Vikas Divyakirti: UGC के नए नियमों पर बवाल और SC की रोक के बीच विकास दिव्यकीर्ति का बड़ा बयान. जानें क्यों उन्होंने नए सिस्टम और ओम्बड्समैन को छात्रों के लिए जरूरी बताया है.
विकास दिव्यकीर्ति ने कहा, 'दो-तीन को छोड़कर UGC के नियम बहुत अच्छे हैं, इसकी जरुरत थी'
UGC Act 2026: नए UGC नियमों को लेकर पूरे देश में हंगामा मचा हुआ है. कई यूनिवर्सिटी के स्टूडेंट्स ने केंद्र सरकार से नए UGC नियमों को वापस लेने की मांग की है. कई BJP नेताओं ने तो इस्तीफा भी दे दिया है. इस बीच सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सुनवाई के दौरान इन नियमों पर रोक लगा दी और सरकार और UGC से जवाब मांगा है. ऊंची जाति के समुदायों ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया है. इस बीच जाने-माने टीचर विकास दिव्यकीर्ति का कहना है कि दो-तीन पॉइंट्स को छोड़कर नए UGC नियम काफी अच्छे हैं और ज़रूरी थे.
न्यूज़ एजेंसी ANI से नए UGC नियमों के बारे में बात करते हुए टीचर विकास दिव्यकीर्ति ने कहा, “ये नियम (नए नियम) दो-तीन पॉइंट्स को छोड़कर बहुत अच्छे हैं। ये 2012 के नियमों से कहीं बेहतर हैं। ये ज़रूरी थे; क्योंकि सुप्रीम कोर्ट ने ऐसा कहा था, इसलिए ये ज़रूरी थे. एक टीचर के तौर पर मैं भी कहता हूं कि इनकी ज़रूरत थी.” दिव्यकीर्ति ने आगे कहा कि 2012 के नियम बहुत असरदार नहीं थे, जो सच था. तीन हज़ार संस्थानों में कमेटियां बनाई गईं. एक कमेटी का मतलब एक प्रोफेसर और एक सेल था. तीन हज़ार संस्थानों में पिछले कई सालों में शिकायतों की कुल संख्या 1500 तक भी नहीं पहुंची.
उन्होंने आगे कहा कि उन्हें विश्वास नहीं हो रहा था कि इतनी कम घटनाएं हुईं, लेकिन किसी को उनके बारे में पता नहीं चला. UGC ने कुछ नहीं किया. अपील सिस्टम भी कॉलेज के अंदर ही था, और मामले या तो अंदर ही सुलझा लिए जाते थे या दबा दिए जाते थे. जब सुप्रीम कोर्ट में ये सवाल पूछे गए, तो सरकार के पास कोई जवाब नहीं था. उदाहरण के लिए, एक सवाल था, अगर कोई शिकायत करता है और समाधान से संतुष्ट नहीं है, तो उसे कहां जाना चाहिए? जवाब था कि आप वाइस-चांसलर या यूनिवर्सिटी के हेड के पास जा सकते हैं. नए नियमों में एक अच्छा सिस्टम है: अगर आप कमेटी के फैसले से संतुष्ट नहीं हैं, तो आप ओम्बड्समैन के पास जा सकते हैं, जो एक आज़ाद अथॉरिटी है, यूनिवर्सिटी या कॉलेज का हिस्सा नहीं है. यह बहुत अच्छी बात है. वे 30 दिनों के अंदर समाधान खोजने की कोशिश करेंगे. यह बहुत अच्छी बात है.
नए UGC नियमों पर मचे घमासान के बीच विकास दिव्यकीर्ति ने अपना एक संतुलित पक्ष रखा है. उनके अनुसार, पुराने सिस्टम की विफलता और शिकायतों के दबाए जाने को देखते हुए ये बदलाव अनिवार्य थे. ‘ओम्बड्समैन’ जैसी स्वतंत्र व्यवस्था छात्रों को निष्पक्ष न्याय दिलाने में मील का पत्थर साबित हो सकती है.
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