8th Pay Commission को लेकर केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों में उत्सुकता बढ़ गई है. जानिए पहले से सातवें वेतन आयोग तक न्यूनतम और अधिकतम बेसिक सैलरी का अनुपात क्या रहा और 8वें वेतन आयोग में 1:8 कंप्रेशन रेशियो की मांग क्यों उठ रही है.
कब लागू होगा 8वां वेतन आयोग?
8th Pay Commission: केंद्र सरकार के कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की नजर इन दिनों 8वें वेतन आयोग (8वां वेतन आयोग) की संभावित लागू होने की तारीख पर टिकी हुई है. हर नए वेतन आयोग के साथ कर्मचारियों की सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव आता है. इसी संदर्भ में एक अहम पहलू होता है न्यूनतम और अधिकतम बेसिक सैलरी के बीच का अनुपात, जिसे कंप्रेशन रेशियो (कम्प्रेशन रेशियो) कहा जाता है. यह अनुपात बताता है कि सरकारी सेवा में सबसे कम और सबसे ज्यादा वेतन पाने वाले कर्मचारियों के बीच कितना अंतर है.
पहले सेंट्रल पे कमीशन के दौरान न्यूनतम बेसिक सैलरी 55 रुपये प्रति माह तय की गई थी, जबकि अधिकतम वेतन 2,000 रुपये था. इस तरह कंप्रेशन रेशियो 1:36.4 रहा.
दूसरे वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन 80 रुपये प्रति माह और अधिकतम वेतन 3,000 रुपये तय किया गया. इस दौरान कंप्रेशन रेशियो 1:37.5 रहा, जो अब तक का सबसे बड़ा वेतन अंतर माना जाता है.
तीसरे वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन 196 रुपये और अधिकतम वेतन 3,500 रुपये तय हुआ. इस दौरान कंप्रेशन रेशियो बदलता रहा 1:17.9 हो गया.
चौथे वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन 750 रुपये और अधिकतम वेतन 8,000 रुपये तय किया गया. इस समय कंप्रेशन रेशियो 1:10.7 रहा.
पांचवां वेतन आयोग के दौरान न्यूनतम वेतन 2,550 रुपये और अधिकतम वेतन 26,000 रुपये तय हुआ. इसका कंप्रेशन रेशियो 1:10.2 रहा, जो अब तक का सबसे कम वेतन अंतर माना जाता है.
छठे वेतन आयोग में न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये और अधिकतम वेतन 80,000 रुपये तय किया गया. इस दौरान कंप्रेशन रेशियो 1:11.4 रहा.
सातवें वेतन आयोग में न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये और अधिकतम वेतन 2,50,000 रुपये तय किया गया. इसका कंप्रेशन रेशियो 1:13.9 है.
कर्मचारी संगठनों का कहना है कि न्यूनतम और अधिकतम वेतन के बीच का अंतर कम होना चाहिए. इसी वजह से फेडरेशन ऑफ नेशनल पोस्टल ऑर्गेनाइजेशन्स (FNPO) ने आठवें वेतन आयोग में 1:8 कंप्रेशन रेशियो की मांग उठाई है, ताकि कम और घटते वेतन वाले कर्मचारियों के बीच का अंतर कम किया जा सके.
जब नवंबर 2025 में 8वें पे कमीशन को नोटिफाई किया गया था तो सरकार ने उसे अपनी रिकमेंडेशन रिपोर्ट जमा करने के लिए 18 महीने का समय दिया था. एक्सपर्ट्स का मानना है कि 8वां पे कमीशन रिपोर्ट को लागू करने में उसके बाद और छह महीने ले सकता है. हालांकि, असल में लागू होने की तारीख सरकार के अनाउंस करने के बाद ही पता चलेगी, जिसमें कुछ समय लग सकता है.
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