Droupadi Murmu Bengal Visit: देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का कल पश्चिम बंगाल में एक कार्यक्रम होना था. जिसको लेकर मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और मंत्री कोई भी प्रोटोकॉल के तहत राष्ट्रपति का स्वागत करने नहीं आया. जिस पर बीजेपी ममता बनर्जी सरकार पर पूरी तरह हमलावर हो गई है.
पश्चिम बंगाल के दौरे पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ हुए बर्ताव पर बीजेपी और कांग्रेस ने क्या कहा?
Droupadi Murmu West Bengal Visit: देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का शनिवार (07 मार्च, 2026) को पश्चिम बंगाल दौरा एक पॉलिटिकल मुद्दा बन गया, क्योंकि उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर प्रोटोकॉल तोड़ने का आरोप लगाया. राष्ट्रपति मूर्मू ने एक इवेंट की जगह बदलने पर निराशा जताई और राज्य में आदिवासी लोगों के विकास पर सवाल उठाए. यह किसी चुनी हुई सरकार को संवैधानिक प्रमुख द्वारा दी गई एक दुर्लभ फटकार थी.
देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ हुए इस तरह के बर्ताव के बाद बीजेपी ममता बनर्जी पर हमलावर हो गई. इस पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर सारी हदें पार करने और राष्ट्रपति का अपमान करने का आरोप लगाया.
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने दावा किया कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) राज्य को बदनाम करने के लिए देश के सबसे ऊंचे पद का इस्तेमाल कर रही है और बीजेपी शासित राज्यों में आदिवासियों पर कथित अत्याचारों पर राष्ट्रपति की चुप्पी पर सवाल उठाया.
सिलीगुड़ी के पास गोसाईंपुर में 9वें इंटरनेशनल संथाल कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि जब मैं यहां आ रही थी, तो मुझे एहसास हुआ कि कोई इस मीटिंग को होने नहीं देना चाहता था. ऐसा लगता है कि कुछ लोग नहीं चाहते कि संथाल आगे बढ़ें, सीखें और एकजुट हों. यह इवेंट असल में फांसीदेवा ब्लॉक के बिधाननगर में होना था, जो करीब 25 km दूर है. मुर्मू ने यह भी कहा कि बनर्जी कॉन्फ्रेंस में नहीं आईं, जबकि यह बहुत पहले तय हो गया था.
इसके अलावा, राष्ट्रपति ने कहा कि आमतौर पर यह देखा जाता है कि जब राष्ट्रपति आते हैं तो मुख्यमंत्री और दूसरे मंत्री मौजूद रहते हैं. लेकिन चीफ मिनिस्टर मैडम नहीं आईं. मैं भी बंगाल की बेटी हूं. मुझे बंगाल आने की इजाज़त नहीं है. ममता दीदी मेरी छोटी बहन जैसी हैं. शायद वह मुझसे नाराज हैं और इसीलिए प्रोग्राम इतनी दूर हो गया.
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पीएम मोदी ने कहा कि यह शर्मनाक और पहले कभी नहीं हुआ. जो लोग डेमोक्रेसी को मज़बूत बनाने में यकीन रखते हैं और आदिवासी समुदाय, सभी बहुत दुखी हैं. आदिवासी समुदाय से ही उठी राष्ट्रपति ने जो दुख और चिंता ज़ाहिर की है, उसने भारत के लोगों के दिलों में गहरा दुख भर दिया है. पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस सरकार ने सच में सारी हदें पार कर दी हैं. राष्ट्रपति के इस अपमान के लिए उनका प्रशासन जिम्मेदार है.
राष्ट्रपति के साथ हुए इस बर्ताव पर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की भी प्रतिक्रिया सामने आई है. जिसमें उन्होंने कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल सरकार आज अपने अराजक व्यवहार से और भी नीचे गिर गई है. प्रोटोकॉल की पूरी तरह अनदेखी करके उन्होंने भारत की राष्ट्रपति का अपमान किया है.
इस पर प्रतिक्रिया देते हुए स्मृति ईरानी ने कहा कि टीएमसी ने हर हद पार कर दी है. संथाली कॉन्क्लेव में जहां भारत की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू मुख्य अतिथि थीं. राजनीतिक घमंड और संवैधानिक प्रोटोकॉल की खुलेआम अनदेखी का चौंकाने वाला काम सिर्फ एडमिनिस्ट्रेशन में चूक नहीं है, यह रिपब्लिक के सबसे ऊंचे संवैधानिक पद का अपमान है और आदिवासी समुदायों का सीधा अपमान है.
इस पूरे मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए पश्चिम बंगाल कांग्रेस के अध्यक्ष सुंभकर सरकार ने कहा कि भारत में कई समस्याएं हैं. ममता बनर्जी, प्रधानमंत्री और राष्ट्रपति को उन समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए. साथ ही उन्होंने इन सभी जिम्मेदार पदों पर बैठे लोगों को नसीहत भी दी है.
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