवं चिकित्सा उपकरण ब्यूरो (पीएमबीआई) का उद्देश्य जन औषधि केंद्रों पर अधिक से अधिक जरूरी दवाएं उपलब्ध कराना है, ताकि लोगों को कम कीमत में इलाज मिल सके. इन दवाओं की पूरी सूची और उनकी अधिकतम खुदरा कीमत जन औषधि योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर देखी जा सकती है. समय-समय पर इस सूची में नई दवाएं भी जोड़ी जाती रहती हैं. हालांकि, जन औषधि केंद्रों पर संक्रमण से जुड़ी दवाएं, हृदय रोग की दवाएं, मधुमेह की दवाएं, पेट से संबंधित दवाएं और दर्द निवारक समेत कई प्रमुख श्रेणियों की जरूरी दवाएं उपलब्ध कराई जाती हैं.

ये दवाएं सस्ती क्यों होती हैं?

प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र की दवाएं आमतौर पर ब्रांडेड दवाओं की तुलना में 50 से 90 प्रतिशत तक सस्ती होती हैं. ऐसा इसलिए है क्योंकि ये जेनेरिक दवाएं होती हैं और इन्हें बिना ज्यादा मार्केटिंग खर्च के सीधे दवा बनाने वाली कंपनियों से उपलब्ध कराया जाता है, जिससे बीच के बिचौलियों की भूमिका कम हो जाती है. इन दवाओं की गुणवत्ता भी भरोसेमंद मानी जाती है. इन्हें केवल विश्व स्वास्थ्य संगठन के मानकों का पालन करने वाली कंपनियों से लिया जाता है और बाजार में भेजने से पहले मान्यता प्राप्त प्रयोगशालाओं में इनकी जांच भी की जाती है.

क्या ऑनलाइन दवाएं मंगा सकते हैं?

अगर आप जन औषधि केंद्र से दवाएं लेना चाहते हैं, तो इसके लिए पहले अपने शहर के नजदीकी केंद्र की जानकारी ऑनलाइन पता कर सकते हैं. इसके लिए जन औषधि योजना की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर नजदीकी केंद्र खोजें विकल्प में सर्च करना होता है. यहां आपको अपने आसपास मौजूद जन औषधि केंद्रों की जानकारी मिल जाएगी. साथ ही उनका फोन नंबर भी दिया होता है। उस नंबर पर कॉल करके आप दवाओं के बारे में जानकारी ले सकते हैं और कई जगहों पर घर बैठे दवाएं मंगाने की सुविधा भी मिल जाती है.

Kamesh Dwivedi

पिछले चार वर्षों से डिजिटल मीडिया में कार्यरत. जी न्यूज और अमर उजाला डिजिटल में सेवाएं दे चुके हैं. इलाहाबाद विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में स्नातक और वर्धा हिंदी विश्वविद्यालय से परास्नातक की पढ़ाई. वायरल-ट्रेंडिंग कंटेंट के साथ मनोरंजन की खबरों में रुचि. क्रिकेट, राजनीति के अलावा कविताएं लिखने और पढ़ने का भी शौक है.

Recent Posts

Optical Illusion Challenge: 505 की भीड़ में छिपा है ‘SOS’, क्या आप 10 सेकंड में ढूंढ पाएंगे या मान लेंगे हार?

Optical Illusion Test: यह ऑप्टिकल इल्यूजन एक मजेदार चैलेंज है, जिसमें '505' के बीच छिपे…

Last Updated: March 31, 2026 16:12:35 IST

IPL 2026: वैभव सूर्यवंशी को किस बात से नफरत, जन्मदिन पर केक भी नहीं कटवाया, क्यों जल्दी सो गए थे?

IPL 2026: चेन्नई सुपर किंग्स के खिलाफ 15 गेंदों में तेज अर्धशतक लगाकर वैभव सूर्यवंशी…

Last Updated: March 31, 2026 16:11:22 IST

Surat Cylinder Blast: हंसता-खेलता परिवार राख में तब्दील: सूरत में सिलेंडर ब्लास्ट से 5 सदस्यों की मौत, 4 महीने के मासूम…

सूरत के लिंबायत में सिलेंडर ब्लास्ट से मची भारी चीख-पुकार! एक ही परिवार के सदस्यों…

Last Updated: March 31, 2026 16:10:15 IST

कौन हैं पीआर रमेश? जो VerSe Innovation के बोर्ड में स्वतंत्र निदेशक के रूप में हुए शामिल

PR Ramesh: डेलाइट इंडिया के पूर्व चेयरमैन पीआर रमेश न्यूज़ एग्रीगेटर Dailyhunt और कॉल और…

Last Updated: March 31, 2026 15:47:08 IST

तेज बुखार, 150 टेक… ये गाना गाते हुए सुबक कर रोए थे नुसरत फतेह अली खान, थिएटर में दर्शकों की आंखें भी नम

धड़कन फिल्म का 'दूल्हे का सेहरा सुहाना लगता है' गाना आज भी लोगों में काफी…

Last Updated: March 31, 2026 15:42:25 IST

कितनी सैलरी वाले ले सकते हैं Defender? देनी होगी इतनी डाउन पेमेंट, समझें EMI का पूरा हिसाब

न केवल कीमत में बल्कि, फीचर्स और सेफ्टी के मामले में भी यह फॉर्च्यूनर से…

Last Updated: March 31, 2026 15:40:12 IST