India News (इंडिया न्यूज), Sarkari Naukri Job Portal: सरकारी नौकरी पाने की चाहत रखने वालों के लिए एक अहम खबर है। केंद्रीय मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने शनिवार को घोषणा की कि केंद्र सरकार सभी सरकारी भर्तियों के लिए एक एकीकृत नौकरी आवेदन पोर्टल विकसित करने की दिशा में काम कर रही है। इस पहल का उद्देश्य नौकरी चाहने वालों पर बोझ कम करना और उन्हें एक ही मंच पर आवेदन करने की सुविधा प्रदान करना है, जिससे उनका समय और ऊर्जा बचेगी। यह निर्णय कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग (डीओपीटी) में आयोजित एक उच्च स्तरीय बैठक के दौरान लिया गया, जिसकी अध्यक्षता मंत्री जितेंद्र सिंह ने की। उन्होंने भर्ती प्रक्रिया को और अधिक सुचारू और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी नवाचारों को अपनाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
भर्ती प्रक्रिया में सुधार कार्मिक मंत्रालय द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, मंत्री ने अधिकारियों को जल्द से जल्द एक ‘सिंगल जॉब एप्लीकेशन पोर्टल’ विकसित करने का निर्देश दिया, ताकि उम्मीदवारों को अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर आवेदन करने की जरूरत न पड़े। बैठक के बाद पीटीआई से बात करते हुए उन्होंने कहा कि इस योजना पर काम शुरू हो चुका है और इसे तय समय सीमा के भीतर पूरा करने का लक्ष्य है।
Sarkari Naukri Job Portal (सरकारी भर्तियों के लिए होगा एक ही पोर्टल)
मंत्री जितेंद्र सिंह ने हिंदी और अंग्रेजी के अलावा 13 क्षेत्रीय भाषाओं में भर्ती परीक्षा आयोजित करने की पहल की सराहना की। उन्होंने आगे बताया कि सरकार का लक्ष्य संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल सभी 22 भाषाओं में परीक्षा आयोजित करना है। उन्होंने यह भी बताया कि भर्ती प्रक्रिया की अवधि, जो पहले औसतन 15 महीने थी, घटाकर 8 महीने कर दी गई है। आने वाले समय में इसे और अधिक संक्षिप्त और प्रभावी बनाने की योजना है।
मंत्री ने कंप्यूटर आधारित परीक्षाओं के लिए मानक दिशा-निर्देश विकसित करने पर जोर दिया ताकि सभी उम्मीदवारों को समान अवसर मिल सके। इसके अलावा उन्होंने मिशन कर्मयोगी की प्रगति की भी समीक्षा की, जिसके तहत अब तक लगभग 89 लाख सरकारी कर्मचारी (कर्मयोगी) शामिल हो चुके हैं। यह कार्यक्रम सितंबर 2020 में शुरू किया गया था और इसका उद्देश्य सिविल सेवकों के कौशल विकास और दक्षता में सुधार करना है।
बैठक में मंत्री ने सुशासन में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) के प्रभावी उपयोग पर जोर दिया। उन्होंने सीपीजीआरएएमएस 2.0 का उदाहरण दिया, जो एक एआई सक्षम सार्वजनिक शिकायत निवारण प्रणाली है। उन्होंने अधिकारियों को शासन में नवीनतम तकनीकों को अपनाने और अन्य विभागों के लिए सुशासन प्रणाली का एक मॉडल बनाने की दिशा में काम करने का निर्देश दिया।