Suvendu Adhikari: शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा, 'मुख्यमंत्री ने कहा, यह तो किसी दूसरे देश जैसा है, सेना घुस आई है? क्यों? वह उस रात विरोध प्रदर्शन में नबन्ना में थीं.' शुभेंदु अधिकारी ने पूछा, 'यह कैसी मानसिकता है?
Suvendu Adhikari(Photo credit, ANI)
BJP Suvendu Adhikari: पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पर सेना का अपमान करने का आरोप लगा है. सेना के अपमान के खिलाफ गुरुवार को पूर्व सैन्यकर्मी कोलकाता के मेयो रोड पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं. उन्होंने ममता बनर्जी के बयान पर आपत्ति जताई और उनसे माफ़ी मांगने की मांग की. इस बीच, राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता शुभेंदु अधिकारी सेना के समर्थन में मंच पर पहुँचे। उन्होंने सेना के अपमान पर सवाल उठाया. उन्होंने कहा, “ममता बनर्जी की मानसिकता टुकड़े-टुकड़े गैंग जैसी है.’
बीजेपी नेता ने कहा, “जवान क्यों भागेंगे, वे जवानों को देखते ही डोरीना क्रॉसिंग से भाग गए. चीन हमारे देश की सेना को देखते ही भाग जाता है, पाकिस्तान भी कहीं नहीं टिकता.” शुभेंदु अधिकारी ने आरोप लगाया कि यह पहली बार नहीं है, मुख्यमंत्री पहले भी सेना का अपमान कर चुकी हैं. उन्होंने कहा, “हर घटना में सेना का अपमान हुआ है. अवंतीपोरा में हुए आतंकवादी हमले के बाद, जब हमारी वायुसेना ने घुसकर उन्हें मारा, तब मुख्यमंत्री नबन्ना के गेट के बाहर खड़ी होकर पूछ रही थीं कि सबूत कहाँ हैं?”
शुभेंदु अधिकारी ने एक पुरानी घटना का ज़िक्र करते हुए कहा, “मुख्यमंत्री एक बार पूरी रात नबन्ना में बिताई थीं। उन्होंने आरोप लगाया था कि सेना एक सर्वेक्षण कर रही है. यह सर्वेक्षण सेना द्वारा हर कुछ वर्षों में यह पता लगाने के लिए किया जाता है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख पुलों पर कितने वाहन चलते हैं. वे दूसरे हुगली पुल पर वाहनों की गिनती कर रहे थे। तभी मुख्यमंत्री ने कहा, ‘सेना घुस आई है!'”
शुभेंदु अधिकारी ने आगे कहा, ‘मुख्यमंत्री ने कहा, यह तो किसी दूसरे देश जैसा है, सेना घुस आई है? क्यों? वह उस रात विरोध प्रदर्शन में नबन्ना में थीं.’ शुभेंदु अधिकारी ने पूछा, ‘यह कैसी मानसिकता है? यह देशद्रोहियों की मानसिकता है. फिर उन्होंने शिकायत की, “सीएम की मानसिकता टुकड़े-टुकड़े गैंग जैसी है.’
यह घटना मेयो रोड पर तृणमूल के विरोध प्रदर्शन मंच के आसपास शुरू हुई. तृणमूल ने बंगाली भाषा और बंगालियों पर अत्याचार का आरोप लगाते हुए मेयो रोड पर धरना दिया था, लेकिन पिछले महीने के अंत में सेना ने उस मंच को खोल दिया. सेना के अनुसार, तृणमूल ने दो दिवसीय धरना देने की अनुमति मांगी थी, लेकिन मंच का ढाँचा दिन-ब-दिन बंधा रहा. इसलिए सेना के जवानों ने जाकर मंच के बाँस हटा दिए. खबर मिलते ही मुख्यमंत्री और नेता ममता बनर्जी मौके पर पहुँचीं. उन्होंने कड़ा विरोध जताया.
फिर उन्होंने मंच से कहा, “मुझे देखकर दो सौ जवान फरार हो गए। मैंने पूछा कि आप क्यों भाग रहे हैं? तुमने भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर ऐसा किया। कानून-व्यवस्था स्टेट का मामला है. अगर कोई दिक्क्त थी, तो आप हमें पहले बता सकते थे.” सीएम की इस टिप्पणी पर राजनीतिक बहस छिड़ गई. मामला अदालत भी पहुँचा. पूर्व सैन्यकर्मियों ने मेयो रोड पर धरना देने के लिए अदालत का दरवाजा खटखटाया. आरोप लगाया गया कि प्रशासन और कोलकाता पुलिस उन्हें परमिशन नहीं दे रही है.
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