West Bengal SIR 2026: पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट जारी कर दी है. जिसमें करीब 60 लाख लोगों के नाम अंडर एडजुडिकेशन’ कैटेगिरी में हैं. जिसमें ऋचा घोष, अमर्त्य सेन, ममता सरकार के 3 मंत्री समेत कई दिग्गजों के नाम इस कैटेगरी में हैं.
बंगाल एसआईआर के बाद बड़े-बड़े दिग्गजों ऋचा घोष, अमर्त्य सेन, पश्चिम बंगाल के 3 मंत्रियों के नाम अंडर एडजुडिकेशन कैटेगरी में है.
ऋचा घोष न्यूज़: पश्चिम बंगाल में एसआईआर के बाद चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट जारी कर दी है. 28 फरवरी को जारी वोटर लिस्ट में करीब 60 लाख लोगों के नाम ‘अंडर एडजुडिकेशन’ कैटेगरी में शामिल हैं. इस कैटेगरी में मौजूद लोगों के नाम वोटर लिस्ट में रहेंगे या नहीं, यह कानूनी अधिकारी तय करेंगे. इस पूरे मामले पर बीजेपी, चुनाव आयोग और टीएमसी के बीच जबरदस्त तकरार देखने को मिल रही है.
इस प्रक्रिया पर शुरू से ही चुनाव आयोग का कहना है कि वोटर लिस्ट को साफ करने की कोशिश है. तो वहीं, पश्चिम बंगाल की सत्ता पर काबिज तृणमूल कांग्रेस का कहना है कि यह गुपचुप धांधली है.
आईसीसी महिला वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की सदस्य और विकेटकीपर ऋचा घोष भी अंडर एडजुडिकेशन कैटेगरी में शामिल हैं. आपकी जानकारी के लिए बता दें कि ऋचा सिलीगुड़ी विधानसभा क्षेत्र से वोटर हैं. टीएमसी ने इसके खिलाफ मोर्चा खोल दिया है. इस पूरे मामले पर टीएमसी का कहना है कि विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष ने देश और विदेश में बहुत अच्छा प्रदर्शन किया है और देश का प्रतिनिधित्व की है. लेकिन फिर भी उसके साथ ऐसा बर्ताव किया जा रहा है.
टीएमसी ने ऋचा का नाम जांच के दायरे में आने को अपमानजनक बताते हुए कहा है कि यह बंगाल के लोगों को वोट देने के अधिकार से वंचित करने, उनकी आवाज दबाने और बंगाल की आवाजों को एक-एक करके दबाने की सोची-समझी साजिश है. इसके अलावा, टीएमसी सांसद और ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी ने आरोप लगाया है कि बीजेपी को वोट न देने वालों के नाम चुन-चुनकर हटाए गए हैं.
वर्ल्ड कप जीतने वाली भारतीय महिला क्रिकेट टीम की विकेटकीपर-बल्लेबाज ऋचा घोष के अलावा, पूर्व फुटबॉलर मेहताब हुसैन और नोबेल पुरस्कार विजेता अमर्त्य सेन भी जांच के दायरे में हैं. हुसैन अब फुटबॉल खिलाड़ियों को कोचिंग देते हैं, यानी उन्होंने अब कोच के तौर पर अपना करियर बना लिया है. इसके अलावा, पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी की सरकार में तीन मंत्रियों के नाम अंडर-एडजुडिकेशन कैटेगरी में लिस्टेड हैं.
अंडर-एडजुडिकेशन कैटेगरी में पश्चिम बंगाल के मंत्रियों के नाम गुलाम रब्बानी, तजमुल हुसैन और शशि पांजा शामिल हैं. यासीन पठान, जिन्हें 1994 में वेस्ट मिदनापुर के 18वीं सदी के टेराकोटा मंदिरों को बचाने के लिए प्रेसिडेंशियल कबीर अवॉर्ड मिला था और वेस्ट बंगाल की चीफ सेक्रेटरी नंदिनी मुखर्जी भी अंडर-एडज्यूडिकेशन कैटेगरी में हैं.
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