India News (इंडिया न्यूज), Sushant Singh Rajput Death Case: दिवंगत अभिनेता सुशांत सिंह राजपूत के करीबी दोस्त गणेश हिवारकर ने एक बार फिर सुशांत और उनकी पूर्व मैनेजर दिशा सालियान की मौत को लेकर बड़ा दावा किया है। उनका कहना है कि ये दोनों मौतें महज संयोग नहीं थीं, बल्कि ये हत्याएं थीं, जिन्हें एक गहरी साजिश के तहत अंजाम दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस मामले में कई बड़े नाम शामिल हैं, जिसके कारण अब तक सच को दबाया गया है।
गणेश हिवारकर का कहना है कि दिशा सालियान की मौत 8 जून 2020 को हुई थी, जबकि सुशांत सिंह राजपूत की मौत 14 जून को संदिग्ध परिस्थितियों में हुई थी। इन दोनों मामलों के बीच एक गहरा रहस्य छिपा है, जिसका खुलासा अभी तक नहीं हो पाया है। उन्होंने बताया कि दिशा के पिता ने हाल ही में उनके यूट्यूब चैनल पर आकर अपनी बेटी के लिए न्याय की मांग की थी। इसके बाद उन्होंने अन्य मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी जाकर कोर्ट में याचिका दायर कर जांच की अपील की थी।
Sushant Singh Rajput Death Case
गणेश ने कहा कि जब दिशा की मौत हुई, तो उसके फोन से 100 नंबर पर कॉल की गई, जिससे पता चलता है कि उस समय कुछ गंभीर हुआ था। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने दिशा के फोन की रिकॉर्डिंग ले ली थी, लेकिन बाद में सबूत नष्ट कर दिए गए। इसके अलावा दिशा का पोस्टमार्टम तीन दिन बाद किया गया, जबकि सुशांत का पोस्टमार्टम रात में ही कर दिया गया, जो कानूनी तौर पर गलत है। उन्होंने यह भी दावा किया कि जब से यह मामला सामने आया है, इसे दबाने की कोशिश की जा रही है। उनके मुताबिक इस मामले में कई राजनीतिक और बॉलीवुड के प्रभावशाली लोग शामिल हो सकते हैं। गणेश ने महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री नारायण राणे के बयान का हवाला देते हुए कहा कि आदित्य ठाकरे, सूरज पंचोली और डिनो मौर्य जैसे नामों की जांच होनी चाहिए।
गणेश ने कहा कि सुशांत की मौत के बाद देशभर में उनके लिए न्याय की मांग हो रही थी, लेकिन दिशा सालियान के मामले को ज्यादा तवज्जो नहीं मिली। उन्होंने सवाल उठाया कि दिशा की मौत की जांच को गंभीरता से क्यों नहीं लिया गया? उनका कहना है कि दोनों मौतें जुड़ी हुई थीं और यह महज संयोग नहीं हो सकता। गणेश ने यह भी बताया कि सीबीआई ने इस मामले में क्लोजर रिपोर्ट दे दी है, लेकिन सीबीआई की आधिकारिक वेबसाइट पर इसका कोई जिक्र नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि सुशांत मामले की ठीक से जांच नहीं की गई और कई सवाल अभी भी अनसुलझे हैं। उनके मुताबिक रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मानेशिंदे ने दावा किया था कि सीबीआई की क्लोजर रिपोर्ट आ गई है, लेकिन वह रिपोर्ट अभी तक कोर्ट में जमा नहीं हुई है।
गणेश ने फिर इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच की मांग की और कहा कि सच्चाई सामने आने तक न्याय की लड़ाई जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि अगर इन मौतों का सच सामने आया तो कई बड़े नाम बेनकाब होंगे। उन्होंने सरकार और जांच एजेंसियों से अपील की कि वे इस मामले की नए सिरे से जांच करें, ताकि सुशांत और दिशा को न्याय मिल सके। सुशांत सिंह राजपूत और दिशा सालियान की मौत का रहस्य अभी भी अनसुलझा है, लेकिन गणेश हिवारकर जैसे लोग लगातार इसकी सच्चाई सामने लाने की कोशिश कर रहे हैं। अब देखना यह है कि जांच एजेंसियां इस केस को फिर से खोलेंगी या यह केस सिर्फ इतिहास के पन्नों में दफन होकर रह जाएगा।