<
Categories: देश

Rahul Gandhi Detained: क्या पुलिस बिना स्पीकर की इजाजत के सांसद को हिरासत में ले सकती है? जानिए कानून क्या कहता है

राहुल गांधी की हिरासत के बाद बहस छिड़ गई है कि क्या पुलिस बिना स्पीकर की मंजूरी के सांसद को पकड़ सकती है? जानिए इस पर क्या कहते हैं कानूनी नियम.

PM आवास के पास राहुल गांधी की हिरासत: क्या सांसद को गिरफ्तार करने से पहले स्पीकर की मंजूरी जरूरी है? जानिए क्या कहता है कानून
प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी और कई कांग्रेस सांसदों को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के बाद एक नई कानूनी और राजनीतिक बहस छिड़ गई है. सवाल उठ रहा है कि क्या संसद सत्र के दौरान या बाहर किसी सांसद की हिरासत विशेषाधिकार का हनन है? और क्या पुलिस को किसी सांसद को हिरासत में लेने या गिरफ्तार करने से पहले लोकसभा अध्यक्ष (स्पीकर) की इजाजत लेना अनिवार्य है?

सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ वकील और कानूनी विशेषज्ञ आर. के. सिंह के अनुसार, इस पूरे मामले में कानून की स्थिति बिल्कुल स्पष्ट है.

क्या कहता है कानून? जानिए 4 मुख्य बातें

1. कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को अधिकार

सुप्रीम कोर्ट के वकील आर. के. सिंह ने बताया कि अगर पुलिस को लगता है कि कहीं कानून-व्यवस्था की स्थिति बिगड़ने या शांति भंग होने की आशंका है, तो वह किसी भी व्यक्ति—चाहे वह संसद सदस्य (MP) ही क्यों न हो—को हिरासत में ले सकती है. प्रधानमंत्री आवास जैसे अति-संवेदनशील और उच्च सुरक्षा वाले इलाकों में बिना अनुमति प्रदर्शन करने या उसका नेतृत्व करने वालों पर पुलिस त्वरित कार्रवाई कर सकती है.

2. आपराधिक मामलों में स्पीकर की पूर्व अनुमति जरूरी नहीं

कानूनी विशेषज्ञ के मुताबिक, भारतीय कानून में ऐसा कोई प्रावधान नहीं है जिसके तहत किसी गंभीर या संज्ञेय (Cognisable) अपराध के मामले में किसी सांसद को गिरफ्तार या हिरासत में लेने से पहले पुलिस को लोकसभा अध्यक्ष की पूर्व मंजूरी लेनी पड़े. उपद्रव, दंगा, भ्रष्टाचार या गंभीर अपराधों के मामलों में पुलिस बिना स्पीकर की पहले से अनुमति लिए कार्रवाई कर सकती है.

3. हिरासत के बाद स्पीकर को तुरंत सूचना देना अनिवार्य

हालांकि, कानून में यह स्पष्ट व्यवस्था है कि जैसे ही किसी सांसद को गिरफ्तार या हिरासत में लिया जाता है, पुलिस को बिना किसी देरी के इसकी लिखित सूचना तुरंत लोकसभा अध्यक्ष को देनी होती है. यह स्थापित कानूनी प्रक्रिया का एक अनिवार्य हिस्सा है.

4. सिविल और क्रिमिनल मामलों में फर्क

संसदीय विशेषाधिकारों के नियमों के तहत सांसदों को गिरफ्तारी से मिलने वाली छूट केवल सिविल मामलों तक ही सीमित है.

  • संसद सत्र शुरू होने से 40 दिन पहले, सत्र के दौरान और सत्र समाप्त होने के 40 दिन बाद तक सांसद को सिविल मामलों में गिरफ्तार नहीं किया जा सकता.
  • आपराधिक मामलों या कानून-व्यवस्था से जुड़ी कार्रवाइयों में सांसदों को ऐसी कोई छूट हासिल नहीं है.

संसद भवन के अंदर और बाहर के नियम हैं अलग

आर. के. सिंह ने स्पष्ट किया कि संसद परिसर और सार्वजनिक स्थलों के नियम पूरी तरह अलग-अलग हैं:

  • संसद भवन के भीतर किसी भी सांसद को गिरफ्तार करने या उन्हें कोई कानूनी समन/नोटिस तामील कराने के लिए लोकसभा अध्यक्ष की पूर्व अनुमति अनिवार्य है.
  • संसद परिसर के बाहर सार्वजनिक स्थलों (जैसे विजय चौक, पीएम आवास के पास या सड़कों पर) होने वाले प्रदर्शनों और पुलिस कार्रवाई पर सामान्य कानून लागू होते हैं. यहां कार्रवाई करने के लिए पुलिस को स्पीकर से पहले से अनुमति लेने की आवश्यकता नहीं होती.
Shivani Singh

शिवानी सिंह पिछले 5 वर्षों से डिजिटल मीडिया में सब-एडिटर, एंकर और कंटेंट स्ट्रैटेजिस्ट के रूप में सक्रिय हैं. उन्होंने पत्रकारिता में हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा, महाराष्ट्र से एमए की पढ़ाई पूरी की है. 'Chakde Cricket', 'InKhabar' और 'Bihari News' जैसे प्रमुख मीडिया प्लेटफॉर्म्स के साथ काम करने के बाद वर्तमान में 'इंडिया न्यूज़' में अपनी सेवाएं दे रही हैं. क्रिकेट से जुड़ी खबरों के साथ-साथ राजनीति, बिजनेस, सरकारी योजनाओं, पर्सनल फाइनेंस और मनोरंजन से जुड़े विषयों पर लेखन और कंटेंट तैयार करने का अनुभव है. ट्रेंडिंग खबरों पर भी उनकी खास नजर रहती है. जटिल विषयों को आसान और स्पष्ट भाषा में पाठकों तक पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है.

Recent Posts

Diwali 2026: धनतेरस से भाई दूज तक किस दिन क्या खरीदना है शुभ? सोना-चांदी से लेकर इन 5 दिनों की पूरी लिस्ट देखें

Diwali 2026: दिवाली के पांचों दिनों में अलग-अलग चीजें खरीदने की परंपरा है. जानिए धनतेरस…

Last Updated: October 31, 2026 22:25:44 IST

Meerut Crime News: चाची को दी नशीली दवा…फिर भतीजे ने बनाया वो वाला वीडियो, किया इंकार तो चाचा को भेज दी गंदी तस्वीरें

Meerut Crime News: मेरठ में भतीजे ने भाभी को नशीला खाना खिलाकर बेहोश किया, अश्लील…

Last Updated: October 31, 2026 22:16:05 IST

Watch Video: अंदर लाश लटकी थी, बाहर भगदड़ मची थी, इंदौर के नशा मुक्ति केंद्र से एक साथ भागे 70 मरीज

Indore Rehab Center Chaos: इंदौर के पहचान नशा मुक्ति केंद्र में युवक ने फांसी लगाकर…

Last Updated: October 31, 2026 21:19:16 IST