<
Categories: देश

Exclusive:’नेहरू जी ने मस्जिदों और दरगाहों की मरम्मत सरकारी खर्चे से करवाई’,सोमनाथ मंदिर पर सुधांशु त्रिवेदी का बड़ा बयान

Sudhanshu Trivedi: इंडिया न्यूज पर दिए गए एक इंटरव्यू में बीजेपी सांसद डॉ. सुधांशु त्रिवेदी ने सोमनाथ मंदिर के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक महत्व, सेक्युलरिज़्म की बहस और भारत–पाकिस्तान के बीच हजार साल पुराने संघर्ष पर विस्तार से अपनी बात रखी.

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि जो लोग कहते हैं कि सेक्युलर नेशन होने के कारण नेहरू जी ने देश के राष्ट्रपति को सोमनाथ मंदिर के उद्घाटन में जाने पर आपत्ति जताई थी, तो उन्हें मैं बताना चाहता हूं कि एन.वी गाडगिल नेहरू सरकार में कैबिनेट मंत्री थे. उन्होंने ‘Government From Inside’ नाम की किताब लिखी है, जिसमें उन्होंने साफ-साफ लिखा है कि पीडब्ल्यूडी मंत्री होने के नाते मैंने नेहरू के कहने पर अनेक मस्जिदों और दरगाहों की मरम्मत सरकारी खर्चे से करवाई.

 सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि दरअसल नेहरू जी और कांग्रेस के लोगों ने भारत के संविधान को पार्शियली मुस्लिम कॉन्स्टिट्यूशन बना दिया. पाकिस्तान और बांग्लादेश मुस्लिम देश बने, लेकिन भारत को संविधान के मुताबिक आंशिक मुस्लिम देश बना दिया गया, जिसे अब असलियत में सच्चा धर्मनिरपेक्ष देश बनाया जा रहा है.

नेहरू जी का विरोध मंदिरों से था-सुधांशु त्रिवेदी

सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि नेहरू जी का विरोध मंदिरों से था.17 मार्च 1959 को वे ललित कला अकादमी में एक भाषण देते हैं, जिसमें वे कहते हैं कि जब मैं दक्षिण भारत के मंदिरों में जाता हूं तो मेरी स्पिरिट डिप्रेस्ड महसूस करती है. मैं समझ नहीं पाता कि मेरी स्पिरिट डिप्रेस क्यों हो जाती है. लेकिन वहीं, जब मैं ताजमहल के सामने खड़ा होता हूं, तो मुझे बड़ी ताजगी महसूस होती है. सोमनाथ से लेकर बाबरी तक ये सब हिंदू मंदिरों के विरोध में थे और शरिया, पर्सनल लॉ बोर्ड और मदरसा के पक्ष में थे. तो वे सेक्युलर नहीं थे, इसे सूडो-सेक्युलरिज्म या छद्म धर्म निरपेक्षता कहते हैं. इसलिए मैं कहता हूं कि भारत में सेक्युलरिज्म खतरे में नहीं है, बल्कि सूडो-सेक्युलरिज्म के कारण भारत खतरे में है.

यहां देखें पूरा वीडियो

1951 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के यहां आने पर भी आपत्ति जताई गई- पीएम मोदी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को सोमनाथ मंदिर में पूजा-अर्चना और शौर्य यात्रा निकालने के बाद सोमनाथ स्वाभिमान पर्व में शामिल हुए. पीएम मोदी ने इस बात का जिक्र अपनी स्पीच में किया. पीएम मोदी ने कहा कि जब भारत गुलामी की बेड़ियों से मुक्त हुआ, जब सरदार वल्लभभाई पटेल ने सोमनाथ के पुनर्निमाण की शपथ ली तो उन्हें भी रोकने की कोशिश की गई. 1951 में तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के यहां आने पर भी आपत्ति जताई गई.आज भी हमारे देश में वह ताकतें मौजूद और पूरी तरह सक्रिय हैं जिन्होंने सोमनाथ पुनर्निमाण का विरोध किया. आज तलवारों की जगह दूसरे कुच्छित तरीके से भारत के खिलाफ षड्यंत्र हो रहे हैं इसलिए हमें ज्यादा सावधान रहना है, हमें खुद को शक्तिशाली बनाना है, हमें एकजुट रहना है.”

Divyanshi Singh

दिव्यांशी सिंह उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले की रहने वाली हैं। उन्होंने दिल्ली यूनिवर्सिटी से पत्रकारिता की पढ़ाई की है और पिछले 4 सालों से ज्यादा वक्त से पत्रकारिता के क्षेत्र में हैं। जियो-पॉलिटिक्स और स्पोर्टस में काम करने का लंबा अनुभव है।

Recent Posts

यौन उत्पीड़न का लगा था आरोप, लेकिन फिर खेलेगा क्रिकेट, यूपी क्रिकेट ने दिया NOC

तेज गेंदबाज यश दयाल यूपीटी20 लीग सीजन 3 में वापसी कर सकते हैं. उत्तर प्रदेश…

Last Updated: June 24, 2026 19:11:36 IST

रानी मुखर्जी और वेदांग रैना में क्या है समानता? शरवरी ने खोला दिलचस्प राज

Vedang Raina-Sharvari: इन दिनों शरवरी और वेदांग रैना फिल्म 'मैं वापस आऊंगा' से चर्चा में…

Last Updated: June 24, 2026 17:29:08 IST

42 गेंद पर शतक… श्रीलंका से लौटते ही तिलक वर्मा ने मचाया तहलका, टी20 में चेज किए 259 रन

Tilak Varma Century: भारत के स्टार बल्लेबाज तिलक वर्मा ने श्रीलंका दौरे से लौटते ही…

Last Updated: June 23, 2026 14:45:27 IST

Acid Reflux: रातों की नींद हराम कर सकता है एसिड रिफ्लक्स? जल्द राहत पाने के लिए करें ये 6 आसान उपाय

Acid Reflux: आजकल की भागदौड़ भरी जिंदगी और अनियमित खानपान ने एसिड रिफ्लक्स (GERD) को…

Last Updated: June 22, 2026 16:55:16 IST

NZ से हारते ही इंग्लैंड को याद आए बेन स्टोक्स, सजा खत्म कर सौंपी टीम की कमान, ये खूंखार गेंदबाज भी लौटा

England Cricket Team: दूसरे टेस्ट में न्यूजीलैंड के खिलाफ शर्मनाक हार के बाद बेन स्टोक्स…

Last Updated: June 22, 2026 13:20:39 IST